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झांसी का हाल : अस्पतालों में जगह नहीं, आइसोलेशन कोच पड़े हैं खाली
Fri, 07 May 2021 02:49 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 07 May 2021 02:49 AM IST
सार
- पिछले साल भी नहीं हो सका था कोच का प्रयोग
- रेलवे कोच में करवा रहा सफाई और सैनिटाइजेशन
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आइसोलेशन कोच
- फोटो : ANI
विस्तार
एक ओर कोरोना संक्रमण बढ़ने के चलते अस्पतालों में जगह नहीं है। बेड के लिए मरीज अस्पतालों के बाहर पड़े हुए हैं। उधर, रेलवे द्वारा तैयार किए गए आइसोलेशन कोच खाली पड़े हुए हैं। इन कोचों का अब तक कोई उपयोग नहीं किया जा सका है। रेलवे की ओर से लगातार कोचों में सफाई और सैनिटाइजेशन करवाया जा रहा है।
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पिछले साल महानगर में कोरोना संक्रमण बढ़ने के बाद झांसी मंडल ने 70 आइसोलेशन कोच तैयार किए थे। पूरे साल इन कोचों का कोई उपयोग नहीं किया जा सका। बीच में हालात सामान्य हुए, तो रेलवे ने कोच हटवाकर ट्रेनों में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। पिछले महीने जब संक्रमण ने रफ्तार पकड़ी, तो मंडल ने फिर से 20 आइसोलेशन कोच तैयार किए।
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इनमें से 10 कोच ग्वालियर भेजे गए हैं। जबकि 10 कोच झांसी स्टेशन पर खड़े हुए हैं। मौजूदा समय में लोगों को अस्पताल में बेड नहीं मिल पा रहे हैं, लेकिन स्टेशन पर 160 बेड वाले कोच खाली खड़े हुए हैं। रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि कोच का उपयोग राज्य सरकार के निर्देशन में प्रशासन को करना है। कोच तैयार होने की सूचना प्रशासन को दे दी गई है।
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एक कोच पर खर्च हुए 77 हजार रुपये
रेलवे ने पिछले साल एक कोच का निर्माण करने पर 77 हजार रुपये खर्च किए थे। पिछले साल भी यह कोच किसी काम नहीं आ सके। इस बार भी ऐसा ही होने की संभावनाएं हैं। कोच में संक्रमित मरीजों के लिए तमाम सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं।
आइसोलेशन कोच में प्रतिदिन सफाई और सैनिटाइजेशन किया जा रहा है। जिला प्रशासन की मांग के आधार पर मरीजों को इसमें शिफ़्ट किया जाएगा।
- मनोज कुमार सिंह, पीआरओ