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Jhansi: जीएसटी में पकड़ी गड़बड़ी...रडार पर 3,700 व्यापारी, राज्य कर विभाग ने फर्मों को थमाया नोटिस
Sun, 13 Sep 2026 07:46 PM IST
दीपक महाजन
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Sun, 13 Sep 2026 07:46 PM IST
सार
विभाग ने वर्ष 2022-23 के इंटिमेशन नोटिस धारा 61 के संबंध में कार्रवाई कर जांच में संदिग्ध पाए गए इन व्यापारियों को ये नोटिस जारी किए हैं। इन सभी व्यापारियों को 30 सितंबर तक अपना जवाब दाखिल करना अनिवार्य है।
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जीएसटी चोरी
- फोटो : सांकेतिक
विस्तार
राज्य कर विभाग ने जीएसटी से संबंधित जांच में 3,700 व्यापारियों और उनकी फर्म की गड़बड़ी पकड़ी है। विभाग ने वर्ष 2022-23 के इंटिमेशन नोटिस धारा 61 के संबंध में कार्रवाई कर जांच में संदिग्ध पाए गए इन व्यापारियों को ये नोटिस जारी किए हैं। इन सभी व्यापारियों को 30 सितंबर तक अपना जवाब दाखिल करना अनिवार्य है। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो व्यापारियों और उनकी फर्म पर कार्रवाई की जाएगी।
निर्धारित समय-सीमा में जवाब न देने पर विभाग धारा 73 के तहत अगली कार्रवाई करेगा और नोटिस जारी करेगा। इससे व्यापारियों में हड़कंप मचा हुआ है। राज्य कर विभाग के अपर आयुक्त ग्रेड-वन डी के सचान ने बताया कि रजिस्टर्ड व्यापारी फर्म मासिक व त्रिमासिक रिटर्न दाखिल कर कारोबार की जानकारी देते हैं। विभाग इन दस्तावेज के आधार पर रिटर्न की समीक्षा करता है। साल 2022-23 में जीएसटी परिक्षेत्र के सातों जिलों की छानबीन हुई। इसमें करीब 3,700 व्यापारी फर्म को धारा 61 के नोटिस दिए गए। एक माह के अंदर अमल न करने पर 15 प्रतिशत जुर्माने के साथ कर वसूली की जाएगी। सभी नोटिस ऑनलाइन जारी हुए हैं और जवाब भी ऑनलाइन ही देना है। कार्यालय आने की कोई आवश्यकता नहीं है।
इंटिमेशन नोटिस धारा 61 क्या है
राज्य कर विभाग धारा 61 का इंटिमेशन नोटिस रजिस्टर्ड व्यापारियों को देता है। यह तब दिया जाता है जब उनके दाखिल किए गए जीएसटी रिटर्न में कोई विसंगति, गलती या अंतर पाया जाता है। जीएसटी अधिकारी डाटा की जांच करते समय गड़बड़ी पकड़ते हैं। वे फॉर्म जीएसटी एएसएमटी-10 के जरिये यह इंटिमेशन नोटिस जारी करते हैं।
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धारा 73 क्या है
राज्य कर विभाग की धारा 73 का नोटिस उन व्यापारी फर्मों या करदाताओं को दिया जाता है। यह उन मामलों में होता है, जब अनजाने में हुई गलती, भूल या अंतर के कारण कर का भुगतान नहीं किया गया हो। इसमें कम भुगतान, गलत रिफंड लेना या गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा करना शामिल है।
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निर्धारित समय-सीमा में जवाब न देने पर विभाग धारा 73 के तहत अगली कार्रवाई करेगा और नोटिस जारी करेगा। इससे व्यापारियों में हड़कंप मचा हुआ है। राज्य कर विभाग के अपर आयुक्त ग्रेड-वन डी के सचान ने बताया कि रजिस्टर्ड व्यापारी फर्म मासिक व त्रिमासिक रिटर्न दाखिल कर कारोबार की जानकारी देते हैं। विभाग इन दस्तावेज के आधार पर रिटर्न की समीक्षा करता है। साल 2022-23 में जीएसटी परिक्षेत्र के सातों जिलों की छानबीन हुई। इसमें करीब 3,700 व्यापारी फर्म को धारा 61 के नोटिस दिए गए। एक माह के अंदर अमल न करने पर 15 प्रतिशत जुर्माने के साथ कर वसूली की जाएगी। सभी नोटिस ऑनलाइन जारी हुए हैं और जवाब भी ऑनलाइन ही देना है। कार्यालय आने की कोई आवश्यकता नहीं है।
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इंटिमेशन नोटिस धारा 61 क्या है
राज्य कर विभाग धारा 61 का इंटिमेशन नोटिस रजिस्टर्ड व्यापारियों को देता है। यह तब दिया जाता है जब उनके दाखिल किए गए जीएसटी रिटर्न में कोई विसंगति, गलती या अंतर पाया जाता है। जीएसटी अधिकारी डाटा की जांच करते समय गड़बड़ी पकड़ते हैं। वे फॉर्म जीएसटी एएसएमटी-10 के जरिये यह इंटिमेशन नोटिस जारी करते हैं।
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धारा 73 क्या है
राज्य कर विभाग की धारा 73 का नोटिस उन व्यापारी फर्मों या करदाताओं को दिया जाता है। यह उन मामलों में होता है, जब अनजाने में हुई गलती, भूल या अंतर के कारण कर का भुगतान नहीं किया गया हो। इसमें कम भुगतान, गलत रिफंड लेना या गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा करना शामिल है।