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Jhansi: वारंटी खत्म होने के बाद भी बेचा इन्वर्टर, अब देनी होगी मय ब्याज के राशि
Sat, 07 Feb 2026 12:13 PM IST
दीपक महाजन
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Sat, 07 Feb 2026 12:13 PM IST
सार
उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने विक्रेता को मय ब्याज के मूल राशि, वाद व्यय व मानसिक कष्ट की राशि देने का आदेश दिया।
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उपभोक्ता न्यायालय, झांसी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
विक्रेता ने चिकित्सक को ऐसा इन्वर्टर बेच दिया जिसकी वारंटी पहले ही खत्म हो चुकी थी। मामला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में पहुंचा। आयोग ने विक्रेता को मय ब्याज के मूल राशि, वाद व्यय व मानसिक कष्ट की राशि देने का आदेश दिया।
उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में 24 सितंबर 2025 को अधिवक्ता के माध्यम से डॉ. अनुराग गुप्ता ने संतोष भंडार सदर बाजार के खिलाफ परिवाद दायर किया था। बताया था कि उन्होंने 21 अप्रैल 2025 को 1.75 लाख रुपये में इस दुकान से इन्वर्टर खरीदा था। इसे मेसर्स लिवगार्ड गुड़गांव (हरियाणा) ने बनाया था। इन्वर्टर जल्द ही खराब हो गया। उसे दुकानदार से वापस करने को कहा। जब रिकॉर्ड देखा गया तो पता चला कि उसकी वारंटी जनवरी 2025 तक ही थी। यानी दुकानदार ने वारंटी निकल जाने के बाद इन्वर्टर चिकित्सक को बेचा था। इससे पहले उसी इन्वर्टर को किसी अन्य ग्राहक को बेचा गया था। आयोग के अध्यक्ष अमर पाल सिंह, सदस्यगण ज्योति प्रभा जैन ने विक्रेता को नवंबर 2025 से भुगतान होने तक इन्वर्टर की मूल कीमत 1.56 लाख रुपये मय ब्याज के वापस करने का आदेश दिया। मानसिक कष्ट के रूप में 20 हजार रुपये व वाद व्यय की राशि देने का भी आदेश में जिक्र किया है।
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उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में 24 सितंबर 2025 को अधिवक्ता के माध्यम से डॉ. अनुराग गुप्ता ने संतोष भंडार सदर बाजार के खिलाफ परिवाद दायर किया था। बताया था कि उन्होंने 21 अप्रैल 2025 को 1.75 लाख रुपये में इस दुकान से इन्वर्टर खरीदा था। इसे मेसर्स लिवगार्ड गुड़गांव (हरियाणा) ने बनाया था। इन्वर्टर जल्द ही खराब हो गया। उसे दुकानदार से वापस करने को कहा। जब रिकॉर्ड देखा गया तो पता चला कि उसकी वारंटी जनवरी 2025 तक ही थी। यानी दुकानदार ने वारंटी निकल जाने के बाद इन्वर्टर चिकित्सक को बेचा था। इससे पहले उसी इन्वर्टर को किसी अन्य ग्राहक को बेचा गया था। आयोग के अध्यक्ष अमर पाल सिंह, सदस्यगण ज्योति प्रभा जैन ने विक्रेता को नवंबर 2025 से भुगतान होने तक इन्वर्टर की मूल कीमत 1.56 लाख रुपये मय ब्याज के वापस करने का आदेश दिया। मानसिक कष्ट के रूप में 20 हजार रुपये व वाद व्यय की राशि देने का भी आदेश में जिक्र किया है।
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