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Jhansi: बीमा पॉलिसी की आड़ में फर्जीवाड़ा कर लगाई 48 लाख की चपत, सेवानिवृत्त रेल कर्मचारी ने दर्ज कराई रिपोर्ट

Wed, 01 Oct 2025 10:16 AM IST
दीपक महाजन अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी Published by: दीपक महाजन Updated Wed, 01 Oct 2025 10:16 AM IST
सार

पुलिस को छानबीन में मालूम चला कि विकास काफी शातिर है। शेयर बाजार में ट्रेडिंग के दौरान कई लाख रुपये हारने के बाद उसने बीमा पॉलिसी कराने वालों के साथ फर्जीवाड़ा करना शुरू कर दिया।

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Jhansi: Fraudulently defrauded of Rs 48 lakh under the guise of insurance policy
सदर बाजार, थाना - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एक प्राइवेट बीमा कंपनी में काम करने वाले एजेंट ने जालसाजी करके बीमा कराने वालों को 48 लाख की चपत लगा दी। फर्जीवाड़ा का पता लगने पर बीमा कराने वालों के होश उड़ गए। इनमें अधिकांश बुजुर्ग हैं। रेलवे के सेवानिवृत्त कर्मचारी ने सदर बाजार थाने में जालसाज एजेंट केे खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।  
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शिवाजी नगर निवासी दयाराम कुशवाहा ने पुलिस को बताया कि कुछ साल पहले वह रेलवे से सेवानिवृत्त हुए हैं। उन्होंने सदर बाजार स्थित पीएनबी बैंक में अपना एवं पत्नी के नाम से एफडी करा रखी है। उसके परिपक्व होने पर पैसा लेने गए थे। उस दौरान वहां मौजूद प्राइवेट एजेंट अशोक संफ्रान सिटी निवासी विकास मिला। उसने पीएनबी मेटलाइफ की विभिन्न योजनाओं में पैसा लगाने का झांसा दिया। उसकी बात में आकर दयाराम ने बैंक में जमा अपनी दूसरी एफडी भी तुड़वा दी और उसे 18 लाख रुपये का चेक थमा दिया। विकास ने बताया कि उनका पैसा मेटलाइफ के कैपिटल गारंटी फिक्स प्लान में लगाया जाएगा। कुछ महीनों के बाद ही दयाराम अपने प्लान का पता लगाने बैंक जा पहुंचे। वहां मालूम चला कि इस नाम से मेट लाइफ की कोई बीमा स्कीम ही नहीं है। यह सुनकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने दूसरे स्थान पर पता लगाया।
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पड़ताल करने पर विकास के फर्जीवाड़ा का पता चला। विकास पहले भी लोगों को अपना शिकार बना चुका। वह तालपुरा निवासी सलीम बेग से 14.60 लाख, हंसारी निवासी मुरली शांता कुमार से 15 लाख रुपये एवं इमामबाड़ा निवासी नाहिद खान एवं उनकी पुत्री से एक लाख रुपये हड़प चुका। धोखाधड़ी का पता चलने पर दयाराम सदर बाजार थाने जा पहुंचे। उन्होंने पुलिस को बताया कि विकास अभी भी कोतवाली इलाके में स्थित पीएनबी बैंक में काम कर रहा है। थानाध्यक्ष प्रकाश सिंह के मुताबिक दयाराम की तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। बैंक से संपर्क करके जानकारी जुटाई जा रही है।
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झांसा देकर अपने नाम से बनवाता था चेक

पुलिस को छानबीन में मालूम चला कि विकास काफी शातिर है। शेयर बाजार में ट्रेडिंग के दौरान कई लाख रुपये हारने के बाद उसने बीमा पॉलिसी कराने वालों के साथ फर्जीवाड़ा करना शुरू कर दिया। कई लोगों को वह अपना निशाना बना चुका। बीमा कराने के लिए आने वालों को फर्जी बीमा स्कीम बताकर उनको मुनाफा होने का लालच देता था। ग्राहक के राजी हो जाने पर जीएसटी आदि की बचत करा देने के नाम पर अपने नाम से चेक बनवा लेता था। इसके बाद चेक अपने निजी खाते में लगाकर पूरा पैसा निकाल लेता था। ग्राहक को फर्जी बीमा के प्रिंटेड कागज थमा देता था। इसकी परिपक्वता अवधि दो से ढाई साल बताता था लेकिन, पहले ही भंडा फूट गया।
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