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Jhansi: अफसरों के बैंक लॉकर से नकदी व जेवरात निकाल ले गए परिजन, सीबीआई के पहुंचने से पहले ही खंगाले
Wed, 07 Jan 2026 08:07 AM IST
दीपक महाजन
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Wed, 07 Jan 2026 08:07 AM IST
सार
सीजीएसटी अफसरों की गिरफ्तारी के बाद उनके परिजन सक्रिय हो गए। सीबीआई के पहुंचने से पहले ही उन लोगों ने साझा संचालन वाले लॉकर खोलकर नकदी एवं गहने निकाल लिए।
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सीबीआई।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सीजीएसटी अफसरों की गिरफ्तारी के बाद उनके परिजन सक्रिय हो गए। सीबीआई के पहुंचने से पहले ही उन लोगों ने साझा संचालन वाले लॉकर खोलकर नकदी एवं गहने निकाल लिए। दूसरी बार छानबीन के लिए सीबीआई टीम के झांसी पहुंचने पर यह बात सामने आई। इस वजह से अजय शर्मा के सिर्फ एक लॉकर से ही गहने बरामद हो सके जबकि प्रभा भंडारी एवं अनिल तिवारी के सभी बैंक खातों के बारे में अभी पता नहीं चल सका है। सीबीआई उनकी बेनामी संपत्तियों को भी खंगाल रही है।
कर चोरी के मामलों को निपटाने में करोड़ों रुपये की रिश्वत ले रहे सीजीएसटी अफसरों के बारे में सीबीआई को यकीन है कि इन्होंने मोटी रकम जमीन, सोना एवं शेयर मार्केट में निवेश किया है। सीबीआई इनके आर्थिक साम्राज्य का पता लगा रही है। अभी तक अनिल तिवारी की पत्नी एवं भाई के नाम जमीन में करोड़ों रुपये लगाने के सुबूत हाथ आए हैं लेकिन प्रभा भंडारी एवं अनिल के बैंक खातों एवं लॉकर की पुख्ता जानकारी नहीं मिल सकी। अजय शर्मा के तीन बैंक लॉकर के बारे में मालूम चला। इंडियन बैंक में सीबीआई टीम के पहुंचने से पहले ही उसे खोलकर जेवरात एवं नकदी निकाल ली गई जबकि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया स्थित लॉकर में सीबीआई टीम जा पहुंची। वहां से 1.07 करोड़ रुपये के गहने समेत सोने की ईंट बरामद हुई। अभी तक छानबीन में यह बात मालूम चली कि अनिल के प्राइवेट बैंक में खाते हैं। कुछ का संचालन साझा होता है। ऐसे में अनिल की गिरफ्तारी के बाद इस लॉकर से भी पैसों एवं जेवरात की निकासी हुई।
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कर चोरी के मामलों को निपटाने में करोड़ों रुपये की रिश्वत ले रहे सीजीएसटी अफसरों के बारे में सीबीआई को यकीन है कि इन्होंने मोटी रकम जमीन, सोना एवं शेयर मार्केट में निवेश किया है। सीबीआई इनके आर्थिक साम्राज्य का पता लगा रही है। अभी तक अनिल तिवारी की पत्नी एवं भाई के नाम जमीन में करोड़ों रुपये लगाने के सुबूत हाथ आए हैं लेकिन प्रभा भंडारी एवं अनिल के बैंक खातों एवं लॉकर की पुख्ता जानकारी नहीं मिल सकी। अजय शर्मा के तीन बैंक लॉकर के बारे में मालूम चला। इंडियन बैंक में सीबीआई टीम के पहुंचने से पहले ही उसे खोलकर जेवरात एवं नकदी निकाल ली गई जबकि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया स्थित लॉकर में सीबीआई टीम जा पहुंची। वहां से 1.07 करोड़ रुपये के गहने समेत सोने की ईंट बरामद हुई। अभी तक छानबीन में यह बात मालूम चली कि अनिल के प्राइवेट बैंक में खाते हैं। कुछ का संचालन साझा होता है। ऐसे में अनिल की गिरफ्तारी के बाद इस लॉकर से भी पैसों एवं जेवरात की निकासी हुई।
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