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कर्ज से परेशान एमआर ने जहर निगलकर दी जान: पीएम आवासीय योजना में नाम होने के बावजूद पैसा न मिलने पर लिया था
Mon, 17 Nov 2025 06:47 AM IST
दीपक महाजन
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Mon, 17 Nov 2025 06:47 AM IST
सार
जितेंद्र ने ही जहर निगल लेने की बात बताई। यह सुनकर परिवार के लोग घबरा उठे। रात में उसे मेडिकल अस्पताल लेकर पहुंचे। डाॅक्टरों ने भी उसके जहर निगलने की पुष्टि की। परिवार में पत्नी रोशनी समेत सात साल का बेटा यश एवं पांच साल का कान्हा हैं।
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कर्ज से परेशान होकर निगला जहर
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विस्तार
सदर बाजार के भट्टा गांव निवासी जितेंद्र कुमार श्रीवास (36) ने कर्ज से परेशान होकर जहर निगल लिया। उसे अचेत हाल में मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार सुबह उसकी मौत हो गई।
जितेंद्र के परिजनों ने बताया कि वह एक दवा कंपनी में एमआर (मेडिकल रिप्रजेंटेटिव) था। जितेंद्र ने दो साल पहले प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवेदन किया था। सूची में जितेंद्र का नाम था लेकिन, पैसों की किस्त नहीं आई। जितेंद्र ने देरी होते देख अपने जानने वालों से कर्ज ले लिया। कुछ पैसा उसने समूह से भी उधार ले लिया था। करीब तीन लाख रुपये का कर्ज हो गया था। यह पैसा जितेंद्र चुका नहीं पा रहा था। जिनसे उसने कर्ज लिया था, वह पैसा वापस मांगने लगे। रोजाना तकादा होने से जितेंद्र परेशान हो गया।
शनिवार को वह काफी देर से घर आया। इसके बाद अपने कमरे में चला गया। जब परिजन कमरे में पहुंचे तब उसकी तबीयत खराब थी। जितेंद्र ने ही जहर निगल लेने की बात बताई। यह सुनकर परिवार के लोग घबरा उठे। रात में उसे मेडिकल अस्पताल लेकर पहुंचे। डाॅक्टरों ने भी उसके जहर निगलने की पुष्टि की। परिवार में पत्नी रोशनी समेत सात साल का बेटा यश एवं पांच साल का कान्हा हैं।
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जितेंद्र के परिजनों ने बताया कि वह एक दवा कंपनी में एमआर (मेडिकल रिप्रजेंटेटिव) था। जितेंद्र ने दो साल पहले प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवेदन किया था। सूची में जितेंद्र का नाम था लेकिन, पैसों की किस्त नहीं आई। जितेंद्र ने देरी होते देख अपने जानने वालों से कर्ज ले लिया। कुछ पैसा उसने समूह से भी उधार ले लिया था। करीब तीन लाख रुपये का कर्ज हो गया था। यह पैसा जितेंद्र चुका नहीं पा रहा था। जिनसे उसने कर्ज लिया था, वह पैसा वापस मांगने लगे। रोजाना तकादा होने से जितेंद्र परेशान हो गया।
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शनिवार को वह काफी देर से घर आया। इसके बाद अपने कमरे में चला गया। जब परिजन कमरे में पहुंचे तब उसकी तबीयत खराब थी। जितेंद्र ने ही जहर निगल लेने की बात बताई। यह सुनकर परिवार के लोग घबरा उठे। रात में उसे मेडिकल अस्पताल लेकर पहुंचे। डाॅक्टरों ने भी उसके जहर निगलने की पुष्टि की। परिवार में पत्नी रोशनी समेत सात साल का बेटा यश एवं पांच साल का कान्हा हैं।
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