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Jhansi: विवादों वाले गुवाहटी भ्रमण पर पार्षदों की चुप्पी, दो महीने बाद भी नहीं मांगी दूसरी किस्त

Wed, 10 Jun 2026 12:28 PM IST
दीपक महाजन अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी Published by: दीपक महाजन Updated Wed, 10 Jun 2026 12:28 PM IST
सार

अब तक नगर निगम प्रशासन से दूसरी किस्त के भुगतान की मांग किसी भी पार्षद ने नहीं की है। सामान्य तौर पर भ्रमण कर आने एक सप्ताह के अंदर ट्रैवल एजेंसी को भुगतान के लिए प्रत्यावेदन पहुंच जाता है।
 

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Jhansi: Councilors remain silent on the controversial Guwahati trip
नगर निगम, झांसी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गुवाहटी भ्रमण से लौटने के दो महीने बाद भी पार्षदों ने चुप्पी साध रखी है। अब तक नगर निगम प्रशासन से दूसरी किस्त के भुगतान की मांग किसी भी पार्षद ने नहीं की है। सामान्य तौर पर भ्रमण कर आने एक सप्ताह के अंदर ट्रैवल एजेंसी को भुगतान के लिए प्रत्यावेदन पहुंच जाता है।
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हर साल पार्षदों का अलग-अलग दल देश के विभिन्न राज्यों में शैक्षणिक भ्रमण पर जाता है। इसके लिए नगर निगम में 40 लाख रुपये का वार्षिक बजट भी तय है। बीते मार्च में नौ पार्षदों के दल की गुवाहटी जाने की फाइल स्वीकृत हुई थी। बताया गया कि प्रत्येक पार्षद पर करीब 90 हजार रुपये व्यय होने का पैकेज तय हुआ था। ऐसे में पैकेज का 50 प्रतिशत भुगतान नगर निगम प्रशासन की ओर से पहले ही ट्रैवल एजेंसी को कर दिया गया था। इस हिसाब से लगभग चार लाख रुपये अग्रिम दिए गए। पार्षदों का दल 29 मार्च को वंदे भारत ट्रेन से झांसी से नई दिल्ली के लिए रवाना हुआ, जहां से वे फ्लाइट से गुवाहटी पहुंचे। हालांकि, टूर पर केवल पांच पार्षद ही गए। जबकि एक पार्षद ने नगर आयुक्त को पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए भ्रमण पर जाने से असमर्थता जता दी थी।
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दल में शामिल तीन अन्य पार्षद भी शैक्षणिक भ्रमण पर नहीं गए लेकिन इन्होंने निगम प्रशासन को कोई आधिकारिक सूचना भी नहीं दी है। भ्रमण के बीच में ही ये सूचना लीक हो गई। अमर उजाला ने इस मामले को बीते एक अप्रैल के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित भी किया था। अप्रैल के पहले सप्ताह में ही पार्षदों का दल गुवाहटी से झांसी लौट आया था। उसके बाद से अब तक किसी ने भी दूसरी किस्त के भुगतान के लिए आवेदन नहीं किया है। जबकि, सभी पार्षदों को मिलाकर दूसरी किस्त का पैसा करीब चार लाख रुपये है।
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बोर्डिंग पास से लेकर, भ्रमण की फोटो भी लगानी पड़ती
पार्षदों को भ्रमण से लौटने के बाद टिक, बोर्डिंग पास से लेकर भ्रमण की फोटो तक लगानी पड़ती है। इसके अलावा भ्रमण के दौरान का अनुभव भी लिखकर देना पड़ता है, ताकि वहां की बेहतर गतिविधियों को झांसी नगर निगम भी लागू कर सके। दूसरी किस्त की मांग न करने के पीछे बोर्डिंग पास और भ्रमण की फोटो को ही अहम पेच बताया जा रहा है।


इनका यह है कहना
गुवाहटी भ्रमण पर गए दल की ओर से दूसरी किस्त के भुगतान की मांग नहीं की गई है। मांग आते ही नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। - आकांक्षा राणा, नगर आयुक्त।
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