{"_id":"6abfc03a6e5efa0b510eb524","slug":"jhansi-chinmayanand-bapu-lashes-out-at-the-censor-board-2026-10-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi: सेंसर बोर्ड पर भड़के चिन्मयानंद बापू, कहा- ओटीटी पर परोसे जा रहे दृश्य शर्मनाक, अंकुश लगाए सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi: सेंसर बोर्ड पर भड़के चिन्मयानंद बापू, कहा- ओटीटी पर परोसे जा रहे दृश्य शर्मनाक, अंकुश लगाए सरकार
Fri, 02 Oct 2026 08:02 PM IST
दीपक महाजन
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Fri, 02 Oct 2026 08:02 PM IST
सार
चिन्मयानंद बापू ने कहा आजकल ओटीटी और अन्य माध्यमों पर ऐसे दृश्य परोसे जा रहे हैं, जो भारतीय समाज और संस्कृति के लिए शर्मनाक हैं। ऐसे कंटेंट पर अंकुश लगाने के लिए सरकार को सेंसर बोर्ड पर शिकंजा कसना चाहिए।
विज्ञापन
कथा वाचक संत चिन्मयानंद बापू।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
संत समागम में शामिल होने झांसी आए कथा वाचक संत चिन्मयानंद बापू ने कहा कि युवाओं के मन पर दृश्यों का सबसे अधिक प्रभाव पड़ता है। आजकल ओटीटी और अन्य माध्यमों पर ऐसे दृश्य परोसे जा रहे हैं, जो भारतीय समाज और संस्कृति के लिए शर्मनाक हैं। ऐसे कंटेंट पर अंकुश लगाने के लिए सरकार को सेंसर बोर्ड पर शिकंजा कसना चाहिए।
चिन्मयानंद बापू ने कहा कि सरकार का दायित्व है कि वह राष्ट्र पर हर तरह से नजर रखे। सेंसर बोर्ड की नियमावली कहां गई? एक तरफ सेंसर बोर्ड को खुली छूट दी जा रही है और दूसरी ओर धर्म को दोष दिया जाता है। उन्होंने कहा कि धर्म के कारण ही भारत में आज भी संस्कार जीवित हैं। धर्म न होता तो भारत कब का लंदन जैसा हो गया होता या इससे भी गर्त में चला गया होता। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकारों से सेंसर बोर्ड की कार्यप्रणाली को और सख्त करने की मांग की। कहा कि वर्तमान में जिस तरह की सामग्री को अनुमति दी जा रही है, उससे समाज में आपत्तिजनक दृश्यों का चलन और बढ़ सकता है।
इंटरनेट की मर्यादा सीखना जरूरी
चिन्मयानंद बापू ने कहा कि हमने इंटरनेट के इस्तेमाल की मर्यादा अभी नहीं सीखी है। विदेशों में बच्चों के लिए चाइल्ड लॉक जैसी व्यवस्थाएं हैं। उन्होंने कहा कि यह काम साधु-संतों का नहीं, बल्कि सरकारों का है। बच्चों को आपत्तिजनक सामग्री से बचाने के लिए चाइल्ड लॉक जैसी व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू की जानी चाहिए। 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए आयु प्रमाणन की व्यवस्था पर भी विचार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इंटरनेट और मोबाइल की खुली पहुंच से बच्चों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए मोबाइल देने के लिए भी नियमावली और तौर-तरीकों पर विचार आवश्यक है।
विज्ञापन
गो संरक्षण में समाज भी आगे आए
गो संरक्षण के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह केवल सरकार या संतों की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को आगे आना होगा। गाय के संरक्षण को सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में देखने की आवश्यकता है।
वीडियो...चिन्मयानंद बापू
विज्ञापन
चिन्मयानंद बापू ने कहा कि सरकार का दायित्व है कि वह राष्ट्र पर हर तरह से नजर रखे। सेंसर बोर्ड की नियमावली कहां गई? एक तरफ सेंसर बोर्ड को खुली छूट दी जा रही है और दूसरी ओर धर्म को दोष दिया जाता है। उन्होंने कहा कि धर्म के कारण ही भारत में आज भी संस्कार जीवित हैं। धर्म न होता तो भारत कब का लंदन जैसा हो गया होता या इससे भी गर्त में चला गया होता। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकारों से सेंसर बोर्ड की कार्यप्रणाली को और सख्त करने की मांग की। कहा कि वर्तमान में जिस तरह की सामग्री को अनुमति दी जा रही है, उससे समाज में आपत्तिजनक दृश्यों का चलन और बढ़ सकता है।
विज्ञापन
इंटरनेट की मर्यादा सीखना जरूरी
चिन्मयानंद बापू ने कहा कि हमने इंटरनेट के इस्तेमाल की मर्यादा अभी नहीं सीखी है। विदेशों में बच्चों के लिए चाइल्ड लॉक जैसी व्यवस्थाएं हैं। उन्होंने कहा कि यह काम साधु-संतों का नहीं, बल्कि सरकारों का है। बच्चों को आपत्तिजनक सामग्री से बचाने के लिए चाइल्ड लॉक जैसी व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू की जानी चाहिए। 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए आयु प्रमाणन की व्यवस्था पर भी विचार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इंटरनेट और मोबाइल की खुली पहुंच से बच्चों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए मोबाइल देने के लिए भी नियमावली और तौर-तरीकों पर विचार आवश्यक है।
विज्ञापन
गो संरक्षण में समाज भी आगे आए
गो संरक्षण के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह केवल सरकार या संतों की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को आगे आना होगा। गाय के संरक्षण को सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में देखने की आवश्यकता है।
वीडियो...चिन्मयानंद बापू
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन