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Jhansi: जेई व पुलिसकर्मी समेत सात पर मुकदमा, कनेक्शन देने में लापरवाही बरतने पर कोर्ट ने दिया आदेश
Sun, 07 Sep 2025 06:43 AM IST
दीपक महाजन
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Sun, 07 Sep 2025 06:43 AM IST
सार
एसपी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह के मुताबिक, अधीक्षण अभियंता की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करके मामले की जांच शुरू करा दी गई है।
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कोर्ट का फैसला
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
विस्तार
विद्युत कनेक्शन देने में लापरवाही एवं उपभोक्ता के उत्पीड़न की शिकायत सही मिलने के बाद कोर्ट के आदेश पर अधीक्षण अभियंता एनुल हुदा ने रक्सा उपकेंद्र में तैनात रहे दो अवर अभियंता सुरेंद्र सिंह, पवन कुमार आर्य और तीन पुलिसकर्मियों समेत सात के खिलाफ झूठे साक्ष्य देने एवं लापरवाही के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई है। सात साल से यह मामला कोर्ट में था।
कोर्ट ने उपभोक्ता को सही ठहराते हुए बिजली अभियंता एवं प्रवर्तन दल को दोषी बताया था। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है।अधीक्षण अभियंता ने तहरीर के जरिये पुलिस को बताया कि 10 मार्च 2018 को रक्सा विद्युत उपकेंद्र में तैनात तत्कालीन अवर अभियंता सुरेंद्र सिंह ने प्रवर्तन प्रभारी पवन कुमार के साथ चेकिंग करते हुए उपभोक्ता आरती तिवारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसके खिलाफ उपभोक्ता ने अपर सत्र न्यायाधीश (आवश्यक वस्तु अधिनियम) कोर्ट में बताया कि उन्होंने दो किलोवाट का स्थायी विद्युत संयोजन का आवेदन किया था। एसडीओ ने पूरा बिल जमा कराकर नए विद्युत कनेक्शन के लिए अवर अभियंता सुरेंद्र सिंह को निर्देश दे दिए लेकिन अवर अभियंता ने जानबूझकर परेशान करने के लिए उसे कनेक्शन नहीं दिया। उनका प्रकरण लंबित रखा। इसके बाद उसके प्रवर्तन दल के साथ मिलकर छापा मारा और उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी।
इन पर हुई एफआईआर
सात साल चले इस मामले में कोर्ट ने मई में उपभोक्ता को सही मानते हुए अवर अभियंता सुरेंद्र सिंह, प्रवर्तन प्रभारी पवन कुमार निवासी कृष्णा नगर लखनऊ उत्तरी, आरक्षी योगेश प्रताप सिंह निवासी हमीरपुर, आरक्षी उमेश कुमार निवासी बसेहर, इटावा, आरक्षी सचिन कुमार निवासी कुरारा हमीरपुर के अलावा छेदीलाल एवं अजय कुमार निवासी रक्सा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए। एसपी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह के मुताबिक, अधीक्षण अभियंता की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करके मामले की जांच शुरू करा दी गई है।
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कोर्ट ने उपभोक्ता को सही ठहराते हुए बिजली अभियंता एवं प्रवर्तन दल को दोषी बताया था। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है।अधीक्षण अभियंता ने तहरीर के जरिये पुलिस को बताया कि 10 मार्च 2018 को रक्सा विद्युत उपकेंद्र में तैनात तत्कालीन अवर अभियंता सुरेंद्र सिंह ने प्रवर्तन प्रभारी पवन कुमार के साथ चेकिंग करते हुए उपभोक्ता आरती तिवारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसके खिलाफ उपभोक्ता ने अपर सत्र न्यायाधीश (आवश्यक वस्तु अधिनियम) कोर्ट में बताया कि उन्होंने दो किलोवाट का स्थायी विद्युत संयोजन का आवेदन किया था। एसडीओ ने पूरा बिल जमा कराकर नए विद्युत कनेक्शन के लिए अवर अभियंता सुरेंद्र सिंह को निर्देश दे दिए लेकिन अवर अभियंता ने जानबूझकर परेशान करने के लिए उसे कनेक्शन नहीं दिया। उनका प्रकरण लंबित रखा। इसके बाद उसके प्रवर्तन दल के साथ मिलकर छापा मारा और उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी।
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इन पर हुई एफआईआर
सात साल चले इस मामले में कोर्ट ने मई में उपभोक्ता को सही मानते हुए अवर अभियंता सुरेंद्र सिंह, प्रवर्तन प्रभारी पवन कुमार निवासी कृष्णा नगर लखनऊ उत्तरी, आरक्षी योगेश प्रताप सिंह निवासी हमीरपुर, आरक्षी उमेश कुमार निवासी बसेहर, इटावा, आरक्षी सचिन कुमार निवासी कुरारा हमीरपुर के अलावा छेदीलाल एवं अजय कुमार निवासी रक्सा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए। एसपी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह के मुताबिक, अधीक्षण अभियंता की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करके मामले की जांच शुरू करा दी गई है।
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