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आय से अधिक संपत्ति: जांच के बाद बर्खास्त सिपाही पर दर्ज हुई एफआईआर, विजिलेंस टीम ने जुटाए सुबूत
Wed, 10 Sep 2025 06:48 AM IST
दीपक महाजन
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Wed, 10 Sep 2025 06:48 AM IST
सार
छानबीन में मालूम चला कि शिकायत अवधि के दौरान आरक्षी को कुल 57,51,080 रुपये की वैध आय हुई, जबकि उसने इस अवधि में चल एवं अचल संपत्ति पर कुल 1,52,70,133 रुपये खर्च किए।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : istock
विस्तार
पुलिस से बर्खास्त आरक्षी सुंदर लाल के खिलाफ विजिलेंस टीम ने आय से अधिक संपत्ति जुटाने के आरोप को प्रथमदृष्टया सही पाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। विजिलेंस अफसर मामले की आगे भी छानबीन कर रहे हैं।
ललितपुर के जखौरा थाने के बांसी गांव निवासी आरक्षी सुंदर लाल आगरा समेत कई अन्य जनपदों में तैनात रहा। उसके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति जुटाने की शिकायत मिलने पर सतर्कता अधिष्ठान ने छह मई 2024 को उसके पांच साल की तैनाती अवधि की खुली जांच आरंभ की थी। इस दौरान विजिलेंस टीम ने उसके तैनाती स्थल आगरा व झांसी समेत अन्य स्थानों से उसके खिलाफ सुबूत जुटाए। विजिलेंस टीम को आरक्षी की तमाम बेनामी संपत्ति का पता चला। छानबीन में मालूम चला कि शिकायत अवधि के दौरान आरक्षी को कुल 57,51,080 रुपये की वैध आय हुई, जबकि उसने इस अवधि में चल एवं अचल संपत्ति पर कुल 1,52,70,133 रुपये खर्च किए। इस तरह उसने कुल 95,19,053 रुपये अधिक खर्च किए। विजिलेंस टीम को वह इसका कोई जवाब नहीं दे सका।
हालांकि, इस जांच से पहले ही वह बर्खास्त किया जा चुका था। एसपी (विजिलेंस) राजेंद्र यादव के मुताबिक आरोपी बर्खास्त आरक्षी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम की विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन की जा रही है।
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ललितपुर के जखौरा थाने के बांसी गांव निवासी आरक्षी सुंदर लाल आगरा समेत कई अन्य जनपदों में तैनात रहा। उसके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति जुटाने की शिकायत मिलने पर सतर्कता अधिष्ठान ने छह मई 2024 को उसके पांच साल की तैनाती अवधि की खुली जांच आरंभ की थी। इस दौरान विजिलेंस टीम ने उसके तैनाती स्थल आगरा व झांसी समेत अन्य स्थानों से उसके खिलाफ सुबूत जुटाए। विजिलेंस टीम को आरक्षी की तमाम बेनामी संपत्ति का पता चला। छानबीन में मालूम चला कि शिकायत अवधि के दौरान आरक्षी को कुल 57,51,080 रुपये की वैध आय हुई, जबकि उसने इस अवधि में चल एवं अचल संपत्ति पर कुल 1,52,70,133 रुपये खर्च किए। इस तरह उसने कुल 95,19,053 रुपये अधिक खर्च किए। विजिलेंस टीम को वह इसका कोई जवाब नहीं दे सका।
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हालांकि, इस जांच से पहले ही वह बर्खास्त किया जा चुका था। एसपी (विजिलेंस) राजेंद्र यादव के मुताबिक आरोपी बर्खास्त आरक्षी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम की विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन की जा रही है।
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