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Jhansi: कारोबारी से 12.50 लाख की ठगी, जैप्टो की फ्रेंचाइजी का विज्ञापन देख किया था ऑनलाइन आवेदन
Tue, 30 Sep 2025 09:37 AM IST
दीपक महाजन
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Tue, 30 Sep 2025 09:37 AM IST
सार
जालसाज ने अलग-अलग बैंक खातों का नंबर भेजकर उसे फ्रेंचाइजी के लिए पैसा जमा कराने को कहा। सागर ने पीएनबी के तीन अलग खातों में कुल 12.50 लाख रुपये जमा करा दिए। पैसा जमा करने के बाद वह कॉल का इंतजार करता रहा लेकिन, उसका फोन नहीं आया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : social media
विस्तार
वीरागंना नगर निवासी कारोबारी सागर विश्नोई से जैप्टो की फ्रेंचाइजी दिलाने के बहाने साइबर जालसाजों ने 12.50 लाख रुपये ठग लिए। धोखाधड़ी का पता चलने पर युवक के होश उड़ गए। उसकी तहरीर पर साइबर पुलिस ने अज्ञात जालसाजों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। अब पुलिस बैंक डिटेल्स के सहारे साइबर ठगों को तलाशने में जुटी है।
जालसाज ने मोटा मुनाफा होने की दी गारंटी
थाना नवाबाद के वीरागंना नगर निवासी सागर जनरल मर्चेंट कारोबारी हैं। उन्होंने पुलिस को बताया 20 जून को एक विज्ञापन देखकर उन्होंने जैप्टो की फ्रेंचाइजी के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। कुछ दिन बाद उसके पास फोन आया। फोन करने वाले ने अपना नाम राजकुमार तिवारी बताते हुए खुद को कंपनी का आरएम बताया। जालसाज ने मोटा मुनाफा होने की गारंटी देते हुए कहा झांसी में जैप्टो का काम बढ़िया चलेगा। कुछ महीनों में वह करोड़पति हो जाएगा। उसकी बातों में फंसकर सागर उसकी हर बात मानने को राजी हो गया। कुछ दिनों में जालसाज ने अलग-अलग बैंक खातों का नंबर भेजकर उसे फ्रेंचाइजी के लिए पैसा जमा कराने को कहा। सागर ने पीएनबी के तीन अलग खातों में कुल 12.50 लाख रुपये जमा करा दिए। पैसा जमा करने के बाद वह उनके कॉल का इंतजार करता रहा लेकिन, उसका फोन नहीं आया। जब सागर ने फोन मिलाकर बात करने की कोशिश की तब सभी नंबर बंद मिले। कई बार संपर्क करने के बाद उसका संपर्क नहीं हो सका। यह देख सागर परेशान हो उठा। उसने यह जानकारी साइबर पुलिस को दी। निरीक्षक सीपी यादव के मुताबिक तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज करके जांच की जा रही है।
साइबर अपराध से बचने के सावधानी जरूरी
साइबर विशेषज्ञ डा.राजीव त्रिपाठी के मुताबिक साइबर जालसाज सिर्फ डर एवं लालच का फायदा उठाते हैं। अगर सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय कुछ आवश्यक सावधानी बरती जाए, तब इससे बचाव संभव है।
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सोशल साइट पर किसी अनजान व्यक्ति से अपनी आर्थिक हालत के बारे में चर्चा न करें। लॉटरी निकलने व अन्य किसी प्रकार के इनाम की सूचना देने वाले फोन कॉल पर भरोसा न करें। किसी तरह के विज्ञापन में भरोसा करने से पहले उसकी जांच पड़ताल कर लें। अंजान व्यक्ति के खाते में पैसा भेजने से पहले उससे मुलाकात करने की कोशिश करें। इसके बाद ही वित्तीय लेनदेन करें। लालच में आकर किसी तरह के निवेश का निर्णय न लें।किसी भी लिंक को क्लिक करने से पहले पूरी जानकारी ले लें। सोशल साइट के जरिये कोई परिचित पैसा मांगे तो जल्दबाजी न करें, पुष्टि करने के बाद ही पैसा दें। सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारियां साझा न करें। गूगल पर कस्टमर केयर नंबर सर्च न करें।
साइबर अपराध का शिकार होने पर ये करें
तत्काल अपना एटीएम व बैंक खाता लॉक कराएं। नजदीकी थाने या पुलिस लाइन में स्थित साइबर थाने में सूचना दें। सूचना साइबर थाने के नंबर 7839876648 तथा डायल 112 पर भी दी जा सकती है।
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जालसाज ने मोटा मुनाफा होने की दी गारंटी
थाना नवाबाद के वीरागंना नगर निवासी सागर जनरल मर्चेंट कारोबारी हैं। उन्होंने पुलिस को बताया 20 जून को एक विज्ञापन देखकर उन्होंने जैप्टो की फ्रेंचाइजी के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। कुछ दिन बाद उसके पास फोन आया। फोन करने वाले ने अपना नाम राजकुमार तिवारी बताते हुए खुद को कंपनी का आरएम बताया। जालसाज ने मोटा मुनाफा होने की गारंटी देते हुए कहा झांसी में जैप्टो का काम बढ़िया चलेगा। कुछ महीनों में वह करोड़पति हो जाएगा। उसकी बातों में फंसकर सागर उसकी हर बात मानने को राजी हो गया। कुछ दिनों में जालसाज ने अलग-अलग बैंक खातों का नंबर भेजकर उसे फ्रेंचाइजी के लिए पैसा जमा कराने को कहा। सागर ने पीएनबी के तीन अलग खातों में कुल 12.50 लाख रुपये जमा करा दिए। पैसा जमा करने के बाद वह उनके कॉल का इंतजार करता रहा लेकिन, उसका फोन नहीं आया। जब सागर ने फोन मिलाकर बात करने की कोशिश की तब सभी नंबर बंद मिले। कई बार संपर्क करने के बाद उसका संपर्क नहीं हो सका। यह देख सागर परेशान हो उठा। उसने यह जानकारी साइबर पुलिस को दी। निरीक्षक सीपी यादव के मुताबिक तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज करके जांच की जा रही है।
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साइबर अपराध से बचने के सावधानी जरूरी
साइबर विशेषज्ञ डा.राजीव त्रिपाठी के मुताबिक साइबर जालसाज सिर्फ डर एवं लालच का फायदा उठाते हैं। अगर सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय कुछ आवश्यक सावधानी बरती जाए, तब इससे बचाव संभव है।
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सोशल साइट पर किसी अनजान व्यक्ति से अपनी आर्थिक हालत के बारे में चर्चा न करें। लॉटरी निकलने व अन्य किसी प्रकार के इनाम की सूचना देने वाले फोन कॉल पर भरोसा न करें। किसी तरह के विज्ञापन में भरोसा करने से पहले उसकी जांच पड़ताल कर लें। अंजान व्यक्ति के खाते में पैसा भेजने से पहले उससे मुलाकात करने की कोशिश करें। इसके बाद ही वित्तीय लेनदेन करें। लालच में आकर किसी तरह के निवेश का निर्णय न लें।किसी भी लिंक को क्लिक करने से पहले पूरी जानकारी ले लें। सोशल साइट के जरिये कोई परिचित पैसा मांगे तो जल्दबाजी न करें, पुष्टि करने के बाद ही पैसा दें। सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारियां साझा न करें। गूगल पर कस्टमर केयर नंबर सर्च न करें।
साइबर अपराध का शिकार होने पर ये करें
तत्काल अपना एटीएम व बैंक खाता लॉक कराएं। नजदीकी थाने या पुलिस लाइन में स्थित साइबर थाने में सूचना दें। सूचना साइबर थाने के नंबर 7839876648 तथा डायल 112 पर भी दी जा सकती है।