{"_id":"6a1a791a55935baae30a6cf3","slug":"jhansi-athlete-could-not-get-government-track-2026-05-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi: एथलीट को नहीं मिल पाया सरकारी ट्रैक, सपनों की उड़ान में बाधा बन रही प्रशिक्षण की फीस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi: एथलीट को नहीं मिल पाया सरकारी ट्रैक, सपनों की उड़ान में बाधा बन रही प्रशिक्षण की फीस
Sat, 30 May 2026 11:14 AM IST
दीपक महाजन
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Sat, 30 May 2026 11:14 AM IST
सार
सरकारी ट्रैक और प्रशिक्षकों के अभाव में युवा एथलीट निजी अकादमियों का सहारा लेने को मजबूर हैं, जहां प्रशिक्षण की भारी फीस उनके सपनों पर बोझ बन रही है।
विज्ञापन
मेजर ध्यानचंद स्टेडियम, झांसी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
शहर में एथलेटिक्स का भविष्य ट्रैक पर दौड़ने से पहले संघर्ष करता नजर आ रहा है। सरकारी ट्रैक और प्रशिक्षकों के अभाव में युवा एथलीट निजी अकादमियों का सहारा लेने को मजबूर हैं, जहां प्रशिक्षण की भारी फीस उनके सपनों पर बोझ बन रही है। प्रतिभाएं मेहनत तो कर रही हैं, लेकिन संसाधनों की कमी उनकी रफ्तार रोक रही है। यदि स्टेडियम में आधुनिक ट्रैक बन जाए और प्रशिक्षकों की नियुक्ति हो जाए, जिससे शहर की प्रतिभाएं भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।
एथलेटिक्स संघ के सहायक सचिव शैलेन्द्र कुमार ने बताया कि जिले में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन सुविधाओं के अभाव में खिलाड़ी आगे नहीं बढ़ पा रहे। उन्होंने कहा कि जब तक खिलाड़ियों को सही ट्रैक, प्रशिक्षक और उपकरण नहीं मिलेंगे, तब तक राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करना मुश्किल होगा।
प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए निजी ट्रैक पर अभ्यास करना पड़ता है, जहां फीस और अन्य खर्च मिलाकर हर महीने हजारों रुपये लग जाते हैं। कई खिलाड़ियों के परिवार यह खर्च नहीं उठा पाते।- गरिमा राजपूत, 800 मी.धावक
विज्ञापन
बेहतर कोचिंग न मिलने से तकनीकी गलतियां सुधारना मुश्किल होता है। इन सुविधाओं का लाभ लेने के लिए अकादमियों में अधिक रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।-नेशनल प्लेस होल्डर संध्या राजपूत,3000 मीटर
कई बार खिलाड़ियों को खुले मैदानों में अभ्यास करना पड़ता है, जिससे चोट लगने का खतरा बना रहता है। यदि सिंथेटिक ट्रैक और प्रशिक्षक उपलब्ध हों तो खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। - ओमी गौतम, 100 मीटर और 200 मीटर धावक
कई खिलाड़ियों की आर्थिक स्थिति कमजोर होती है, वह निजी अकादमियों का खर्च नहीं उठा पाते। यदि यह सभी सुविधाएं स्टेडियम में हो जाएं तो एथलीट के लिए बहुत सहायक होंगी।- नेशनल खिलाड़ी प्राची राजपूत, 1500 मीटर धावक
विज्ञापन
एथलेटिक्स संघ के सहायक सचिव शैलेन्द्र कुमार ने बताया कि जिले में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन सुविधाओं के अभाव में खिलाड़ी आगे नहीं बढ़ पा रहे। उन्होंने कहा कि जब तक खिलाड़ियों को सही ट्रैक, प्रशिक्षक और उपकरण नहीं मिलेंगे, तब तक राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करना मुश्किल होगा।
विज्ञापन
प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए निजी ट्रैक पर अभ्यास करना पड़ता है, जहां फीस और अन्य खर्च मिलाकर हर महीने हजारों रुपये लग जाते हैं। कई खिलाड़ियों के परिवार यह खर्च नहीं उठा पाते।- गरिमा राजपूत, 800 मी.धावक
विज्ञापन
बेहतर कोचिंग न मिलने से तकनीकी गलतियां सुधारना मुश्किल होता है। इन सुविधाओं का लाभ लेने के लिए अकादमियों में अधिक रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।-नेशनल प्लेस होल्डर संध्या राजपूत,3000 मीटर
कई बार खिलाड़ियों को खुले मैदानों में अभ्यास करना पड़ता है, जिससे चोट लगने का खतरा बना रहता है। यदि सिंथेटिक ट्रैक और प्रशिक्षक उपलब्ध हों तो खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। - ओमी गौतम, 100 मीटर और 200 मीटर धावक
कई खिलाड़ियों की आर्थिक स्थिति कमजोर होती है, वह निजी अकादमियों का खर्च नहीं उठा पाते। यदि यह सभी सुविधाएं स्टेडियम में हो जाएं तो एथलीट के लिए बहुत सहायक होंगी।- नेशनल खिलाड़ी प्राची राजपूत, 1500 मीटर धावक