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प्राचार्य की पत्नी के 17 लाख के जेवर चोरी: राप्ती सागर के एसी कोच में थी सवार, ललितपुर-झांसी के बीच हुई घटना
Wed, 29 Oct 2025 11:32 AM IST
दीपक महाजन
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Wed, 29 Oct 2025 11:32 AM IST
सार
ट्रेन जब ललितपुर व झांसी के बीच गुजर रही थी तभी उनके कोच से किसी ने सोने के जेवरात वाला पर्स चोरी कर लिया। झांसी आने पर उनकी नींद खुली तो जेवर गायब थे। वह इसकी तहरीर जीआरपी झांसी को देते तब तक ट्रेन उरई रवाना हो गई।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : संवाद
विस्तार
तिरुवनंतपुरम से गोरखपुर जाने वाली राप्ती सागर एक्सप्रेस (12512) के एसी एच-1 कोच से महिला के 17 लाख के जेवर चोरी हो गए। मंगलवार को महिला के साथ सफर कर रहे उनके पति ने ऐशबाग लखनऊ स्टेशन पर जीआरपी थाने में तहरीर दी है। जीआरपी व आरपीएफ ने उरई स्टेशन के भी सीसीटीवी कैमरे खंगाले हैं।
नागपुर के हिंगटागाट निवासी मनीष कुमार लखनऊ के केंद्रीय वनस्पति अनुसंधान केंद्र में प्राचार्य हैं। वह पत्नी भाग्यश्री के साथ राप्ती सागर एक्सप्रेस से लखनऊ आ रहे थे। ट्रेन जब ललितपुर व झांसी के बीच गुजर रही थी तभी उनके कोच से किसी ने सोने के जेवरात वाला पर्स चोरी कर लिया। झांसी आने पर उनकी नींद खुली तो जेवर गायब थे। वह इसकी तहरीर जीआरपी झांसी को देते तब तक ट्रेन उरई रवाना हो गई।
इस पर उन्होंने रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर घटना की जानकारी दी। मंगलवार की सुबह के 5:51 बजे जैसे ही ट्रेन उरई स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर खड़ी हुई। रेलवे सुरक्षा बल के जवान कोच तक पहुंचते तब तक ट्रेन रवाना हो गई। इसकी सूचना आरपीएफ ने कंट्रोल को दी गई। पीड़ित ने लखनऊ पहुंचकर घटना की तहरीर जीआरपी थाने ऐशबाग में दी। इसमें उन्होंने पर्स से चोरी हुए आभूषण में एक रानी हार, मंगलसूत्र, एक अंगूठी, कान की बालियां, सोने का कड़ा, जंजीर, कनौती आभूषण बताए हैं। इसकी 17 लाख रुपये बताई गई है।
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मनीष ने बताया कि वह दिवाली में पत्नी भाग्यश्री के साथ घर हिंगटाघाट गए थे। छुट्टी खत्म होने के बाद वह लखनऊ लौटे हैं। उनका रिजर्वेशन एच 1 कोच की सीट नंबर 13 व 14 ई केबिन में था। उन्होंने बताया कि जब उनकी नींद खुली तब उनके केबिन का कुंडी खुली हुई थी। इस मामले में झांसी मंडल के कमांंडेंट आरपीएफ विवेकानंद नारायण का कहना है कि घटना की जानकारी मिली है। सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं।
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नागपुर के हिंगटागाट निवासी मनीष कुमार लखनऊ के केंद्रीय वनस्पति अनुसंधान केंद्र में प्राचार्य हैं। वह पत्नी भाग्यश्री के साथ राप्ती सागर एक्सप्रेस से लखनऊ आ रहे थे। ट्रेन जब ललितपुर व झांसी के बीच गुजर रही थी तभी उनके कोच से किसी ने सोने के जेवरात वाला पर्स चोरी कर लिया। झांसी आने पर उनकी नींद खुली तो जेवर गायब थे। वह इसकी तहरीर जीआरपी झांसी को देते तब तक ट्रेन उरई रवाना हो गई।
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इस पर उन्होंने रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर घटना की जानकारी दी। मंगलवार की सुबह के 5:51 बजे जैसे ही ट्रेन उरई स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर खड़ी हुई। रेलवे सुरक्षा बल के जवान कोच तक पहुंचते तब तक ट्रेन रवाना हो गई। इसकी सूचना आरपीएफ ने कंट्रोल को दी गई। पीड़ित ने लखनऊ पहुंचकर घटना की तहरीर जीआरपी थाने ऐशबाग में दी। इसमें उन्होंने पर्स से चोरी हुए आभूषण में एक रानी हार, मंगलसूत्र, एक अंगूठी, कान की बालियां, सोने का कड़ा, जंजीर, कनौती आभूषण बताए हैं। इसकी 17 लाख रुपये बताई गई है।
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मनीष ने बताया कि वह दिवाली में पत्नी भाग्यश्री के साथ घर हिंगटाघाट गए थे। छुट्टी खत्म होने के बाद वह लखनऊ लौटे हैं। उनका रिजर्वेशन एच 1 कोच की सीट नंबर 13 व 14 ई केबिन में था। उन्होंने बताया कि जब उनकी नींद खुली तब उनके केबिन का कुंडी खुली हुई थी। इस मामले में झांसी मंडल के कमांंडेंट आरपीएफ विवेकानंद नारायण का कहना है कि घटना की जानकारी मिली है। सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं।