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Jhansi News: नामांतरण के नाम पर चार हजार की रिश्वत लेते लेखपाल को पकड़ा
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर/महरौनी। जमीन का विरासत नामांतरण कराने के नाम पर चार हजार रुपये की रिश्वत लेते महरौनी तहसील में तैनात लेखपाल बालकिशन राजपूत को एंटी करप्शन की ट्रैप टीम ने बुधवार दोपहर तहसील के बाहर से रंगेहाथ पकड़ लिया। टीम ने लेखपाल के कब्जे से केमिकल लगे पांच-पांच सौ रुपये के आठ नोट बरामद किए। हाथ धुलाने पर पानी का रंग भी बदल गया। टीम आरोपी लेखपाल को अपने साथ महरौनी से कोतवाली सदर ले आई, जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
ट्रैप टीम के अनुसार महरौनी तहसील के ग्राम सड़कौरा निवासी अमर सिंह ने शिकायत की थी कि उसके भाई मुहर सिंह की 19 अगस्त 2023 को मृत्यु हो गई थी। मुहर सिंह के नाम कृषि भूमि का विरासत नामांतरण कराने के लिए अमर सिंह ने क्षेत्रीय लेखपाल बालकिशन राजपूत से संपर्क किया था। लेखपाल ने उसका मूल मृत्यु प्रमाणपत्र ले लिया था और अमर सिंह व उसकी मां का आधार कार्ड तथा परिवार रजिस्टर की नकल उपलब्ध कराने को कहा था।
आरोप है कि दस्तावेज उपलब्ध कराने के बाद विरासत नामांतरण कराने के एवज में लेखपाल ने चार हजार रुपये की रिश्वत मांगी। अमर सिंह ने रिश्वत देने से इनकार करते हुए एंटी करप्शन संगठन से शिकायत की और लेखपाल को रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़वाने की इच्छा जताई।
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गमछा बांधकर ग्रामीण बनकर बैठी टीम
शिकायत के बाद भ्रष्टाचार निवारण संगठन झांसी की ट्रैप टीम निरीक्षक उदयराज निषाद के नेतृत्व में गठित की गई। बुधवार को टीम महरौनी पहुंची। शिकायतकर्ता को पांच-पांच सौ रुपये के केमिकल लगे नोट देकर लेखपाल को देने के लिए भेजा गया। टीम के सदस्य आसपास भेष बदलकर निगरानी करने लगे। टीम के कुछ सदस्यों ने सिर पर गमछा बांधकर ग्रामीणों का भेष बनाया और आसपास की दुकानों पर ऐसे बैठ गए, जैसे किसी काम से तहसील आए हों। वे आपस में ग्रामीणों की तरह बातचीत करते रहे, जिससे आसपास मौजूद लोग भी उन्हें पहचान नहीं सके। टीम ने अपना वाहन भी घटनास्थल से कुछ दूर खड़ा किया था।
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बैंक के पास वाली गली में पकड़ा
दोपहर करीब पौने तीन बजे तहसील के बाहर उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के बगल वाली गली में अमर सिंह ने लेखपाल बालकिशन राजपूत को चार हजार रुपये दिए। रकम लेते ही पहले से घेराबंदी कर बैठी टीम ने उसे पकड़ लिया। टीम ने लेखपाल के कब्जे से केमिकल लगे आठ पांच-पांच सौ रुपये के नोट बरामद किए। हाथ धुलाने पर पानी भी केमिकल के प्रभाव से रंगीन हो गया। लेखपाल बालकिशन राजपूत ग्राम सिवनी खुर्द का निवासी है और वर्तमान में शहर के पिसनारीबाग में जीडी स्कूल के पास रहता है। टीम उसे लेकर कोतवाली सदर पहुंची और तहरीर दी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली।
ट्रैप टीम प्रभारी उदयराज निषाद ने बताया कि जमीन का नामांतरण कराने के नाम पर चार हजार रुपये की रिश्वत लेते लेखपाल को रंगेहाथ पकड़ा गया है। आरोपी के खिलाफ कोतवाली सदर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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13 दिन में दो कर्मचारी रिश्वत लेते पकड़े गए
जिले में रिश्वत लेने के मामलों में एंटी करप्शन और विजिलेंस की कार्रवाई लगातार जारी है। 10 सितंबर को बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात कनिष्ठ सहायक राजेश कुमार को सेवानिवृत्त शिक्षक से पांच हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा गया था। अब 23 सितंबर को महरौनी तहसील के लेखपाल बालकिशन राजपूत को चार हजार रुपये लेते रंगेहाथ पकड़ा गया है। इस तरह 13 दिन के भीतर दो सरकारी कर्मचारी ट्रैप में पकड़े गए हैं।
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ललितपुर/महरौनी। जमीन का विरासत नामांतरण कराने के नाम पर चार हजार रुपये की रिश्वत लेते महरौनी तहसील में तैनात लेखपाल बालकिशन राजपूत को एंटी करप्शन की ट्रैप टीम ने बुधवार दोपहर तहसील के बाहर से रंगेहाथ पकड़ लिया। टीम ने लेखपाल के कब्जे से केमिकल लगे पांच-पांच सौ रुपये के आठ नोट बरामद किए। हाथ धुलाने पर पानी का रंग भी बदल गया। टीम आरोपी लेखपाल को अपने साथ महरौनी से कोतवाली सदर ले आई, जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
ट्रैप टीम के अनुसार महरौनी तहसील के ग्राम सड़कौरा निवासी अमर सिंह ने शिकायत की थी कि उसके भाई मुहर सिंह की 19 अगस्त 2023 को मृत्यु हो गई थी। मुहर सिंह के नाम कृषि भूमि का विरासत नामांतरण कराने के लिए अमर सिंह ने क्षेत्रीय लेखपाल बालकिशन राजपूत से संपर्क किया था। लेखपाल ने उसका मूल मृत्यु प्रमाणपत्र ले लिया था और अमर सिंह व उसकी मां का आधार कार्ड तथा परिवार रजिस्टर की नकल उपलब्ध कराने को कहा था।
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आरोप है कि दस्तावेज उपलब्ध कराने के बाद विरासत नामांतरण कराने के एवज में लेखपाल ने चार हजार रुपये की रिश्वत मांगी। अमर सिंह ने रिश्वत देने से इनकार करते हुए एंटी करप्शन संगठन से शिकायत की और लेखपाल को रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़वाने की इच्छा जताई।
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गमछा बांधकर ग्रामीण बनकर बैठी टीम
शिकायत के बाद भ्रष्टाचार निवारण संगठन झांसी की ट्रैप टीम निरीक्षक उदयराज निषाद के नेतृत्व में गठित की गई। बुधवार को टीम महरौनी पहुंची। शिकायतकर्ता को पांच-पांच सौ रुपये के केमिकल लगे नोट देकर लेखपाल को देने के लिए भेजा गया। टीम के सदस्य आसपास भेष बदलकर निगरानी करने लगे। टीम के कुछ सदस्यों ने सिर पर गमछा बांधकर ग्रामीणों का भेष बनाया और आसपास की दुकानों पर ऐसे बैठ गए, जैसे किसी काम से तहसील आए हों। वे आपस में ग्रामीणों की तरह बातचीत करते रहे, जिससे आसपास मौजूद लोग भी उन्हें पहचान नहीं सके। टीम ने अपना वाहन भी घटनास्थल से कुछ दूर खड़ा किया था।
बैंक के पास वाली गली में पकड़ा
दोपहर करीब पौने तीन बजे तहसील के बाहर उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के बगल वाली गली में अमर सिंह ने लेखपाल बालकिशन राजपूत को चार हजार रुपये दिए। रकम लेते ही पहले से घेराबंदी कर बैठी टीम ने उसे पकड़ लिया। टीम ने लेखपाल के कब्जे से केमिकल लगे आठ पांच-पांच सौ रुपये के नोट बरामद किए। हाथ धुलाने पर पानी भी केमिकल के प्रभाव से रंगीन हो गया। लेखपाल बालकिशन राजपूत ग्राम सिवनी खुर्द का निवासी है और वर्तमान में शहर के पिसनारीबाग में जीडी स्कूल के पास रहता है। टीम उसे लेकर कोतवाली सदर पहुंची और तहरीर दी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली।
ट्रैप टीम प्रभारी उदयराज निषाद ने बताया कि जमीन का नामांतरण कराने के नाम पर चार हजार रुपये की रिश्वत लेते लेखपाल को रंगेहाथ पकड़ा गया है। आरोपी के खिलाफ कोतवाली सदर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
13 दिन में दो कर्मचारी रिश्वत लेते पकड़े गए
जिले में रिश्वत लेने के मामलों में एंटी करप्शन और विजिलेंस की कार्रवाई लगातार जारी है। 10 सितंबर को बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात कनिष्ठ सहायक राजेश कुमार को सेवानिवृत्त शिक्षक से पांच हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा गया था। अब 23 सितंबर को महरौनी तहसील के लेखपाल बालकिशन राजपूत को चार हजार रुपये लेते रंगेहाथ पकड़ा गया है। इस तरह 13 दिन के भीतर दो सरकारी कर्मचारी ट्रैप में पकड़े गए हैं।