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सीएमओ ने दी सूची, जेडीए करेगा जांच
अमर उजाला ब्यूराो
Updated Sun, 27 Aug 2017 12:53 AM IST
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- फोटो : demo pic
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झांसी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. सुरेश सिंह ने सभी 122 नर्सिंगहोम की सूची झांसी विकास प्राधिकरण को भेज दी है। अब जेडीए पड़ताल करेगा कि सभी नर्सिंगहोम मानक और नियमों की कसौटी पर खरे उतर रहे हैं या नहीं? वहीं, बबीना क्षेत्र के विधायक राजीव सिंह ने जिलाधिकारी/ उपाध्यक्ष कर्णसिंह चौहान से मुलाकात की और कहा कि सभी नर्सिंगहोम की बात सुन लें, ताकि इनके साथ ज्यादती न हो। यदि मानक के अनुसार नर्सिंगहोम बने हों तो उनके खिलाफ कोई कार्रवाई न करें। यदि गलत बने हैं तो ऐसे नर्सिंगहोम पर अंकुश लगाएं।
जुलाई में लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल कालेज में आग लगने के बाद ‘अमर उजाला’ ने मानकों व नियमों को ठेंगा दिखाकर चल रहे नर्सिंगहोमों पर सिलसिलेवार खबर प्रकाशित कीं। ज्यादातर नर्सिंगहोम आवासीय नक्शे पर बने हुए हैं। अभियान के बाद जेडीए उपाध्यक्ष ने सभी नर्सिंगहोमों के नक्शों की फाइल तलब की थीं। सभी पक्षों को सुनने के बाद मानक पूरे नहीं करने पर उन्होंने 11 नर्सिंगहोम की नक्शे निरस्त कर दिए थे। इसी क्रम में विधायक ने जिलाधिकारी से मुलाकात की और नर्सिंगहोमों के पक्ष को रखा। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रक्रिया अपनाएं, जिससे कोई डाक्टर परेशानी महसूस न करे। सबकी सुनें जरूर, ताकि ज्यादती न हो।
उधर, मुख्य चिकित्साधिकारी ने नर्सिंगहोम की सूची जेडीए को भेज दी है। सूची में 122 नर्सिंगहोम शामिल हैं। अब चेक किया जा रहा है कि वास्तव में नर्सिंगहोम इतने ही हैं या इससे अधिक हैं, क्योंकि विभाग को यह भी जानकारी मिली है कि बहुत से चिकित्सक ऐसे भी हैं, जो नर्सिंगहोम तो चला रहे हैं, लेकिन उन्होंने कहीं पर पंजीकरण नहीं कराया है। सर्वे से सभी नर्सिंगहोम चेक हो जाएंगे।
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मकानों का सर्वे शुरू
यदि कोई मकान जेडीए से बिना नक्शा पास कराए बनाया गया है अथवा नक्शा कुछ पास कराया गया व मौके पर कुछ और बना लिया गया है तो ऐसे सभी मकानों का सर्वे कराया जा रहा है। इसके लिए शहर के आठ जोन में से जोन 1 व 2 में सर्वे करने की जिम्मेदारी अवर अभियंता संतोष वर्मा, जोन 3 व 4 में अवर अभियंता जयशंकर सिंह, जोन 5 व 6 में अवर अभियंता घनश्याम तिवारी और जोन 7 व 8 में अवर अभियंता सुखवीर सिंह को सर्वे करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा जो मकान कृषि क्षेत्र में बने होंगे, उनका भी सर्वे किया जाएगा। जिलाधिकारी ने सभी मकानों का सर्वे तीन दिन में पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
कई मकान बने हैं मानक के विपरीत
शहर में नियमों को दरकिनार कर बहुत से मकान स्वामियों ने अपने मकानों का नक्शा कुछ और पास कराया है, जबकि मौके पर कुछ और बना लिया है। ऐसा कोई एक मकान में नहीं है, बल्कि लगभग हर मकान की यही कहानी है। अब मकानों का सर्वे चल रहा है। इसमें जिनके मकान नक्शा के विपरीत बने होंगे अथवा जो मकान बिना नक्शा के बने होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। इनसे या तो शमन शुल्क जमा करवाया जाएगा अथवा मकान का ध्वस्तीकरण होगा।
सर्वे शुरू हो गया
जेडीए ने शहर के सभी मकानों का सर्वे शुरू कर दिया है। सर्वे रिपोर्ट आ जाने दीजिए, इसके बाद कार्रवाई होगी।
- सीपी तिवारी, सचिव, जेडीए
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. सुरेश सिंह ने सभी 122 नर्सिंगहोम की सूची झांसी विकास प्राधिकरण को भेज दी है। अब जेडीए पड़ताल करेगा कि सभी नर्सिंगहोम मानक और नियमों की कसौटी पर खरे उतर रहे हैं या नहीं? वहीं, बबीना क्षेत्र के विधायक राजीव सिंह ने जिलाधिकारी/ उपाध्यक्ष कर्णसिंह चौहान से मुलाकात की और कहा कि सभी नर्सिंगहोम की बात सुन लें, ताकि इनके साथ ज्यादती न हो। यदि मानक के अनुसार नर्सिंगहोम बने हों तो उनके खिलाफ कोई कार्रवाई न करें। यदि गलत बने हैं तो ऐसे नर्सिंगहोम पर अंकुश लगाएं।
जुलाई में लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल कालेज में आग लगने के बाद ‘अमर उजाला’ ने मानकों व नियमों को ठेंगा दिखाकर चल रहे नर्सिंगहोमों पर सिलसिलेवार खबर प्रकाशित कीं। ज्यादातर नर्सिंगहोम आवासीय नक्शे पर बने हुए हैं। अभियान के बाद जेडीए उपाध्यक्ष ने सभी नर्सिंगहोमों के नक्शों की फाइल तलब की थीं। सभी पक्षों को सुनने के बाद मानक पूरे नहीं करने पर उन्होंने 11 नर्सिंगहोम की नक्शे निरस्त कर दिए थे। इसी क्रम में विधायक ने जिलाधिकारी से मुलाकात की और नर्सिंगहोमों के पक्ष को रखा। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रक्रिया अपनाएं, जिससे कोई डाक्टर परेशानी महसूस न करे। सबकी सुनें जरूर, ताकि ज्यादती न हो।
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उधर, मुख्य चिकित्साधिकारी ने नर्सिंगहोम की सूची जेडीए को भेज दी है। सूची में 122 नर्सिंगहोम शामिल हैं। अब चेक किया जा रहा है कि वास्तव में नर्सिंगहोम इतने ही हैं या इससे अधिक हैं, क्योंकि विभाग को यह भी जानकारी मिली है कि बहुत से चिकित्सक ऐसे भी हैं, जो नर्सिंगहोम तो चला रहे हैं, लेकिन उन्होंने कहीं पर पंजीकरण नहीं कराया है। सर्वे से सभी नर्सिंगहोम चेक हो जाएंगे।
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मकानों का सर्वे शुरू
यदि कोई मकान जेडीए से बिना नक्शा पास कराए बनाया गया है अथवा नक्शा कुछ पास कराया गया व मौके पर कुछ और बना लिया गया है तो ऐसे सभी मकानों का सर्वे कराया जा रहा है। इसके लिए शहर के आठ जोन में से जोन 1 व 2 में सर्वे करने की जिम्मेदारी अवर अभियंता संतोष वर्मा, जोन 3 व 4 में अवर अभियंता जयशंकर सिंह, जोन 5 व 6 में अवर अभियंता घनश्याम तिवारी और जोन 7 व 8 में अवर अभियंता सुखवीर सिंह को सर्वे करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा जो मकान कृषि क्षेत्र में बने होंगे, उनका भी सर्वे किया जाएगा। जिलाधिकारी ने सभी मकानों का सर्वे तीन दिन में पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
कई मकान बने हैं मानक के विपरीत
शहर में नियमों को दरकिनार कर बहुत से मकान स्वामियों ने अपने मकानों का नक्शा कुछ और पास कराया है, जबकि मौके पर कुछ और बना लिया है। ऐसा कोई एक मकान में नहीं है, बल्कि लगभग हर मकान की यही कहानी है। अब मकानों का सर्वे चल रहा है। इसमें जिनके मकान नक्शा के विपरीत बने होंगे अथवा जो मकान बिना नक्शा के बने होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। इनसे या तो शमन शुल्क जमा करवाया जाएगा अथवा मकान का ध्वस्तीकरण होगा।
सर्वे शुरू हो गया
जेडीए ने शहर के सभी मकानों का सर्वे शुरू कर दिया है। सर्वे रिपोर्ट आ जाने दीजिए, इसके बाद कार्रवाई होगी।
- सीपी तिवारी, सचिव, जेडीए