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इस साल दो दिन मनेगी जन्माष्टमी, मंदिरों में तैयारियां शुरू
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सदर बाजार में बलदाऊ जी के मंदिर में विराजे भगवान
- फोटो : REPORTERS
झांसी। महानगर के मंदिरों और घरों में पिछले साल की तरह इस बार भी जन्माष्टमी का पर्व 2 दिन यानी 11 और 12 अगस्त को मनाया जाएगा। मंदिरों और घरों में भगवान के जन्म की झांकियां सजेगी और श्रद्धालु बधाई गीत गाएंगे। जन्माष्टमी की तैयारियां मंदिरों और घरों में शुरू हो गई है। सोशल साइट्स के माध्यम से भगवान के दर्शन कराए जाने की भी व्यवस्था की जाएगी।
हिंदू धर्म में जन्माष्टमी का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मथुरा में भादो कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मध्य रात्रि बारह बजे रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। इससे पूरे विश्व में श्रद्धालु इस तारीख पर भगवान का जन्मोत्सव मध्य रात्रि बारह बजे मनाते हैं। मंदिरों को फूलों से सजाते हैं। पिछले साल की तरह इस बार पर यह त्योहार महानगर के मंदिरों में 11 एवं 12 अगस्त को मनाया जाएगा। इसकी प्रमुख वजह अष्टमी की तिथि 2 दिन होना है। मुरली मनोहर मंदिर में 11 अगस्त को जन्माष्टमी की महाआरती होगी। पुजारी बसंत विष्णु गोलवलकर ने बताया कि भगवान के जन्म की झांकी सजाई जाएगी और वैदिक रीति से आरती एवं पूजा कार्य होगा। इधर कुंज बिहारी मंदिर में 12 अगस्त को जन्माष्टमी मनाई जाएगी। मंदिर के सेवादार पवन दास के अनुसार ठाकुर जी की पालना झांकी सजाई जाएगी। सदर बाजार के बलदाऊ मंदिर में 12 को बिहारी जी के मंदिर में 11 को जन्मोत्सव की आरती होगी।
कृतिका नक्षत्र में होगी जन्मोत्सव की आरती
11 अगस्त को अष्टमी की तिथि सुबह 5.55 से शुरू हो जाएगी जो 12 अगस्त की सुबह 7.41 बजे तक रहेगी। खास बात यह है कि इस बार भक्तों को अष्टमी की मध्यरात्रि बारह बजे कृतिका नक्षत्र में जन्म उत्सव की महाआरती करनी पड़ेगी। आचार्य शांतनु पांडे के अनुसार 12 अगस्त की मध्य रात्रि 1.02 से रोहिणी नक्षत्र का प्रारंभ होगा।
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इस बार नहीं होगा सार्वजनिक दही मटकी फोड़ उत्सव
सदर बाजार में पिछले 95 वर्षों से हो रहा है लगातार आयोजन
झांसी। कोरोना वायरस के कारण इस वर्ष बुंदेलखंड के लगभग सभी धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन प्रभावित हो रहे हैं। सदर बाजार के बलदाऊ मंदिर के समक्ष पिछले 95 वर्षों से हो रहे सार्वजनिक दही मटकी फोड़ उत्सव का इस बार आयोजन नहीं होगा और न ही वृंदावन के कलाकार रासलीला प्रस्तुत कर पाएंगे।
बलदाऊ मंदिर के पुजारी हृदेश शुक्ला ने बताया कि कोरोना वायरस से बचाव के कारण यह निर्णय लिया गया है। हालांकि मंदिर के अंदर बच्चों द्वारा सांस्कृतिक रूप से दही मटकी फोड़ी जाएगी। उनके अनुसार भगवान बलदाऊ की छठ पूजा आरती 9 अगस्त को दोपहर 12.00 बजे होगी। भगवान बलदाऊ के जन्मोत्सव की झांकी भी सजाई जाएगी। उल्लेखनीय है कि हर साल दही मटकी फोड़ उत्सव में झांसी और उसके आसपास के कई युवाओं की टीमें प्रतिभाग करती थी। इस कार्यक्रम को देखने के लिए हजारों लोग जुटते हैं।
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हिंदू धर्म में जन्माष्टमी का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मथुरा में भादो कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मध्य रात्रि बारह बजे रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। इससे पूरे विश्व में श्रद्धालु इस तारीख पर भगवान का जन्मोत्सव मध्य रात्रि बारह बजे मनाते हैं। मंदिरों को फूलों से सजाते हैं। पिछले साल की तरह इस बार पर यह त्योहार महानगर के मंदिरों में 11 एवं 12 अगस्त को मनाया जाएगा। इसकी प्रमुख वजह अष्टमी की तिथि 2 दिन होना है। मुरली मनोहर मंदिर में 11 अगस्त को जन्माष्टमी की महाआरती होगी। पुजारी बसंत विष्णु गोलवलकर ने बताया कि भगवान के जन्म की झांकी सजाई जाएगी और वैदिक रीति से आरती एवं पूजा कार्य होगा। इधर कुंज बिहारी मंदिर में 12 अगस्त को जन्माष्टमी मनाई जाएगी। मंदिर के सेवादार पवन दास के अनुसार ठाकुर जी की पालना झांकी सजाई जाएगी। सदर बाजार के बलदाऊ मंदिर में 12 को बिहारी जी के मंदिर में 11 को जन्मोत्सव की आरती होगी।
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कृतिका नक्षत्र में होगी जन्मोत्सव की आरती
11 अगस्त को अष्टमी की तिथि सुबह 5.55 से शुरू हो जाएगी जो 12 अगस्त की सुबह 7.41 बजे तक रहेगी। खास बात यह है कि इस बार भक्तों को अष्टमी की मध्यरात्रि बारह बजे कृतिका नक्षत्र में जन्म उत्सव की महाआरती करनी पड़ेगी। आचार्य शांतनु पांडे के अनुसार 12 अगस्त की मध्य रात्रि 1.02 से रोहिणी नक्षत्र का प्रारंभ होगा।
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इस बार नहीं होगा सार्वजनिक दही मटकी फोड़ उत्सव
सदर बाजार में पिछले 95 वर्षों से हो रहा है लगातार आयोजन
झांसी। कोरोना वायरस के कारण इस वर्ष बुंदेलखंड के लगभग सभी धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन प्रभावित हो रहे हैं। सदर बाजार के बलदाऊ मंदिर के समक्ष पिछले 95 वर्षों से हो रहे सार्वजनिक दही मटकी फोड़ उत्सव का इस बार आयोजन नहीं होगा और न ही वृंदावन के कलाकार रासलीला प्रस्तुत कर पाएंगे।
बलदाऊ मंदिर के पुजारी हृदेश शुक्ला ने बताया कि कोरोना वायरस से बचाव के कारण यह निर्णय लिया गया है। हालांकि मंदिर के अंदर बच्चों द्वारा सांस्कृतिक रूप से दही मटकी फोड़ी जाएगी। उनके अनुसार भगवान बलदाऊ की छठ पूजा आरती 9 अगस्त को दोपहर 12.00 बजे होगी। भगवान बलदाऊ के जन्मोत्सव की झांकी भी सजाई जाएगी। उल्लेखनीय है कि हर साल दही मटकी फोड़ उत्सव में झांसी और उसके आसपास के कई युवाओं की टीमें प्रतिभाग करती थी। इस कार्यक्रम को देखने के लिए हजारों लोग जुटते हैं।