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आटोमैटिक मशीनों से चलेंगे जलसंस्थान के ट्यूबवेल
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झांसी। झांसी डिवीजन जल संस्थान की मंडल स्तरीय मॉनीटरिंग बैठक में मंडलायुक्त /अध्यक्ष डॉ अजय शंकर पांडेय ने ट्यूबवेल/ पंप के सुचारु संचालन के लिए आटोमैटिक मशीनें लगाने के निर्देश दिए। बरुआसागर में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। उन्होंने नगर निगम क्षेत्र में यह कार्य अम्रृत योजना में शामिल करने को कहा। मंडल के तीनों अधिशासी अभियंताओं की जिम्मेदारी है कि कार्यों की गुणवत्ता में सुधार करें। संबंधित ठेकेदार को कठोर निर्देश दिए जाएं।
कमिश्नरी सभागार में जल संस्थान के अधिशासी अभियंताओं की बैठक में उन्होंने कहा कि वर्तमान में आमजन को पेयजल उपलब्ध कराने में जो कठिनाइयां आ रही हैं, उसे दूर करें। यह सीधे आमजन से जुड़ा मामला है, इसलिए शिथिलता बर्दास्त नहीं होगी। नगर निगम/ नगर पालिका परिषदों एवं नगर पंचायतों के सफाई कर्मचारी/ सफाई सुपरवाइजर/ फील्ड वर्कर पाइप लाइन में लीकेज की सूचना प्रतिदिन अधिकारियों को दें। मरम्मत के बाद स्थानीय निकाय कर्मचारियों को लिखित रूप से सूची दें, वो कार्य की पुष्टि करेंगे। पार्षदों द्वारा जलसंस्थान के कार्यों एवं पेयजल व्यवस्था के संबंध में समय- समय पर अपनी राय अधिकारियों को दी जाए।
पानी के क्लोरीनेशन के लिए डोजर उपकरण लगाएं। खर्च के लिए स्थानीय निकायों से सहयोग लें। डोजर की डिमांड संबंधित स्थानीय निकाय को एस्टीमेट एक सप्ताह में उपलब्ध कराएं। स्थानीय निकाय एक सप्ताह में डोजर की व्यवस्था करें। जलापूर्ति के समय पानी का ओटी टेस्ट प्रतिदिन दस स्थानों पर कराएं। सूचना शाखा स्तर पर ली जाए। अंतिम उपभोक्ता के नल से दस स्थानों पर रेंडम टेस्टिंग की जाए।
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ठेकेदारों/ फर्मों/ व्यक्तियों से साप्ताहिक / पा़िक्षक/ मासिक वार्ता की जाए, जिससे समस्याओं का निदान हो। यदि ठेकेदारों/ फर्मों द्वारा जल संस्थान के आदेशों का अनुपालन नहीं किया जाता है तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अपर आयुक्त न्यायिक प्रमित कुमार सिंह, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता कुलदीप सिंह, ललितपुर व जालौन के अधिशासी अभियंता उपस्थित रहे।
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कमिश्नरी सभागार में जल संस्थान के अधिशासी अभियंताओं की बैठक में उन्होंने कहा कि वर्तमान में आमजन को पेयजल उपलब्ध कराने में जो कठिनाइयां आ रही हैं, उसे दूर करें। यह सीधे आमजन से जुड़ा मामला है, इसलिए शिथिलता बर्दास्त नहीं होगी। नगर निगम/ नगर पालिका परिषदों एवं नगर पंचायतों के सफाई कर्मचारी/ सफाई सुपरवाइजर/ फील्ड वर्कर पाइप लाइन में लीकेज की सूचना प्रतिदिन अधिकारियों को दें। मरम्मत के बाद स्थानीय निकाय कर्मचारियों को लिखित रूप से सूची दें, वो कार्य की पुष्टि करेंगे। पार्षदों द्वारा जलसंस्थान के कार्यों एवं पेयजल व्यवस्था के संबंध में समय- समय पर अपनी राय अधिकारियों को दी जाए।
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पानी के क्लोरीनेशन के लिए डोजर उपकरण लगाएं। खर्च के लिए स्थानीय निकायों से सहयोग लें। डोजर की डिमांड संबंधित स्थानीय निकाय को एस्टीमेट एक सप्ताह में उपलब्ध कराएं। स्थानीय निकाय एक सप्ताह में डोजर की व्यवस्था करें। जलापूर्ति के समय पानी का ओटी टेस्ट प्रतिदिन दस स्थानों पर कराएं। सूचना शाखा स्तर पर ली जाए। अंतिम उपभोक्ता के नल से दस स्थानों पर रेंडम टेस्टिंग की जाए।
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ठेकेदारों/ फर्मों/ व्यक्तियों से साप्ताहिक / पा़िक्षक/ मासिक वार्ता की जाए, जिससे समस्याओं का निदान हो। यदि ठेकेदारों/ फर्मों द्वारा जल संस्थान के आदेशों का अनुपालन नहीं किया जाता है तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अपर आयुक्त न्यायिक प्रमित कुमार सिंह, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता कुलदीप सिंह, ललितपुर व जालौन के अधिशासी अभियंता उपस्थित रहे।