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जहरखुरान दंपती को आजीवन उम्रकैद
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झांसी। ट्रेन यात्रियों संग जहरखुरानी करने वाले एक दंपती को जुर्म साबित होने पर अपर सत्र न्यायाधीश ने दोनों को उम्रकैद सुनाई। न्यायालय के आदेश के बाद दोनों को जेल भेज दिया। दोनों पर कोर्ट ने जुर्माना भी लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र पांचाल ने बताया 29 जुलाई 2017 को महेंद्र निवासी उल्दन पत्नी मीरा के साथ दिल्ली से वापस झांसी आ रहा था। उनके साथ राकेश नामक युवक भी अपनी पत्नी रूक्मणि संग यात्रा कर रहा था। रात करीब दो बजे झांसी स्टेशन पर उतरने के दौरान चाय पिलाने के बहाने महेेंद्र एवं मीरा को नशीला पदार्थ खिला दिया और महेंद्र के पास रखे 45 हजार रुपये उड़ा दिए। घर जाने पर दोनों की हालत बिगड़ गई। उनको अस्पताल ले जाया गया जहां महेंद्र बच गया लेकिन, मीरा की मौत हो गई। जीआरपी मे रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने राकेश और रूक्मणि को झांसी स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मीरा के भीतर जहर की पुष्टि नहीं हुई लेकिन, अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि उपचार के दौरान उसके शरीर से जहर का असर खत्म हो गया।
तब तक जहर के प्रभाव से शरीर के अहम अंग नष्ट हो गए। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आज फैसला सुनाते हुए महेंद्र एवं रुक्मणि को धारा 302 के तहत दोषी करार देते हुए दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुना दी। न्यायालय ने दोनों पर अलग-अलग 65-65 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न चुकाने पर दोनों को एक-एक वर्ष अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। न्यायालय के आदेश के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र पांचाल ने बताया 29 जुलाई 2017 को महेंद्र निवासी उल्दन पत्नी मीरा के साथ दिल्ली से वापस झांसी आ रहा था। उनके साथ राकेश नामक युवक भी अपनी पत्नी रूक्मणि संग यात्रा कर रहा था। रात करीब दो बजे झांसी स्टेशन पर उतरने के दौरान चाय पिलाने के बहाने महेेंद्र एवं मीरा को नशीला पदार्थ खिला दिया और महेंद्र के पास रखे 45 हजार रुपये उड़ा दिए। घर जाने पर दोनों की हालत बिगड़ गई। उनको अस्पताल ले जाया गया जहां महेंद्र बच गया लेकिन, मीरा की मौत हो गई। जीआरपी मे रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने राकेश और रूक्मणि को झांसी स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मीरा के भीतर जहर की पुष्टि नहीं हुई लेकिन, अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि उपचार के दौरान उसके शरीर से जहर का असर खत्म हो गया।
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तब तक जहर के प्रभाव से शरीर के अहम अंग नष्ट हो गए। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आज फैसला सुनाते हुए महेंद्र एवं रुक्मणि को धारा 302 के तहत दोषी करार देते हुए दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुना दी। न्यायालय ने दोनों पर अलग-अलग 65-65 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न चुकाने पर दोनों को एक-एक वर्ष अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। न्यायालय के आदेश के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया।
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