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इसरो वैज्ञानिकों को पसंद आया ऑर्बिटल मॉडल
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Isro scientists liked arbiter model
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के मेकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्रों की ओर से बनाया गया ऑर्बिटल मॉडल इसरो के वैज्ञानिकों को पसंद आया है। वैज्ञानिकों ने इस मॉडल को अहमदाबाद स्थित इसरो के केंद्र में भेजने को कहा है। इस मॉडल को आगामी अंतरिक्ष प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही वैज्ञानिकों ने कुछ और अलग-अलग मॉडल बनाकर केंद्र भेजने को कहा है। इसके लिए इसरो की तरफ से बजट भी दिया जाएगा।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के राजीव गांधी इंडोर स्टेडियम में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र की ओर से विक्रम साराभाई अंतरिक्ष प्रदर्शनी का तीन दिवसीय आयोजन किया गया था। आयोजन के दौरान इसरो की ओर से कई मॉडल प्रदर्शित किए गए थे। इसके जरिए विद्यार्थियों और आमजन को अंतरिक्ष विज्ञान की बारीकियां बताई गईं। इन्हीं मॉडल को देखते हुए कुलपति प्रो. जेवी वैशम्पायन ने मेकेनिकल इंजीनियरिंग के शिक्षकों से मॉडल बनाने को कहा। इसके बाद इंजीनियर राहुल शुक्ला के निर्देशन में इस मॉडल को छात्र सिद्धार्थ शुक्ला, अभिनव जैन, साक्षर, अमित कुमार, मो. फैजल, धीरेंद्र सिंह, उत्कर्ष त्रिपाठी ने सिर्फ दो दिन में ही एक पृथ्वी उपग्रह का मॉडल तैयार कर दिया। मॉडल के जरिए यह बताने की कोशिश की गई कि सेटेलाइट पृथ्वी के चारों ओर किस तरह घूमती है। इसमें जियोस्टेशनरी, जियोसिंक्रोनस और पोलर सेटेलाइट का प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शनी के संयोजक डॉ. ऋषि सक्सेना ने बताया कि इसरो के वैज्ञानिकों ने यह मॉडल देखा तो उन्हें काफी पसंद आया। वैज्ञानिकों ने यह मॉडल अहमदाबाद में विक्रम साराभाई रिसर्च सेंटर में मंगाया है। इसके अलावा कुछ और मॉडल तैयार करने को कहा है। इसके लिए इसरो खुद विद्यार्थियों को बजट उपलब्ध कराएगा। यह मॉडल इसरो की ओर से लगने वाली प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह बीयू के लिए गौरव की बात है।
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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के राजीव गांधी इंडोर स्टेडियम में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र की ओर से विक्रम साराभाई अंतरिक्ष प्रदर्शनी का तीन दिवसीय आयोजन किया गया था। आयोजन के दौरान इसरो की ओर से कई मॉडल प्रदर्शित किए गए थे। इसके जरिए विद्यार्थियों और आमजन को अंतरिक्ष विज्ञान की बारीकियां बताई गईं। इन्हीं मॉडल को देखते हुए कुलपति प्रो. जेवी वैशम्पायन ने मेकेनिकल इंजीनियरिंग के शिक्षकों से मॉडल बनाने को कहा। इसके बाद इंजीनियर राहुल शुक्ला के निर्देशन में इस मॉडल को छात्र सिद्धार्थ शुक्ला, अभिनव जैन, साक्षर, अमित कुमार, मो. फैजल, धीरेंद्र सिंह, उत्कर्ष त्रिपाठी ने सिर्फ दो दिन में ही एक पृथ्वी उपग्रह का मॉडल तैयार कर दिया। मॉडल के जरिए यह बताने की कोशिश की गई कि सेटेलाइट पृथ्वी के चारों ओर किस तरह घूमती है। इसमें जियोस्टेशनरी, जियोसिंक्रोनस और पोलर सेटेलाइट का प्रदर्शन किया गया।
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प्रदर्शनी के संयोजक डॉ. ऋषि सक्सेना ने बताया कि इसरो के वैज्ञानिकों ने यह मॉडल देखा तो उन्हें काफी पसंद आया। वैज्ञानिकों ने यह मॉडल अहमदाबाद में विक्रम साराभाई रिसर्च सेंटर में मंगाया है। इसके अलावा कुछ और मॉडल तैयार करने को कहा है। इसके लिए इसरो खुद विद्यार्थियों को बजट उपलब्ध कराएगा। यह मॉडल इसरो की ओर से लगने वाली प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह बीयू के लिए गौरव की बात है।
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