{"_id":"6840ab50d1bf7dd2500d0ca7","slug":"irrigation-workers-angry-over-declaration-of-6000-posts-as-dead-cadre-raised-their-voice-jhansi-news-c-11-1-jhs1032-570484-2025-06-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi News: 6000 पद मृत संवर्ग में घोषित करने से नाराज सिंचाई कर्मियों ने भरी हुंकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi News: 6000 पद मृत संवर्ग में घोषित करने से नाराज सिंचाई कर्मियों ने भरी हुंकार
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। सिंचाई विभाग के 17 पदों के सापेक्ष 6000 पदों को मृत संवर्ग में घोषित कर दिए जाने से नाराज सिंचाई कर्मियों का आंदोलन बुधवार को भी जारी रहा। नाराज कर्मचारियों ने बेतवा भवन में धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद जुलूस की शक्ल में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। यहां शासनादेश निरस्त किए जाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। आंदोलित कर्मचारियों ने शासनादेश निरस्त न होने तक आंदोलन करने का अल्टीमेटम दिया है।
सिंचाई विभाग संयुक्त कर्मचारी संघर्ष समिति के बैनर तले प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने शासनादेश पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इसे कर्मचारी एवं किसान विरोधी ठहराया। उन्होंने कहा कि जब तक शासनादेश निरस्त नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। 20 जून को प्रदेश स्तर पर विरोध करने की बात कही। प्रदर्शन में सिविल डिप्लोमा इंजीनियर संघ, सर्किल ऑफिसेज, मिनिस्टीरियल इरिगेशन डिपाटमेंट, उप राजस्व अधिकारी संघ, स्टैनो संघ, ड्राइंग स्टॉफ संघ, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ, वाहन चालक संघ, भंडार कर्मचारी संघ समेत अन्य संगठन शामिल रहे। इस दौरान आर्य कुमार गुप्ता, पंकज कौशिक, अजीत कुमार, राजाराम यादव, फहीम, आशीष रिछारिया, कपिल देव समेत अन्य मौजूद रहे7
झांसी। सिंचाई विभाग के 17 पदों के सापेक्ष 6000 पदों को मृत संवर्ग में घोषित कर दिए जाने से नाराज सिंचाई कर्मियों का आंदोलन बुधवार को भी जारी रहा। नाराज कर्मचारियों ने बेतवा भवन में धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद जुलूस की शक्ल में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। यहां शासनादेश निरस्त किए जाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। आंदोलित कर्मचारियों ने शासनादेश निरस्त न होने तक आंदोलन करने का अल्टीमेटम दिया है।
सिंचाई विभाग संयुक्त कर्मचारी संघर्ष समिति के बैनर तले प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने शासनादेश पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इसे कर्मचारी एवं किसान विरोधी ठहराया। उन्होंने कहा कि जब तक शासनादेश निरस्त नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। 20 जून को प्रदेश स्तर पर विरोध करने की बात कही। प्रदर्शन में सिविल डिप्लोमा इंजीनियर संघ, सर्किल ऑफिसेज, मिनिस्टीरियल इरिगेशन डिपाटमेंट, उप राजस्व अधिकारी संघ, स्टैनो संघ, ड्राइंग स्टॉफ संघ, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ, वाहन चालक संघ, भंडार कर्मचारी संघ समेत अन्य संगठन शामिल रहे। इस दौरान आर्य कुमार गुप्ता, पंकज कौशिक, अजीत कुमार, राजाराम यादव, फहीम, आशीष रिछारिया, कपिल देव समेत अन्य मौजूद रहे7
विज्ञापन