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Jhansi News: सिंचाई विभाग नहीं खर्च कर सका 72.90 लाख रुपये
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। वित्तीय वर्ष की समाप्ति को देखते हुए सिंचाई विभाग ने विभिन्न योजनाओं के लिए जारी की गई धनराशि का उपभोग न कर पाने के चलते 72.90 लाख रुपये लौटा दिए हैं।
2023-24 में सिंचाई खंड को गड्ढा मुक्ति व नवीनीकरण के लिए करीब 4.11 करोड़ रुपये शासन से मिले थे। वित्तीय वर्ष में 4 करोड़ 9 लाख रुपये का कार्य करा दिया था, लेकिन 1.9 लाख रुपये खर्च नहीं हो पाए। राजघाट निमार्ण खंड को गोविंद सागर बांध भरने के लिए फीडर चैनल के निर्माण की खातिर प्रारंभिक सर्वेक्षण कार्य व ड्राइंग तैयार करने के लिए 15 लाख रुपये मिले थे। जिसमें से 13.19 लाख रुपये खर्च किए गए, जबकि 1.81 लाख धनराशि बची रही।
इसी प्रकार शहजाद बांध से निकली बाईं नहर को आदर्श व मॉडल नहर बनाए जाने के लिए 70 लाख रुपये शासन से हाल में जारी हुए थे, जिसे इस वित्तीय वर्ष में खर्च करना मुश्किल हो रहा था। सिंचाई खंड व राजघाट निर्माण खंड के अधिकारियों ने इन रुपयों को सरेंडर कर दिया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार अब अगले वित्तीय वर्ष में इस धनराशि की मांग जाएगी और कार्य कराए जाएंगे।
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ललितपुर। वित्तीय वर्ष की समाप्ति को देखते हुए सिंचाई विभाग ने विभिन्न योजनाओं के लिए जारी की गई धनराशि का उपभोग न कर पाने के चलते 72.90 लाख रुपये लौटा दिए हैं।
2023-24 में सिंचाई खंड को गड्ढा मुक्ति व नवीनीकरण के लिए करीब 4.11 करोड़ रुपये शासन से मिले थे। वित्तीय वर्ष में 4 करोड़ 9 लाख रुपये का कार्य करा दिया था, लेकिन 1.9 लाख रुपये खर्च नहीं हो पाए। राजघाट निमार्ण खंड को गोविंद सागर बांध भरने के लिए फीडर चैनल के निर्माण की खातिर प्रारंभिक सर्वेक्षण कार्य व ड्राइंग तैयार करने के लिए 15 लाख रुपये मिले थे। जिसमें से 13.19 लाख रुपये खर्च किए गए, जबकि 1.81 लाख धनराशि बची रही।
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इसी प्रकार शहजाद बांध से निकली बाईं नहर को आदर्श व मॉडल नहर बनाए जाने के लिए 70 लाख रुपये शासन से हाल में जारी हुए थे, जिसे इस वित्तीय वर्ष में खर्च करना मुश्किल हो रहा था। सिंचाई खंड व राजघाट निर्माण खंड के अधिकारियों ने इन रुपयों को सरेंडर कर दिया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार अब अगले वित्तीय वर्ष में इस धनराशि की मांग जाएगी और कार्य कराए जाएंगे।
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