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चेता प्रशासन, नाले की होगी जांच
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केकेपुरी से सैयद नगर होते हुए गए नाला में राजघाट नहर की पुलिया में लगे नाला के पानी के निकास के सा?
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झांसी। आवास विकास स्थित केके पुरी नाले के निर्माण में हर स्तर पर लापरवाही बरती गई है। ढाल गलत बनने से बारिश का पानी नाले से निकलने के बजाए लोगों के घरों में भर जाता है। इससे स्थानीय लोगों ने बरसात के डर से पलायन शुरू कर दिया है। अमर उजाला द्वारा उठाई गई इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए कमिश्नर कुमुदलता श्रीवास्तव ने नाले की टीएसी (टेक्निकल एडवाइजरी कमेटी) जांच के आदेश दिए हैं। लापरवाही बरतने वालों पर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
पुराने भुसारी फार्म हाउस के पीछे से निकला केके पुरी नाला सैयद नगर से हाता हुआ पहूज नदी में गिरता है। यह नाला बीते एक साल से लोगों के लिए मुसीबत बना है। आलम यह है कि इस क्षेत्र के लोग बरसात को लेकर भयभीत हैं। कुछ लोग वहां से पलायन कर रहे हैं। कई लोगों ने पानी भरने से डर से घर के निचले तल को खाली कर सामान दूसरे तल पर पहुंचा दिया है। उन्हें डर है कि कहीं पिछले साल की तरह इस बार भी भारी बरसात में वहां जलभराव न हो जाए। हाल में कुछ लोगों चंदा कर नाले की सफाई और उसे ठीक कराया था। स्थानीय लोगों की इस समस्या को लेकर अमर उजाला ने 23 जून को ‘नगर निगम से उठा विश्वास, चंदा कर ठीक करा रहे नाला’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इस पर कमिश्नर ने उक्त नाले की टीएसी जांच कराने का आदेश दिया है। वहीं, जांच के लिए नियुक्त अधिकारी को नाले से संबंधित दस्तावेज नहीं मिल सके हैँ। इस कारण जांच एक सप्ताह के लिए टल गई है।
बता दें कि पिछले साल बरसात में नाले का पानी घरों में कई फुट तक भर गया था, जिससे सैकड़ों क्षेत्रवासियों को नुकसान हुआ था। लोगों का काफी सामान पानी में डूबकर खराब हो गया था। इसके बाद लगातार एक साल से क्षेत्र के लोग नाले की ढाल को ठीक कराने को लेकर मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल के अलावा प्रशासन ओर नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं। इसके बाद भी हर बार थोड़ा बहुत काम कराकर छोड़ दिया जाता था।
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लापरवाही से बाज नहीं आ रहे अफसर
नगर निगम के अधिकारी अब भी लापरवाही से बाज आने का नाम नहीं ले रहे हैं। जांच अधिकारी ने नगर निगम के अधिशासी अभियंता से संपर्क कर नाले से संबंधित दस्तावेज मांगे थे जो कि उपलब्ध नहीं हो पाए हैं। अगर दस्तावेज मिल जाते तो जांच शुरू हो जाती।
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पुराने भुसारी फार्म हाउस के पीछे से निकला केके पुरी नाला सैयद नगर से हाता हुआ पहूज नदी में गिरता है। यह नाला बीते एक साल से लोगों के लिए मुसीबत बना है। आलम यह है कि इस क्षेत्र के लोग बरसात को लेकर भयभीत हैं। कुछ लोग वहां से पलायन कर रहे हैं। कई लोगों ने पानी भरने से डर से घर के निचले तल को खाली कर सामान दूसरे तल पर पहुंचा दिया है। उन्हें डर है कि कहीं पिछले साल की तरह इस बार भी भारी बरसात में वहां जलभराव न हो जाए। हाल में कुछ लोगों चंदा कर नाले की सफाई और उसे ठीक कराया था। स्थानीय लोगों की इस समस्या को लेकर अमर उजाला ने 23 जून को ‘नगर निगम से उठा विश्वास, चंदा कर ठीक करा रहे नाला’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इस पर कमिश्नर ने उक्त नाले की टीएसी जांच कराने का आदेश दिया है। वहीं, जांच के लिए नियुक्त अधिकारी को नाले से संबंधित दस्तावेज नहीं मिल सके हैँ। इस कारण जांच एक सप्ताह के लिए टल गई है।
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बता दें कि पिछले साल बरसात में नाले का पानी घरों में कई फुट तक भर गया था, जिससे सैकड़ों क्षेत्रवासियों को नुकसान हुआ था। लोगों का काफी सामान पानी में डूबकर खराब हो गया था। इसके बाद लगातार एक साल से क्षेत्र के लोग नाले की ढाल को ठीक कराने को लेकर मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल के अलावा प्रशासन ओर नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं। इसके बाद भी हर बार थोड़ा बहुत काम कराकर छोड़ दिया जाता था।
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लापरवाही से बाज नहीं आ रहे अफसर
नगर निगम के अधिकारी अब भी लापरवाही से बाज आने का नाम नहीं ले रहे हैं। जांच अधिकारी ने नगर निगम के अधिशासी अभियंता से संपर्क कर नाले से संबंधित दस्तावेज मांगे थे जो कि उपलब्ध नहीं हो पाए हैं। अगर दस्तावेज मिल जाते तो जांच शुरू हो जाती।