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नाला निर्माण की होगी जांच
Fri, 03 May 2019 02:09 AM IST
देवेंद्र कुमार
jhansi
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Published by: देवेंद्र कुमार
Updated Fri, 03 May 2019 02:09 AM IST
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awas vikas nala
- फोटो : demo
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झांसी। नगर निगम के लोकनिर्माण विभाग की इंजीनियरिंग का जवाब नहीं। बिना ढाल और गुणवत्ता की जांच के आवास विकास का नाला बनाकर तैयार कर दिया। पिछली बारिश में नाला उफनाने के बाद इसमें सुधार के कई प्रयास हो चुके हैं, लेकिन अब तक स्थिति जस की तस है। इसे देखते हुए महापौर ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
नगर निगम ने बड़ा नाला पिछले साल तैयार कराया था, जिसमें नगरा, खातीबाबा और आवास विकास सहित अन्य इलाकों का पानी गिरता है। इस नाले के निर्माण के पूर्व ही आवास विकास के केके पुरी के बाशिंदों ने नाले की ढाल को लेकर आपत्ति जताई थी पर उनकी एक नहीं सुनी गई और नाला तैयार कर दिया गया। आलम ये हुआ कि पिछले साल बरसात में नाले के उफनाने के कारण कई घरों में जलभराव हो गया था, जिसमें कई महंगे उपकरण तक डूब गए थे। यह स्थिति दोबारा नहीं बने उसके लिए लगातार शिकायत का क्रम जारी रहा। लेकिन, इंजीनियरों ने हर बार अपनी लापरवाही को छिपाने के लिए थोड़ा बहुत सुधार कराकर लोगों को चुप कराने का प्रयास किया। अब महापौर ने मामले को संज्ञान में लेने के बाद जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का भी आदेश दिया है।
बनाए कई बहाने
एक साल में नाले का बहाव रुकने को लेकर कई बहाने बनाए गए। हर बार इंजीनियर सफल भी रहे। इस आदेश के बाद भी बहाने बनाने का क्रम जारी रहा। चीफ इंजीनियर ने आदेश के बाद कहा कि बहते नाले में वाटर लेवल कराना मुश्किल है। इस पर महापौर ने सख्ती के साथ वाटर लेवल कराने का निर्देश दिया। क्षेत्रवासियों की मानें तो संगम विहार से ढाल उल्टा है। यही कारण है कि केके पुरी में जलभराव की समस्या बन रही है। विनीत निगम ने बताया कि बरसात न होने के बावजूद अभी भी नालियों में नाले का पानी भरा रहता है। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल पर कई बार शिकायत दर्ज कराई गई पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही थी।
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खुद ठेकेदार होने के कारण पहली नजर में ही नाले का ढाल उल्टा होने की जानकारी नगर निगम की तरफ से कार्य करा रहे ठेकेदार को दी थी, पर एक नहीं सुनी गई। - संतोष ठेकेदार, केके
मैं खुद इंजीनियर हूं और कई जांच करता हूं। नगर निगम के इंजीनियरों पर भरोसा नहीं है। जांच का जिम्मा अन्य विभाग को दिया जाए, जिससे भ्रष्टाचार उजागर हो। - अरविंद वर्मा, केके पुरी
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नगर निगम ने बड़ा नाला पिछले साल तैयार कराया था, जिसमें नगरा, खातीबाबा और आवास विकास सहित अन्य इलाकों का पानी गिरता है। इस नाले के निर्माण के पूर्व ही आवास विकास के केके पुरी के बाशिंदों ने नाले की ढाल को लेकर आपत्ति जताई थी पर उनकी एक नहीं सुनी गई और नाला तैयार कर दिया गया। आलम ये हुआ कि पिछले साल बरसात में नाले के उफनाने के कारण कई घरों में जलभराव हो गया था, जिसमें कई महंगे उपकरण तक डूब गए थे। यह स्थिति दोबारा नहीं बने उसके लिए लगातार शिकायत का क्रम जारी रहा। लेकिन, इंजीनियरों ने हर बार अपनी लापरवाही को छिपाने के लिए थोड़ा बहुत सुधार कराकर लोगों को चुप कराने का प्रयास किया। अब महापौर ने मामले को संज्ञान में लेने के बाद जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का भी आदेश दिया है।
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बनाए कई बहाने
एक साल में नाले का बहाव रुकने को लेकर कई बहाने बनाए गए। हर बार इंजीनियर सफल भी रहे। इस आदेश के बाद भी बहाने बनाने का क्रम जारी रहा। चीफ इंजीनियर ने आदेश के बाद कहा कि बहते नाले में वाटर लेवल कराना मुश्किल है। इस पर महापौर ने सख्ती के साथ वाटर लेवल कराने का निर्देश दिया। क्षेत्रवासियों की मानें तो संगम विहार से ढाल उल्टा है। यही कारण है कि केके पुरी में जलभराव की समस्या बन रही है। विनीत निगम ने बताया कि बरसात न होने के बावजूद अभी भी नालियों में नाले का पानी भरा रहता है। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल पर कई बार शिकायत दर्ज कराई गई पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही थी।
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खुद ठेकेदार होने के कारण पहली नजर में ही नाले का ढाल उल्टा होने की जानकारी नगर निगम की तरफ से कार्य करा रहे ठेकेदार को दी थी, पर एक नहीं सुनी गई। - संतोष ठेकेदार, केके
मैं खुद इंजीनियर हूं और कई जांच करता हूं। नगर निगम के इंजीनियरों पर भरोसा नहीं है। जांच का जिम्मा अन्य विभाग को दिया जाए, जिससे भ्रष्टाचार उजागर हो। - अरविंद वर्मा, केके पुरी