{"_id":"6824f02141c586709d0b4676","slug":"integrated-command-center-is-ready-the-company-is-looking-for-a-working-agency-for-the-software-jhansi-news-c-131-1-ltp1004-135110-2025-05-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi News: इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर तैयार, सॉफ्टवेयर के लिए कंपनी ढूंढ रही कार्यदायी संस्था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi News: इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर तैयार, सॉफ्टवेयर के लिए कंपनी ढूंढ रही कार्यदायी संस्था
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ललितपुर। सुपर मार्केट स्थित पुराने एलआईसी भवन में शहर में ‘तीसरी आंख’ से निगरानी के लिए बने इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर संचालित नहीं हो पा रहा है। इससे शहर की गतिविधियों समेत सफाई की निगरानी ठीक से नहीं हो पा रही है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सॉफ्टवेयर खराब होने कारण संचालन नहीं किया जा रहा है। जल्द ही दूसरी कंपनी से संपर्क कर इसे संचालित कराया जाएगा।
नगर पालिका परिषद द्वारा बीते वर्ष इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर का निर्माण कराया है। इसमें कई प्रकार की सुविधाएं की गई हैं। इनमें शहर में निगरानी के लिए 14 सार्वजनिक स्थानों पर 50 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिन्हें आईसीसीसी से कंट्रोल किए जाने की सुविधा है। साथ ही कचरा प्रबंधन/एफएसएसएम वाहनों की ट्रैकिंग और सफाई व्यवस्था की हकीकत भी जान सकेंगे। इसके अलावा जनशिकायतों की सुनवाई व निस्तारण, टोलफ्री नंबर 1533 व 14420 भी जारी किए गए हैं। इसमें किसी भी प्रकार की समस्या व पालिका से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। यदि कोई समस्या होने पर शिकायत भी दर्ज कराने का प्रावधान किया गया है।
लेकिन, वर्तमान में इन सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। न ही शहर में तीसरी आंख से निगरानी हो पा रही है। कारण कमांड सेंटर का सॉफ्टवेयर खराब हो गया है। इससे शहर में कचरा वाहनों की ट्रैकिंग नहीं हो पा रही है। यही नहीं लोगों को पालिका से संबंधित जानकारी के लिए कार्यालय तक जाना पड़ रहा है। हालांकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सॉफ्टवेयर खराब होने से सेंटर का संचालन नहीं हो पा रहा है। दूसरी कंपनी से संपर्क कर कमांड सेंटर का संचालन शुरू होगा।
विज्ञापन
-- -
घटनाओं को रोकने की भी व्यवस्था
शहर में किसी भी प्रकार की आपात स्थिति होने पर कैमरे के सामने तीन अंगुली सीसीटीवी कैमरे के सामने अपने हाथ के अंगूठे को मोड़कर दिखाने पर इमरजेंसी सिग्नल हो जाएगा। इसका मैसेज तत्काल पुलिस के पास पहुंच जाएगा। इस पर संबंधित व्यक्ति के पास कुछ ही समय में पुलिस मदद को पहुंच जाएगी। हालांकि चालू न होने से सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
-- -
कमांड सेंटर का सॉफ्टवेयर खराब हो गया है। अब तक कंपनी निशुल्क उपलब्ध करा रही थी। अब कंपनी को हायर करने की तैयारियां चल रही है। जल्द ही सेंटर को चालू कराया जाएगा। - दिनेश कुमार विश्वकर्मा, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद
विज्ञापन
नगर पालिका परिषद द्वारा बीते वर्ष इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर का निर्माण कराया है। इसमें कई प्रकार की सुविधाएं की गई हैं। इनमें शहर में निगरानी के लिए 14 सार्वजनिक स्थानों पर 50 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिन्हें आईसीसीसी से कंट्रोल किए जाने की सुविधा है। साथ ही कचरा प्रबंधन/एफएसएसएम वाहनों की ट्रैकिंग और सफाई व्यवस्था की हकीकत भी जान सकेंगे। इसके अलावा जनशिकायतों की सुनवाई व निस्तारण, टोलफ्री नंबर 1533 व 14420 भी जारी किए गए हैं। इसमें किसी भी प्रकार की समस्या व पालिका से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। यदि कोई समस्या होने पर शिकायत भी दर्ज कराने का प्रावधान किया गया है।
विज्ञापन
लेकिन, वर्तमान में इन सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। न ही शहर में तीसरी आंख से निगरानी हो पा रही है। कारण कमांड सेंटर का सॉफ्टवेयर खराब हो गया है। इससे शहर में कचरा वाहनों की ट्रैकिंग नहीं हो पा रही है। यही नहीं लोगों को पालिका से संबंधित जानकारी के लिए कार्यालय तक जाना पड़ रहा है। हालांकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सॉफ्टवेयर खराब होने से सेंटर का संचालन नहीं हो पा रहा है। दूसरी कंपनी से संपर्क कर कमांड सेंटर का संचालन शुरू होगा।
विज्ञापन
घटनाओं को रोकने की भी व्यवस्था
शहर में किसी भी प्रकार की आपात स्थिति होने पर कैमरे के सामने तीन अंगुली सीसीटीवी कैमरे के सामने अपने हाथ के अंगूठे को मोड़कर दिखाने पर इमरजेंसी सिग्नल हो जाएगा। इसका मैसेज तत्काल पुलिस के पास पहुंच जाएगा। इस पर संबंधित व्यक्ति के पास कुछ ही समय में पुलिस मदद को पहुंच जाएगी। हालांकि चालू न होने से सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
कमांड सेंटर का सॉफ्टवेयर खराब हो गया है। अब तक कंपनी निशुल्क उपलब्ध करा रही थी। अब कंपनी को हायर करने की तैयारियां चल रही है। जल्द ही सेंटर को चालू कराया जाएगा। - दिनेश कुमार विश्वकर्मा, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद