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Jhansi News: विशिष्ट बीटीसी की अंक तालिकाएं गायब होने पर कार्रवाई करने के निर्देश
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खतरे में पड़ सकती है बेसिक शिक्षा विभाग के करीब एक हजार शिक्षकों की नौकरी
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में विशिष्ट बीटीसी की अंक तालिकाएं (गणक पंजिका) गायब हैं। इस मामले में सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी (प्रयागराज) ने पत्र जारी कर दोषी कर्मी पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसकी आख्या से अवगत कराने के साथ ही द्वितीय प्रति प्राप्त करने के लिए कहा है। वहीं, बेसिक शिक्षा विभाग के करीब एक हजार शिक्षकों की नौकरी खतरे में पड़ सकती है।
डायट से वर्ष 1999, 2004, 2007 व 2008 में विशिष्ट बीटीसी करने वाले सैकड़ों शिक्षकों की अंक तालिकाएं गायब हैं। इससे करीब एक हजार शिक्षक परेशान हैं क्योंकि टीईटी या सी-टेट के लिए 18 दिसंबर तक आवेदन करना है। जिन्होंने उक्त वर्ष में विशिष्ट बीटीसी की थी, अब वह अंकतालिका लेने डायट पहुंच रहे हैं मगर वह मिल नहीं रही है। इस बारे में कोई भी जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी कुछ भी बताने के लिए तैयार नहीं है।
बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रसकेंद्र गौतम ने बताया कि सी-टेट या टीईटी पास न करने पर शिक्षकों को बाहर करने की तैयारी है। 27 नवंबर से सी-टेट के ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया चल रही है, जिसमें प्राप्तांक-पूर्णांक दर्ज करने हैं।
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परीक्षा नियामक प्राधिकारी प्रयागराज ने जारी पत्र में कहा है कि विशिष्ट बीटीसी अर्हता प्रमाण पत्र निर्गत किए गए थे। अंकतालिकाएं डायट को प्राप्त कराई गई थीं। यह काफी गोपनीय अभिलेख हैं, जिसका डायट में नहीं मिलना अथवा खोना काफी गंभीर है। दोषी कर्मी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अवगत कराएं। इसकी कार्रवाई के साथ ही वाहक को भेजा जाए ताकि अंकतालिकाओं की द्वितीय प्रति उपलब्ध कराई जा सके।
वर्जन
डायट में तैनात रहे कर्मी ने लिखकर दिया है कि अंकतालिकाएं उपलब्ध नहीं कराई गई थीं। इसके साथ ही लेक्चरर मो. आलम को प्रयागराज द्वितीय प्रति लेने के लिए भेजा है। जब अंकतालिकाएं मिली ही नहीं तो कैसे खोने की बात कही जा सकती है। - राजू राणा, डायड प्रधानाचार्य एवं जेडी
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में विशिष्ट बीटीसी की अंक तालिकाएं (गणक पंजिका) गायब हैं। इस मामले में सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी (प्रयागराज) ने पत्र जारी कर दोषी कर्मी पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसकी आख्या से अवगत कराने के साथ ही द्वितीय प्रति प्राप्त करने के लिए कहा है। वहीं, बेसिक शिक्षा विभाग के करीब एक हजार शिक्षकों की नौकरी खतरे में पड़ सकती है।
डायट से वर्ष 1999, 2004, 2007 व 2008 में विशिष्ट बीटीसी करने वाले सैकड़ों शिक्षकों की अंक तालिकाएं गायब हैं। इससे करीब एक हजार शिक्षक परेशान हैं क्योंकि टीईटी या सी-टेट के लिए 18 दिसंबर तक आवेदन करना है। जिन्होंने उक्त वर्ष में विशिष्ट बीटीसी की थी, अब वह अंकतालिका लेने डायट पहुंच रहे हैं मगर वह मिल नहीं रही है। इस बारे में कोई भी जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी कुछ भी बताने के लिए तैयार नहीं है।
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बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रसकेंद्र गौतम ने बताया कि सी-टेट या टीईटी पास न करने पर शिक्षकों को बाहर करने की तैयारी है। 27 नवंबर से सी-टेट के ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया चल रही है, जिसमें प्राप्तांक-पूर्णांक दर्ज करने हैं।
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परीक्षा नियामक प्राधिकारी प्रयागराज ने जारी पत्र में कहा है कि विशिष्ट बीटीसी अर्हता प्रमाण पत्र निर्गत किए गए थे। अंकतालिकाएं डायट को प्राप्त कराई गई थीं। यह काफी गोपनीय अभिलेख हैं, जिसका डायट में नहीं मिलना अथवा खोना काफी गंभीर है। दोषी कर्मी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अवगत कराएं। इसकी कार्रवाई के साथ ही वाहक को भेजा जाए ताकि अंकतालिकाओं की द्वितीय प्रति उपलब्ध कराई जा सके।
वर्जन
डायट में तैनात रहे कर्मी ने लिखकर दिया है कि अंकतालिकाएं उपलब्ध नहीं कराई गई थीं। इसके साथ ही लेक्चरर मो. आलम को प्रयागराज द्वितीय प्रति लेने के लिए भेजा है। जब अंकतालिकाएं मिली ही नहीं तो कैसे खोने की बात कही जा सकती है। - राजू राणा, डायड प्रधानाचार्य एवं जेडी