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Jhansi News: खेलते समय झूले के फंदे में फंस मासूम की मौत
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी/बड़ागांव। बड़ागांव के बराठा गांव में बुधवार शाम हादसे में घर में खेलते समय झूले के फंदे में फंस जाने से नौ साल ऋषभ की जान चली गई। कुछ देर बाद जब कमरे में मां पहुंची, तब वह फंदे से लटका मिला। पड़ोसियों ने उसे फंदे से उतारा लेकिन, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। फोरेंसिक टीम भी बुला ली गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। बच्चे की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
बराठा गांव निवासी बिहारी पेट्रोल पंप में सेल्समैन है। बुधवार को वह ड्यूटी गया था। पत्नी रंजना, नौ साल का बेटा ऋतिक एवं छोटी बेटी ऋतिका घर पर थीं। परिजनों का कहना है शाम करीब 6:30 बजे मां रंजना बेटी को लेकर घर के बाहर बैठी थी जबकि ऋतिक घर के अंदर अकेले खेल रहा था। घर के अंदर एक मोटी रस्सी बंधी हुई थी। इसमें अक्सर वह रस्सी डालकर झूला झुलता था। बुधवार शाम को भी पलंग के सहारे रस्सी फंसाकर वह झूला झूल रहा था। झूलते समय हाथ से छूटकर रस्सी उसके गले में फंस गई। ऋषभ इससे निकल नहीं सका। दम घुटने पर घबराकर वह पलंग से नीचे कूद पड़ा, जिससे उसके गले की रस्सी कस गई। रस्सी कसने पर कुछ देर बाद दम घुटने से उसकी मौत हो गई। कुछ देर बाद जब रंजना अंदर पहुंची, तब बेटा का शव रस्सी में फंसा लटका हुआ था। यह दृश्य देखते ही मां चीखकर अचेत हो गई। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़कर आ गए। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। थोड़ी देर में बड़ागांव पुलिस पहुंच गई हालांकि तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। हादसे की खबर लगते ही पिता बिहारी रोते-बिलखते पहुंच गया। ऋषभ डीएवी स्कूल में कक्षा दो का छात्र था। सीओ सदर रामवीर सिंह का कहना है कि हादसे में ही मासूम की जान गई।
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झांसी/बड़ागांव। बड़ागांव के बराठा गांव में बुधवार शाम हादसे में घर में खेलते समय झूले के फंदे में फंस जाने से नौ साल ऋषभ की जान चली गई। कुछ देर बाद जब कमरे में मां पहुंची, तब वह फंदे से लटका मिला। पड़ोसियों ने उसे फंदे से उतारा लेकिन, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। फोरेंसिक टीम भी बुला ली गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। बच्चे की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
बराठा गांव निवासी बिहारी पेट्रोल पंप में सेल्समैन है। बुधवार को वह ड्यूटी गया था। पत्नी रंजना, नौ साल का बेटा ऋतिक एवं छोटी बेटी ऋतिका घर पर थीं। परिजनों का कहना है शाम करीब 6:30 बजे मां रंजना बेटी को लेकर घर के बाहर बैठी थी जबकि ऋतिक घर के अंदर अकेले खेल रहा था। घर के अंदर एक मोटी रस्सी बंधी हुई थी। इसमें अक्सर वह रस्सी डालकर झूला झुलता था। बुधवार शाम को भी पलंग के सहारे रस्सी फंसाकर वह झूला झूल रहा था। झूलते समय हाथ से छूटकर रस्सी उसके गले में फंस गई। ऋषभ इससे निकल नहीं सका। दम घुटने पर घबराकर वह पलंग से नीचे कूद पड़ा, जिससे उसके गले की रस्सी कस गई। रस्सी कसने पर कुछ देर बाद दम घुटने से उसकी मौत हो गई। कुछ देर बाद जब रंजना अंदर पहुंची, तब बेटा का शव रस्सी में फंसा लटका हुआ था। यह दृश्य देखते ही मां चीखकर अचेत हो गई। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़कर आ गए। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। थोड़ी देर में बड़ागांव पुलिस पहुंच गई हालांकि तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। हादसे की खबर लगते ही पिता बिहारी रोते-बिलखते पहुंच गया। ऋषभ डीएवी स्कूल में कक्षा दो का छात्र था। सीओ सदर रामवीर सिंह का कहना है कि हादसे में ही मासूम की जान गई।
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