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इनसे सीखिए... इन्होंने लागू कर लिया खुद का लॉकडाउन
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झांसी। कोरोना वायरस के संक्रमण से निपटने के लिए प्रशासन की ओर से जिले में नाईट कर्फ्यू ही लागू किया गया है, लेकिन तमाम लोग ऐसे हैं, जिन्होंने अपने घर की चारदीवारी के भीतर लॉकडाउन लगा दिया है। ये वो लोग हैं, जो घर में रहकर ही कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव कर रहे हैं। ये न तो खुद बेवजह घर से बाहर निकल रहे हैं और न ही परिवार के किसी सदस्य को घर की दहलीज लांघने दे रहे हैं। इतना ही नहीं, अपने दोस्तों व अन्य परिजनों को भी घर में ही रहने की सलाह दे रहे हैं।
बाहर के लोगों के लिए घर के दरवाजे बंद
झांसी। ओम शांति नगर निवासी कारोबारी मुकेश मिश्रा पिछले चार -पांच दिनों से अपना पूरा वक्त घर पर ही परिवार के बीच बिता रहे हैं। उनका कहना है कि कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते मामलों की वजह उन्होंने अपना खुद का लॉकडाउन लागू कर लिया है। न वे घर से निकल रहे हैं और न ही परिवार के किसी अन्य सदस्य को बाहर जाने की इजाजत दे रहे हैं। इसके अलावा बाहरी लोगों का भी घर में प्रवेश एकदम बंद कर दिया है। कोरोना से बचने का यही सबसे सुरक्षित उपाय है।
होली के बाद से घर में हैं क्वारंटीन
झांसी। कैलाश रेजीडेंसी निवासी विद्या कुशवाहा अपने बच्चों के साथ यहां रहती हैं। जबकि, उनके पति घर के बाहर रहते हैं। विद्या ने बताया कि होली के बाद से कोरोना के तेजी से बढ़ते मामलों को देखते हुए वे अपने बच्चों के साथ घर में ही क्वारंटीन हो गईं हैं। ये सलाह उनके पति ने ही दी थी। विद्या ने बताया कि उनकी कॉलोनी में कोरोना की वजह से कई दर्दनाक घटनाएं हो चुकी हैं। ऐसे में सभी में दहशत है। कोरोना से बचने का सबसे बेहतर उपाय घर पर ही रहना लगा है।
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घर ही सबसे सुरक्षित जगह
झांसी। केके पुरी कॉलोनी निवासी गीता वर्मा ने कहा कि हमेशा से ही हर मामले में घर को ही सबसे सुरक्षित स्थान माना जाता है। कोरोना काल में ये साबित भी हो गया है। घर पर रहने के लिए हमें सरकार के आदेश का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। हमने खुद ही अपना लॉकडाउन लागू कर लिया है। पति एमपी में बैंक में कार्यरत हैं। कोरोना के खतरे की वजह से वे भी झांसी कम ही आते हैं। मैं न तो खुद घर से बाहर निकलती हूं और न ही बच्चों को जाने देती हूं। जरूरत की सामग्री घर पर ही मंगा लेती हूं।
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बाहर के लोगों के लिए घर के दरवाजे बंद
झांसी। ओम शांति नगर निवासी कारोबारी मुकेश मिश्रा पिछले चार -पांच दिनों से अपना पूरा वक्त घर पर ही परिवार के बीच बिता रहे हैं। उनका कहना है कि कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते मामलों की वजह उन्होंने अपना खुद का लॉकडाउन लागू कर लिया है। न वे घर से निकल रहे हैं और न ही परिवार के किसी अन्य सदस्य को बाहर जाने की इजाजत दे रहे हैं। इसके अलावा बाहरी लोगों का भी घर में प्रवेश एकदम बंद कर दिया है। कोरोना से बचने का यही सबसे सुरक्षित उपाय है।
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होली के बाद से घर में हैं क्वारंटीन
झांसी। कैलाश रेजीडेंसी निवासी विद्या कुशवाहा अपने बच्चों के साथ यहां रहती हैं। जबकि, उनके पति घर के बाहर रहते हैं। विद्या ने बताया कि होली के बाद से कोरोना के तेजी से बढ़ते मामलों को देखते हुए वे अपने बच्चों के साथ घर में ही क्वारंटीन हो गईं हैं। ये सलाह उनके पति ने ही दी थी। विद्या ने बताया कि उनकी कॉलोनी में कोरोना की वजह से कई दर्दनाक घटनाएं हो चुकी हैं। ऐसे में सभी में दहशत है। कोरोना से बचने का सबसे बेहतर उपाय घर पर ही रहना लगा है।
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घर ही सबसे सुरक्षित जगह
झांसी। केके पुरी कॉलोनी निवासी गीता वर्मा ने कहा कि हमेशा से ही हर मामले में घर को ही सबसे सुरक्षित स्थान माना जाता है। कोरोना काल में ये साबित भी हो गया है। घर पर रहने के लिए हमें सरकार के आदेश का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। हमने खुद ही अपना लॉकडाउन लागू कर लिया है। पति एमपी में बैंक में कार्यरत हैं। कोरोना के खतरे की वजह से वे भी झांसी कम ही आते हैं। मैं न तो खुद घर से बाहर निकलती हूं और न ही बच्चों को जाने देती हूं। जरूरत की सामग्री घर पर ही मंगा लेती हूं।