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Jhansi News: शैक्षणिक स्तर मिला न्यून तो कहीं विद्यार्थियों की संख्या कम

Fri, 30 May 2025 01:56 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 30 May 2025 01:56 AM IST
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In some places the educational level was found to be low and in some places the number of students was less

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अमर उजाला ब्यूरो



झांसी। बेसिक शिक्षा अधिकारी के औचक निरीक्षण में परिषदीय स्कूलों में पठन-पाठन की हकीकत सामने आ गई। कहीं शैक्षणिक स्तर न्यून मिला तो विद्यार्थियों की संख्या कम। साफ-सफाई भी नहीं मिला। बीएसए ने एक स्कूल के प्रधानाध्यापक की अस्थायी वेतन वृद्धि रोकी दी है। दूसरे स्कूल के स्टाफ से स्पष्टीकरण तलब कर लिया गया है।

बीएसए ने बबीना के कंपोजिट विद्यालय बुढ़पुरा का बीती 16 मई को औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान नामांकित के सापेक्ष विद्यार्थियों की उपस्थिति बहुत कम पाई गई थी। बच्चों का शैक्षणिक स्तर भी न्यून पाया गया। विद्यालय द्वारा फैमिली सर्वे भी नहीं किया गया है। कक्षाओं में साफ-सफाई भी नहीं मिली। शिक्षकों द्वारा टीएलएम, शिक्षक संदर्शिका का पठन-पाठन के दौरान प्रयोग भी नहीं करने की पुष्टि हुई। इससे पहले भी बीएसए ने यहां औचक निरीक्षण किया था, उसके बाद भी विद्यालय में कोई सुधार नहीं हुआ। ऐसे में बीएसए ने समस्त स्टाफ का स्पष्टीकरण तलब कर लिया है। बीईओ के जरिये एक सप्ताह में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही विद्यालय के कार्यों में लापरवाही बरतने पर प्रधानाध्यापक की एक अस्थायी वेतन वृद्धि भी रोक दी गई है।
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वहीं, मऊरानीपुर के प्राथमिक विद्यालय चुरारी का बीएसए ने 17 मई को औचक निरीक्षण किया। यहां तीन शिक्षामित्र अनुपस्थित मिले। विद्यार्थियों की संख्या बहुत कम थी। मिड डे मील मानक के अनुसार नहीं बना था। रसोइया इसका जवाब भी नहीं दे सकी। विद्यालय कार्यालय और कक्षा कक्ष अव्यवस्थित मिले। कार्यालय में साफ-सफाई भी नहीं मिली। प्रधानाध्यापक का व्यवहार भी सहयोगी स्टाफ के प्रति ठीक नहीं मिला। विद्यालय का पूरा स्टाफ परिवार सर्वेक्षण के कार्य में कोई रुचि नहीं ले रहा है। निरीक्षण के दौरान प्रधानाध्यापक पेड़ के नीचे बैठी थीं और विद्यार्थी यहां-वहां थे, जो कि शैक्षणिक कार्य में उदासीनता को दर्शाता है। जारी पत्र में कहा गया कि निरीक्षण से पता चला कि विद्यालय हमेशा रसोइया ही खोलती है। स्टाफ ने शिक्षक डायरी भी नहीं बनाई है। कक्षा कक्ष की आंतरिक दीवारें जीर्ण-शीर्ण हैं, जिनसे प्लास्टर गिरता हुआ पाया गया। बीएसए विपुल शिव सागर ने बताया कि प्रधानाध्यापक और समस्त स्टाफ से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
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