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तत्काल टिकटों पर बढ़ी रेलवे की ‘खुफिया नजर’
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झांसी। नए साल पर तमाम लोगों की दिल्ली, गोवा, मुंबई, जयपुर, अजमेर, जयपुर और उदयपुर जाने की तैयारी है। ऐसे में तत्काल टिकटों की मांग बढ़ना तय है। इस कारण खुफिया एजेंसियों ने भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) और रेलवे से बुक होने वाले ई टिकटों की गोपनीय तरीके से निगरानी शुरू कर दी है। पता किया जा रहा है कि कहां-कहां लोग इस तरह का काम कर रहे हैं।
क्रिसमस (25 दिसंबर) और नए साल का जश्न बड़े शहरोें में लोगों ने मनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके चलते गोवा, मुंबई, दिल्ली, जयपुर और राजस्थान जाने वाली ट्रेनों में वेटिंग मिलनी शुरु हो गई है। कई लोगों ने तो कई माह पहले से ही टिकट बुक करा लिए थे, लेकिन अब ऐन वक्त पर टिकट बुक कराने वालों की भीड़ भी उमड़ रही है। सर्दी का सीजन होने के साथ ही अधिकांश ट्रेनों में सीट नहीं है। जिनमें रिजर्वेशन मिल रहा है, उनमें 20 से 50 तक वेटिंग है। ऐसे में घूमने की तैयारी कर रहे लोग परेशान हैं। एजेंट इसका फायदा उठाने की तैयारी में हैं। खुफिया एजेंसियों को पता लगा है कि रिजर्वेशन करने वाले लोग गलत तरीके से आईआरसीटीसी के सॉफ्टवेयर में सेंध लगाकर टिकट बना सकते हैं। इसको लेकर रेलवे और आईआरसीटीसी ने गोपनीय तरीके से निगरानी शुरू कर दी है।
रेलवे का सतर्कता और वाणिज्य विभाग ऐसे एजेंटों पर विशेष निगरानी रख रहा है। इसके लिए आरपीएफ भी लगातार कार्रवाई करती है।’
मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी
एजेंट के लिए जरूरी है प्रमाणपत्र
रेलवे से मान्यता प्राप्त एजेंट अपने नीचे सब एजेंट बना सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार सभी एजेंट्स की भी समय-समय पर जांच की जाती है। एजेंट्स के लिए उनके कार्यालय पर बोर्ड लगाना और खिड़की के सामने ही ऐसे स्थान पर सर्टिफिकेट लगाना जरूरी किया गया है, जहां से वह आम आदमी को दिखाई दे। अगर किसी एजेंट के पास ये दोनों चीजें नहीं हैं तो उससे टिकट बुक न कराएं और अपने नजदीकी रेलवे स्टेशन पर सूचना दें।
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तत्काल का समय
एसी के लिए तत्काल बुकिंग सुबह 10 बजे और स्लीपर के लिए सुबह 11 बजे का समय तय है। इसके पहले टिकट बुक नहीं होता। चंद सेकेंड में ही टिकटों की बिक्री हो जाती है, जिससे आम आदमी को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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विजिलेंस टीम ने खंगाले काउंटर
उत्तर मध्य रेलवे की विजिलेंस टीम ने बृहस्पतिवार को आरक्षण कार्यालय में पहुंचकर जांच की। इस दौरान काउंटर पर बैठे कर्मचारियों के कैश को मिलाया गया। सब ठीक मिलने पर टीम वापस लौट गई।
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क्रिसमस (25 दिसंबर) और नए साल का जश्न बड़े शहरोें में लोगों ने मनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके चलते गोवा, मुंबई, दिल्ली, जयपुर और राजस्थान जाने वाली ट्रेनों में वेटिंग मिलनी शुरु हो गई है। कई लोगों ने तो कई माह पहले से ही टिकट बुक करा लिए थे, लेकिन अब ऐन वक्त पर टिकट बुक कराने वालों की भीड़ भी उमड़ रही है। सर्दी का सीजन होने के साथ ही अधिकांश ट्रेनों में सीट नहीं है। जिनमें रिजर्वेशन मिल रहा है, उनमें 20 से 50 तक वेटिंग है। ऐसे में घूमने की तैयारी कर रहे लोग परेशान हैं। एजेंट इसका फायदा उठाने की तैयारी में हैं। खुफिया एजेंसियों को पता लगा है कि रिजर्वेशन करने वाले लोग गलत तरीके से आईआरसीटीसी के सॉफ्टवेयर में सेंध लगाकर टिकट बना सकते हैं। इसको लेकर रेलवे और आईआरसीटीसी ने गोपनीय तरीके से निगरानी शुरू कर दी है।
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रेलवे का सतर्कता और वाणिज्य विभाग ऐसे एजेंटों पर विशेष निगरानी रख रहा है। इसके लिए आरपीएफ भी लगातार कार्रवाई करती है।’
मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी
एजेंट के लिए जरूरी है प्रमाणपत्र
रेलवे से मान्यता प्राप्त एजेंट अपने नीचे सब एजेंट बना सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार सभी एजेंट्स की भी समय-समय पर जांच की जाती है। एजेंट्स के लिए उनके कार्यालय पर बोर्ड लगाना और खिड़की के सामने ही ऐसे स्थान पर सर्टिफिकेट लगाना जरूरी किया गया है, जहां से वह आम आदमी को दिखाई दे। अगर किसी एजेंट के पास ये दोनों चीजें नहीं हैं तो उससे टिकट बुक न कराएं और अपने नजदीकी रेलवे स्टेशन पर सूचना दें।
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तत्काल का समय
एसी के लिए तत्काल बुकिंग सुबह 10 बजे और स्लीपर के लिए सुबह 11 बजे का समय तय है। इसके पहले टिकट बुक नहीं होता। चंद सेकेंड में ही टिकटों की बिक्री हो जाती है, जिससे आम आदमी को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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विजिलेंस टीम ने खंगाले काउंटर
उत्तर मध्य रेलवे की विजिलेंस टीम ने बृहस्पतिवार को आरक्षण कार्यालय में पहुंचकर जांच की। इस दौरान काउंटर पर बैठे कर्मचारियों के कैश को मिलाया गया। सब ठीक मिलने पर टीम वापस लौट गई।