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Jhansi News: पांच सालों में ई-वाहनों की संख्या 19 से बढ़कर साढ़े सात हजार के पार
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार की ओर से शुरू की गई मुहिम रंग लाने लगी है। इसके चलते, ई-वाहनों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। वर्ष 2020 में परिवहन विभाग में महज 19 ई-वाहन दर्ज थे लेकिन वर्ष 2024 में बढ़कर यह 7593 हो गए हैं।
ई-वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार की ओर जोरशोर से प्रचार-प्रसार करने के साथ ही बड़े वाहनों पर छूट का प्रावधान दिया गया है। इलेक्टि्रक होने के कारण वाहन स्वामी और चालक पेट्रोल अथवा डीजल भरवाने के झंझट से भी बच रहे हैं। इसके चलते, ई-वाहनों की खरीदारी खूब हो रही है। समय के साथ-साथ महानगर में ई-वाहनों की तादाद बड़ी तेजी से बढ़ने लगी। 2020 में गुड्स ई-रिक्शे दो, सवारी ई-रिक्शा 10 और ई स्कूटर 7 पंजीकृत हुए। 2021 में यह संख्या 198 पहुंच गई। इसमें पांच ई-बसें भी शामिल हैं।
महानगर में इस तरह बढ़े साल दर साल ई-वाहन
2020 - 19
2021 - 198
2022 - 1077
2023 - 4088
2024 - 7593
(परिवहन विभाग के रिकार्ड के मुताबिक)
ई-वाहनों की बढ़ रही मांग-- -
शहर में 30 से अधिक एजेंसियों पर ई-वाहनों की बिक्री की जा रही है। ई-रिक्शा एजेंसी संचालक सुरेंद्र कुमार ने बताया कि ई-रिक्शा की मांग दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। एजेंसी से रोजाना पांच से सात ई-रिक्शों की बिक्री हो रही है। एजेंसी संचालक सुनील सिंह ने बताया कि ई स्कूटरों की मांग काफी बढ़ गई है। रोजाना छह से दस ई स्कूटर और ई बाइक के खरीदार आ रहे हैं।
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''महानगर में ई-वाहनों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। परिवहन कार्यालय में पांच साल के भीतर ही 7593 ई-वाहनों का पंजीकरण हुआ है।'' - डॉ. सुजीत कुमार सिंह, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन)
झांसी। वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार की ओर से शुरू की गई मुहिम रंग लाने लगी है। इसके चलते, ई-वाहनों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। वर्ष 2020 में परिवहन विभाग में महज 19 ई-वाहन दर्ज थे लेकिन वर्ष 2024 में बढ़कर यह 7593 हो गए हैं।
ई-वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार की ओर जोरशोर से प्रचार-प्रसार करने के साथ ही बड़े वाहनों पर छूट का प्रावधान दिया गया है। इलेक्टि्रक होने के कारण वाहन स्वामी और चालक पेट्रोल अथवा डीजल भरवाने के झंझट से भी बच रहे हैं। इसके चलते, ई-वाहनों की खरीदारी खूब हो रही है। समय के साथ-साथ महानगर में ई-वाहनों की तादाद बड़ी तेजी से बढ़ने लगी। 2020 में गुड्स ई-रिक्शे दो, सवारी ई-रिक्शा 10 और ई स्कूटर 7 पंजीकृत हुए। 2021 में यह संख्या 198 पहुंच गई। इसमें पांच ई-बसें भी शामिल हैं।
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महानगर में इस तरह बढ़े साल दर साल ई-वाहन
2020 - 19
2021 - 198
2022 - 1077
2023 - 4088
2024 - 7593
(परिवहन विभाग के रिकार्ड के मुताबिक)
ई-वाहनों की बढ़ रही मांग
शहर में 30 से अधिक एजेंसियों पर ई-वाहनों की बिक्री की जा रही है। ई-रिक्शा एजेंसी संचालक सुरेंद्र कुमार ने बताया कि ई-रिक्शा की मांग दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। एजेंसी से रोजाना पांच से सात ई-रिक्शों की बिक्री हो रही है। एजेंसी संचालक सुनील सिंह ने बताया कि ई स्कूटरों की मांग काफी बढ़ गई है। रोजाना छह से दस ई स्कूटर और ई बाइक के खरीदार आ रहे हैं।
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''महानगर में ई-वाहनों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। परिवहन कार्यालय में पांच साल के भीतर ही 7593 ई-वाहनों का पंजीकरण हुआ है।'' - डॉ. सुजीत कुमार सिंह, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन)