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झांसी में कोरोना से मृत्यु दर प्रदेश से छह गुना ज्यादा
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immortality rate gratter than in jhansi
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झांसी। कोरोना वायरस से मृत्यु दर झांसी में प्रदेश की तुलना में छह गुना ज्यादा है। जिले में अब तक 30 कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं, इनमें से चार की मौत हो चुकी है, जो कि 13.33 फीसदी है। जबकि, प्रदेश में कोरोना से मृत्यु दर 2.2 प्रतिशत है। इसके अलावा रिकवरी रेट 76.66 प्रतिशत है।
झांसी में कोरोना वायरस का पहला मामला 27 अप्रैल को सामने आया था, जब ओरछा गेट अंदर निवासी महिला में कोरोना वायरस की पुष्टि हो गई थी। इसके बाद कुछ दिनों में संक्रमित मरीजों की संख्या 30 पहुंच गई। मौजूदा समय में इनमें से चार की मौत हो चुकी है। जबकि, 23 की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। 16 की अस्पताल से छुट्टी भी हो चुकी है। आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में कोरोना वायरस से मरने वालों की मृत्यु दर 13.33 प्रतिशत है। उत्तर प्रदेश में कोरोना से मृत्यु दर 2.2 फीसदी और देश में 3.2 प्रतिशत है। झांसी में मृत्यु दर बढ़ी होना चिंता का विषय है। हालांकि, रिकवरी रेट के मामले में भी झांसी देश-प्रदेश से आगे है। उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस से ठीक होने वालों का आंकड़ा रिकवरी रेट 43 फीसदी और देश में 32.8 प्रतिशत है। जबकि, झांसी में 76.66 फीसदी है।
मृत्यु दर मामले में ललितपुर टॉप पर
मृत्यु दर मामले में ललितपुर टॉप पर है। ललितपुर के जिला अस्पताल में कार्यरत काउंसलर की झांसी मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई थी और मरने के बाद आई रिपोर्ट में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई थी। तब से अब तक ललितपुर में कोई भी कोरोना वायरस का नया मामला सामने नहीं आया है। एक ही मरीज मिलने और उसकी मौत हो जाने की वजह से कोरोना वायरस से मृत्यु दर 100 प्रतिशत है।
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आईसीयू में छह में से पांच ने तोड़ा दम
मेडिकल कॉलेज की आईसीयू में भर्ती कोरोना वायरस से पीड़ित छह मरीजों में से पांच की जान चली गई। इसमें एक-एक ललितपुर और महोबा का कोरोना मरीज शामिल है। सिर्फ ओरछा गेट अंदर निवासी कोरोना पॉजिटिव मिली पहली महिला ही ठीक होकर अपने घर पहुंच गईं।
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झांसी में कोरोना वायरस का पहला मामला 27 अप्रैल को सामने आया था, जब ओरछा गेट अंदर निवासी महिला में कोरोना वायरस की पुष्टि हो गई थी। इसके बाद कुछ दिनों में संक्रमित मरीजों की संख्या 30 पहुंच गई। मौजूदा समय में इनमें से चार की मौत हो चुकी है। जबकि, 23 की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। 16 की अस्पताल से छुट्टी भी हो चुकी है। आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में कोरोना वायरस से मरने वालों की मृत्यु दर 13.33 प्रतिशत है। उत्तर प्रदेश में कोरोना से मृत्यु दर 2.2 फीसदी और देश में 3.2 प्रतिशत है। झांसी में मृत्यु दर बढ़ी होना चिंता का विषय है। हालांकि, रिकवरी रेट के मामले में भी झांसी देश-प्रदेश से आगे है। उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस से ठीक होने वालों का आंकड़ा रिकवरी रेट 43 फीसदी और देश में 32.8 प्रतिशत है। जबकि, झांसी में 76.66 फीसदी है।
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मृत्यु दर मामले में ललितपुर टॉप पर
मृत्यु दर मामले में ललितपुर टॉप पर है। ललितपुर के जिला अस्पताल में कार्यरत काउंसलर की झांसी मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई थी और मरने के बाद आई रिपोर्ट में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई थी। तब से अब तक ललितपुर में कोई भी कोरोना वायरस का नया मामला सामने नहीं आया है। एक ही मरीज मिलने और उसकी मौत हो जाने की वजह से कोरोना वायरस से मृत्यु दर 100 प्रतिशत है।
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आईसीयू में छह में से पांच ने तोड़ा दम
मेडिकल कॉलेज की आईसीयू में भर्ती कोरोना वायरस से पीड़ित छह मरीजों में से पांच की जान चली गई। इसमें एक-एक ललितपुर और महोबा का कोरोना मरीज शामिल है। सिर्फ ओरछा गेट अंदर निवासी कोरोना पॉजिटिव मिली पहली महिला ही ठीक होकर अपने घर पहुंच गईं।