{"_id":"5792716f4f1c1b3c2bc4c320","slug":"illegal-mining-officer-nonserious","type":"story","status":"publish","title_hn":"अवैध खनन और कब्जे होते रहे, अफसर सोते रहे ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अवैध खनन और कब्जे होते रहे, अफसर सोते रहे
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 23 Jul 2016 12:48 AM IST
विज्ञापन
mining, jhansi hindi news
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की पहाड़ी पर अवैध खनन और कब्जे पकड़े जाने के बाद कब्जेदारों में खलबली मची गई है। नगर निगम की टीम ने शुक्रवार को पहाड़ी पर पहुंचकर लोगों से पूछताछ की और अपने कब्जे के सूचना पट भी लगवा दिए। अफसरों की एक टीम भी गठित की गई, जो पहाड़ी पर नजर रखेगी। खनन और कब्जे के पीछे जिला प्रशासन, नगर निगम, पुलिस के कुुछअफसरों और कर्मियों के अलावा कुछ दबंगों के गठजोड़ की आशंका है। जिला प्रशासन इन्हीं बिंदुओं पर सघन जांच कर रहा है।
21 अगस्त 1984 में कुछ लोगों ने पहाड़ी की हदबंदी कराई थी। नगर निगम के मुताबिक इसमें न सरकार और न ही ग्राम सभा को पार्टी बनाया। 10 दिसंबर 2015 को तत्कालीन एसडीएम यूपी सिंह ने हदबंदी को निरस्त कर दिया। इसके बाद यहां की 9.38 एकड़ जमीन नगर निगम के नाम हो गई। इसके बावजूद यहां अवैध खनन का खेल होता रहा और नगर निगम सोता रहा। इस जमीन पर मकान और दुकान का निर्माण भी हो गया । मामले पर जब कमिश्नर ने सक्रियता दिखाई, तब जाकर अवैध खनन रुक सका। कुछ रसूखदारों के संरक्षण में अवैध खनन का यह खेल चला। कमिश्नर के राम मोहन राव के निर्देश पर बृहस्पतिवार को एसडीएम के साथ प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और अवैध खनन का काम रुकवा दिया। खनन में लगे दो ट्रैक्टर भी जब्त कर लिए। शुक्रवार को नगर निगम का अमला पहाड़ी पर पहुंचा और जगह-जगह अपने बोर्ड लगवाए। बोर्ड में नगर निगम की संपत्ति होने का जिक्र है।
होगा पौधरोपण, दिए जाएंगे नोटिस
नगर निगम के संपत्ति अधिकारी केशव प्रसाद ने बताया कि जल्द ही पहाड़ी पर पौधरोपण का काम शुरू करवा दिया जाएगा। नगर निगम की जमीन पर जो अवैध निर्माण हुआ है, उनकी सूची तैयार कर नोटिस जारी किए जाएंगे। जो लोग कब्जा नहीं छोड़ेंगे, उनके निर्माण ध्वस्त कर दिए जाएंगे।
विज्ञापन
गलत है नगर निगम
इस मामले में सामने आए दूसरे पक्ष के शीतला देवी मंदिर के प्रबंधक छोटे सिंह ने एसडीएम को दिए पत्र में बताया कि वह खसरा नंबर 1000 /1386 /10 मौजा पिछोर के संक्रमणीय भूमिधर हैं। उनकी जमीन पर नगर निगम गलत तरीके से अपने बोर्ड लगा रहा है। जबकि, उसकी जमीन पर नगर निगम के अधिकारी व एसडीएम की मौजूदगी पूर्व में सीमा चिह्न लगाए गए थे। लेकिन, अब निगम सीमा चिह्न व बोर्डों को नजरअंदाज कर रहा है। निगम की इस कार्रवाई को तत्काल रुकवाया जाए। उन्होंने बताया कि निगम की जमीन पर चल रहे खनन व निर्माण कार्य से उसका कोई सरोकार नहीं है, बल्कि उसने तो स्वयं इसकी सूचना खान अधिकारी, एसडीएम व नगर आयुक्त को दी थी। लेकिन, इस पर ध्यान नहीं दिया गया और खनन कार्य चलता रहा।
विज्ञापन
21 अगस्त 1984 में कुछ लोगों ने पहाड़ी की हदबंदी कराई थी। नगर निगम के मुताबिक इसमें न सरकार और न ही ग्राम सभा को पार्टी बनाया। 10 दिसंबर 2015 को तत्कालीन एसडीएम यूपी सिंह ने हदबंदी को निरस्त कर दिया। इसके बाद यहां की 9.38 एकड़ जमीन नगर निगम के नाम हो गई। इसके बावजूद यहां अवैध खनन का खेल होता रहा और नगर निगम सोता रहा। इस जमीन पर मकान और दुकान का निर्माण भी हो गया । मामले पर जब कमिश्नर ने सक्रियता दिखाई, तब जाकर अवैध खनन रुक सका। कुछ रसूखदारों के संरक्षण में अवैध खनन का यह खेल चला। कमिश्नर के राम मोहन राव के निर्देश पर बृहस्पतिवार को एसडीएम के साथ प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और अवैध खनन का काम रुकवा दिया। खनन में लगे दो ट्रैक्टर भी जब्त कर लिए। शुक्रवार को नगर निगम का अमला पहाड़ी पर पहुंचा और जगह-जगह अपने बोर्ड लगवाए। बोर्ड में नगर निगम की संपत्ति होने का जिक्र है।
विज्ञापन
होगा पौधरोपण, दिए जाएंगे नोटिस
नगर निगम के संपत्ति अधिकारी केशव प्रसाद ने बताया कि जल्द ही पहाड़ी पर पौधरोपण का काम शुरू करवा दिया जाएगा। नगर निगम की जमीन पर जो अवैध निर्माण हुआ है, उनकी सूची तैयार कर नोटिस जारी किए जाएंगे। जो लोग कब्जा नहीं छोड़ेंगे, उनके निर्माण ध्वस्त कर दिए जाएंगे।
विज्ञापन
गलत है नगर निगम
इस मामले में सामने आए दूसरे पक्ष के शीतला देवी मंदिर के प्रबंधक छोटे सिंह ने एसडीएम को दिए पत्र में बताया कि वह खसरा नंबर 1000 /1386 /10 मौजा पिछोर के संक्रमणीय भूमिधर हैं। उनकी जमीन पर नगर निगम गलत तरीके से अपने बोर्ड लगा रहा है। जबकि, उसकी जमीन पर नगर निगम के अधिकारी व एसडीएम की मौजूदगी पूर्व में सीमा चिह्न लगाए गए थे। लेकिन, अब निगम सीमा चिह्न व बोर्डों को नजरअंदाज कर रहा है। निगम की इस कार्रवाई को तत्काल रुकवाया जाए। उन्होंने बताया कि निगम की जमीन पर चल रहे खनन व निर्माण कार्य से उसका कोई सरोकार नहीं है, बल्कि उसने तो स्वयं इसकी सूचना खान अधिकारी, एसडीएम व नगर आयुक्त को दी थी। लेकिन, इस पर ध्यान नहीं दिया गया और खनन कार्य चलता रहा।