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चौराहों पर टंगी अवैध होर्डिंग ने बिगाड़ दी शहर की सूरत
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होर्डिंग से पटा पड़ा इलाइट चौराहा। अमर उजाला
झांसी। नगर निगम की लापरवाही ने शहर की सूरत बिगाड़ दी है। शहर में जगह-जगह अवैध होर्डिंग तनी हुई हैं। इनके पीछे चौराहे छिप गए। सड़क तक नजर नहीं आती लेकिन, निगम प्रशासन इनके खिलाफ कार्रवाई करने के मूड में नहीं दिखता। कैंटीलीवर समेत अन्य विज्ञापन प्रदर्शित करने के लिए एजेंसियों का ठेका भी खत्म हो चुका लेकिन, एजेंसियां लगातार इनका इस्तेमाल कर रही हैं।
सड़क पटरी पर विज्ञापन बोर्ड लगाने पर मनाही है लेकिन इलाइट चौराहा, बीकेडी चौराहा, चित्रा चौराहा, कचहरी चौराहा समेत शहर के तकरीबन सभी प्रमुख जगहों पर राजनीतिक दलों के साथ तमाम कंपनियों के होर्डिंग आसानी से देखे जा सकते हैं। सड़क डिवाइडर के बीचों-बीच खतरनाक तरीके से स्टैंडी खड़ी कर दी जाती है। यह स्टैंडी इतनी कमजोर होती है कि हल्की तेज हवा में सड़क पर ही गिर पड़ती हैं। दुर्घटनाओं की आशंका के बावजूद निगम प्रशासन इन पर कोई रोक नहीं लगाता। बिजली के खंबे भी फ्लैक्स लगाने में इस्तेमाल किए जा रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ होर्डिंग से शहर के पटे होने के बावजूद इससे निगम को होने वाली आय में कोई इजाफा नहीं हो रहा है। कैंटीलीवर एवं यूनिफोल धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहे हैं लेकिन, सरकारी खजाने में पैसा नहीं आ रहा है। जानकारों का कहना है इनका टेंडर खत्म हो चुका लेकिन, अफसरों की लापरवाही से अभी भी इनका इस्तेमाल एजेंसियां कर रही हैं। इन सब वजहों से सरकारी खजाने को चपत लग रही है। पिछले वित्तीय वर्ष में निगम ने इस मद से 1.25 करोड़ की आय का अनुमान किया था लेकिन, कोरोना का हवाला देते हुए जनवरी तक महज 48.59 लाख रुपये ही जुटाए जा सके थे। वहीं, इस वित्तीय वर्ष में 1.35 करोड़ की आय का अनुमान किया गया है लेकिन, अब तक निगम प्रशासन नए टेंडर ही नहीं करा सका है।
किसी से वसूल नहीं किया गया जुर्माना
अवैध होर्डिंग पर जुर्माना नहीं वसूल सका निगम
गलत तरीके से सड़क पर बैनर, पोस्टर अथवा होर्डिंग लगाने वालों से जुर्माना वसूलने का प्रावधान है लेकिन, हैरत की बात यह कि नगर निगम प्रशासन अभी तक किसी से भी कोई जुर्माना नहीं वसूल सका। निगम अफसरों का कहना है होर्डिंग लगाने वालों का नाम, पता न मिलने से जुर्माना नहीं वसूला जा पाता जबकि हर होर्डिंग-बैनर में साफ तौर पर निवेदकों के नाम दर्ज रहते हैं। राजनीतिक रसूखदारों की वजह से भी निगम प्रशासन का जुर्माना वसूलने में पसीना छूट जाता है। शहर के अधिकांश होर्डिग में नगर निगम के ताकतवार राजनीतिक व्यक्ति की तस्वीर रहती है। इलाइट चौराहे पर अकसर यह तस्वीर लगी होर्डिंग लगी रहती है।
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अवैध होर्डिंग के खिलाफ नियमित अभियान चलाया जाता है। होर्डिंग जब्त कर ली जाती है। लगाने वाले का नाम साफ न होने की वजह से उनसे जुर्माना नहीं वसूला जा पाता। आय बढ़ाने के लिए नए टेंडर जल्द ही कराए जाएंगे।
धीरेंद्र मोहन कटियार, प्रभारी अधिकारी/ मुख्य कर निर्धारण अधिकारी
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सड़क पटरी पर विज्ञापन बोर्ड लगाने पर मनाही है लेकिन इलाइट चौराहा, बीकेडी चौराहा, चित्रा चौराहा, कचहरी चौराहा समेत शहर के तकरीबन सभी प्रमुख जगहों पर राजनीतिक दलों के साथ तमाम कंपनियों के होर्डिंग आसानी से देखे जा सकते हैं। सड़क डिवाइडर के बीचों-बीच खतरनाक तरीके से स्टैंडी खड़ी कर दी जाती है। यह स्टैंडी इतनी कमजोर होती है कि हल्की तेज हवा में सड़क पर ही गिर पड़ती हैं। दुर्घटनाओं की आशंका के बावजूद निगम प्रशासन इन पर कोई रोक नहीं लगाता। बिजली के खंबे भी फ्लैक्स लगाने में इस्तेमाल किए जा रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ होर्डिंग से शहर के पटे होने के बावजूद इससे निगम को होने वाली आय में कोई इजाफा नहीं हो रहा है। कैंटीलीवर एवं यूनिफोल धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहे हैं लेकिन, सरकारी खजाने में पैसा नहीं आ रहा है। जानकारों का कहना है इनका टेंडर खत्म हो चुका लेकिन, अफसरों की लापरवाही से अभी भी इनका इस्तेमाल एजेंसियां कर रही हैं। इन सब वजहों से सरकारी खजाने को चपत लग रही है। पिछले वित्तीय वर्ष में निगम ने इस मद से 1.25 करोड़ की आय का अनुमान किया था लेकिन, कोरोना का हवाला देते हुए जनवरी तक महज 48.59 लाख रुपये ही जुटाए जा सके थे। वहीं, इस वित्तीय वर्ष में 1.35 करोड़ की आय का अनुमान किया गया है लेकिन, अब तक निगम प्रशासन नए टेंडर ही नहीं करा सका है।
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किसी से वसूल नहीं किया गया जुर्माना
अवैध होर्डिंग पर जुर्माना नहीं वसूल सका निगम
गलत तरीके से सड़क पर बैनर, पोस्टर अथवा होर्डिंग लगाने वालों से जुर्माना वसूलने का प्रावधान है लेकिन, हैरत की बात यह कि नगर निगम प्रशासन अभी तक किसी से भी कोई जुर्माना नहीं वसूल सका। निगम अफसरों का कहना है होर्डिंग लगाने वालों का नाम, पता न मिलने से जुर्माना नहीं वसूला जा पाता जबकि हर होर्डिंग-बैनर में साफ तौर पर निवेदकों के नाम दर्ज रहते हैं। राजनीतिक रसूखदारों की वजह से भी निगम प्रशासन का जुर्माना वसूलने में पसीना छूट जाता है। शहर के अधिकांश होर्डिग में नगर निगम के ताकतवार राजनीतिक व्यक्ति की तस्वीर रहती है। इलाइट चौराहे पर अकसर यह तस्वीर लगी होर्डिंग लगी रहती है।
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अवैध होर्डिंग के खिलाफ नियमित अभियान चलाया जाता है। होर्डिंग जब्त कर ली जाती है। लगाने वाले का नाम साफ न होने की वजह से उनसे जुर्माना नहीं वसूला जा पाता। आय बढ़ाने के लिए नए टेंडर जल्द ही कराए जाएंगे।
धीरेंद्र मोहन कटियार, प्रभारी अधिकारी/ मुख्य कर निर्धारण अधिकारी