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साफ-सुधरी झांसी चाहिए तो सबको मिलकर स्वच्छता का बीड़ा उठाना होगा

Fri, 25 Feb 2022 01:17 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 25 Feb 2022 01:17 AM IST
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If you want a clean Jhansi, then everyone will have to take the initiative of cleanliness together.
झांसी। स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 आरंभ होने को है। पिछली बार झांसी देश के साफ सुथरे शहरों (दस लाख की आबादी से कम वाले शहरों की श्रेणी) में 18वें स्थान पर था, जबकि सूबे में इसे दूसरा स्थान हासिल हुआ था। इस बार नगर निगम ने एक बार फिर रैंकिंग में सुधार के दावों के साथ महानगर को साफ-सुथरा मनाने की मुहिम शुरू की है। इस मुहिम को और कारगर बनाने के लिए बृहस्पतिवार को ‘अमर उजाला कार्यालय’ में आयोजित ‘संवाद’ में पार्षदों ने भी अपने सुझाव दिए।
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संवाद के मौके पर पार्षद रमा कुशवाहा (बाहर ओरछा गेट), जामवती (तालपुरा प्रथम) और उमेश जोशी (प्रेमगंज द्वितीय) का कहना है कि सफाई के लिए कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। इनके नियमित न आने से गलियों की सफाई नहीं होती। पार्षद विद्या दुबे (नंदनपुरा तृतीय) ने सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए इसे निजी हाथ में सौंपने की वकालत की।
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पार्षद दिनेश प्रताप (नानकगंज), पार्षद विकास खत्री (सिविल लाइंस द्वितीय) दिनेश सिंह दीपू (सीपी मिशन) और पार्षद प्रतिनिधि आदर्श गुप्ता (बिजौली) ने स्वच्छता के लिए जन भागीदारी को जरूरी बताया। इन्होंने कहा कि आम लोगों को अभियान से जोड़ने की जरूरत है। कूड़ा बाहर फेंक ने की आदत में सुधार लाना होगा। इस पर सख्ती होनी चाहिए, साथ ही सार्वजनिक जगहों को गंदा करने पर जुर्माना वसूला जाए।
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पार्षद जुगल किशोर (नंदनपुरा द्वितीय) और पार्षद प्रतिनिधि जमील भूरे (नंदनपुरा प्रथम) ने कहा वार्ड में जितने कर्मचारी लगाए जाते हैं, उतने कभी नहीं आते। तमाम कर्मचारी हाजिरी के बाद गायब हो जाते हैं। इससे वार्ड में गंदगी रहती है। अंदर के वार्ड साफ होने से ही शहर साफ होगा।
पार्षद महेश गौतम (मसीहागंज) एवं कन्हैया कपूर (प्रेमगंज प्रथम) ने कहा कि कर्मचारियों की नियमित निगरानी न होने से शहर की सफाई व्यवस्था पटरी से उतरी हुई है। यहां तक कि स्मार्ट सिटी एवं नगर निगम के अधिकारियों के बीच भी तालमेल नहीं है। इसका असर डोर-टू-डोर कूड़ा उठान के काम पर पड़ रहा है।
पार्षद गोविंद शर्मा (ईसाईटोला), पुष्पेंद्र यादव (नैनागढ़) और पार्षद छोटे लाल (गढ़ियागांव) ने कहा कि डोर-टू-डोर कूड़ा उठान में अभी लापरवाही बरती जा रही है। सभी घरों से कूड़ा नहीं उठ रहा। नैनागढ़ में इसकी शुरूआत ही नहीं हुई। कूड़ा न देने वालों पर और खुले में कचरा फेंकने वालों के खिलाफ सख्ती की जाए।

पार्षद मनु सिंह (मनोनीत) ने स्वच्छता अभियान के साथ धार्मिक संगठनों को भी जोड़ने की जरूरत बताई। इन्होंने कहा कि सिर्फ नगर निगम के भरोसे ही यह कार्य नहीं हो सकता। जन भागीदारी जरूरी है। पार्षद किशोरी रायकवार (डडियापुरा प्रथम) ने रैकिंग में सुधार के लिए वार्डों के बीच प्रतिस्पर्धा कराने की जरूरत बताई।
पार्षदों ने दिए यह सुझाव दिए
- सफाई कर्मचारियों की बीट पर उपस्थिति सुनिश्चित की जाए ।
- अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ महापौर को कार्रवाई का अधिकार दिया जाए ।
- खाली प्लाट चिंह्ति करके वहां गंदगी मिलने पर भवन स्वामी से जुर्माना वसूला जाए।
- सार्वजनिक स्थान पर कूड़ा फेंकने वालों से शमन शुल्क की वसूली हो।
- डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने की व्यवस्था दुरुस्त की जाए।
- कूड़ा एकत्रित करने के सेकेंडरी सोर्स खत्म किए जाएं।
- वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किया जाए।
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