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Jhansi News: बार-बार पेशाब आए तो उपचार कराएं अन्यथा गुर्दे हो जाएंगे फेल
Tue, 14 Oct 2025 02:37 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Tue, 14 Oct 2025 02:37 AM IST
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- यूरोलॉजी जागरुकता दिवस पर चिकित्सकों ने दी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। यदि आप खुलकर पेशाब नहीं कर पा रहे हैं। थोड़ी-थोड़ी देर में जाना पड़ता है। रात में बार-बार पेशाब करने जाना पड़ता है तो यूरोलॉजिस्ट को दिखाएं। यह प्रोस्टेट (पौरुष ग्रंथि) बढ़ने के लक्षण हैं। समय से उपचार न कराने पर गुर्दे फेल होने और पथरी की दिक्कत हो जाती है।
यह बात मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट डॉ. मनीष जैन ने कही। उन्होंने बताया कि आमतौर पर 50 वर्ष की आयु के बाद प्रोस्टेट ग्रंथि बढ़ना सामान्य बात है मगर जब असामान्य गति से बढ़ती है तो दिक्कत होने लगती है। इसलिए लोगों को चाहिए कि जब पेशाब को लेकर दिक्कत हो तो तुरंत यूरोलॉजिस्ट को दिखाएं। इसमें समय से उपचार नहीं कराने पर गंभीर समस्या हो सकती है।
यह बात खासतौर पर उन्हें ध्यान रखनी चाहिए, जिनके परिवार में प्रोस्टेट कैंसर की हिस्ट्री रही है। जब प्रोस्टेट ग्रंथि बढ़ती है तो धीरे-धीरे पेशाब की धार कम होती जाती है। दवाओं से प्रोस्टेट ग्रंथि को बढ़ने से रोका जा सकता है मगर शुरुआती दौर में। जब समस्या बढ़ जाती है तो दूरबीन विधि से ऑपरेशन कराने से पूर्ण लाभ मिल जाता है। उन्होंने बताया कि कमर में दर्द होना, भूख मिटना व खून की कमी हो जाना (गुर्दे फेल होने के कारण) प्रोस्टेट कैंसर का लक्षण हो सकता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। यदि आप खुलकर पेशाब नहीं कर पा रहे हैं। थोड़ी-थोड़ी देर में जाना पड़ता है। रात में बार-बार पेशाब करने जाना पड़ता है तो यूरोलॉजिस्ट को दिखाएं। यह प्रोस्टेट (पौरुष ग्रंथि) बढ़ने के लक्षण हैं। समय से उपचार न कराने पर गुर्दे फेल होने और पथरी की दिक्कत हो जाती है।
यह बात मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट डॉ. मनीष जैन ने कही। उन्होंने बताया कि आमतौर पर 50 वर्ष की आयु के बाद प्रोस्टेट ग्रंथि बढ़ना सामान्य बात है मगर जब असामान्य गति से बढ़ती है तो दिक्कत होने लगती है। इसलिए लोगों को चाहिए कि जब पेशाब को लेकर दिक्कत हो तो तुरंत यूरोलॉजिस्ट को दिखाएं। इसमें समय से उपचार नहीं कराने पर गंभीर समस्या हो सकती है।
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यह बात खासतौर पर उन्हें ध्यान रखनी चाहिए, जिनके परिवार में प्रोस्टेट कैंसर की हिस्ट्री रही है। जब प्रोस्टेट ग्रंथि बढ़ती है तो धीरे-धीरे पेशाब की धार कम होती जाती है। दवाओं से प्रोस्टेट ग्रंथि को बढ़ने से रोका जा सकता है मगर शुरुआती दौर में। जब समस्या बढ़ जाती है तो दूरबीन विधि से ऑपरेशन कराने से पूर्ण लाभ मिल जाता है। उन्होंने बताया कि कमर में दर्द होना, भूख मिटना व खून की कमी हो जाना (गुर्दे फेल होने के कारण) प्रोस्टेट कैंसर का लक्षण हो सकता है।
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