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एंटीबॉडी नहीं बनी तो घबराएं नहीं, फिर से कोरोना होने का खतरा कम

Tue, 24 Nov 2020 01:14 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 24 Nov 2020 01:14 AM IST
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If you have not antibody than not fear
झांसी। लगातार बढ़ रहे केसों के कारण कोरोना वायरस की दूसरी लहर की चिंता फिर से सताने लगी है। यह भी कहा जा रहा है कि जो लोग पहले कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं और उनमें एंटीबॉडी नहीं बनी है तो वह फिर से संक्रमित हो सकते हैं। झांसी मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों ने इससे इंकार किया है। उनका कहना है कि कम या बिना लक्षण वाले कोविड रोगियों को दोबारा संक्रमण होने का खतरा बेहद कम है। इसलिए घबराएं नहीं, सतर्क जरूर रहें।
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झांसी में अब तक लगभग 9300 कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। इनमें से 40 फीसदी में एंटीबॉडी नहीं बन पाई। एंटीबॉडी न बनने के पीछे का कारण इनेट इम्यूनिटी है। दरअसल, इम्युनिटी यानी हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता आमतौर पर दो तरह की होती है। पहली इनेट और दूसरी अडेप्टिव। इनेट इम्युनिटी किसी वायरस के अटैक के कुछ ही घंटों में रिऐक्ट करती है। यह एक तरह के बैरियर का काम करती है, जो किसी भी पैथोजेन को हमारे शरीर में फैलने से रोकती है। वायरस, बैक्टीरिया या अन्य माइक्रोब्स सभी पैथोजेन कहलाते हैं।
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जिन संक्रमितों की इनेट इम्यूनिटी ने मजबूती से कोविड से मुकाबला कर लिया, उन मरीजों में एंटीबॉडी नहीं बनी। ऐसे रोगियों में या तो कोरोना के मामूली लक्षण दिखाई दिए या मरीज लक्षणविहीन रहे। मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों ने तमाम शोध का हवाला देते हुए बताया कि मजबूत इनेट इम्यूनिटी वाले कोविड रोगी रह चुके व्यक्तियों में दोबारा कोरोना होने की संभावना बेहद कम है। इसलिए उन्हें यह सोचकर घबराने की जरूरत नहीं कि उनके शरीर में एंटीबॉडी नहीं बनी। हालांकि, जब तक वैक्सीन नहीं आ जाती है, तब तक कोविड प्रोटोकॉल का पूरा पालन करें।
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कुछ समय में खत्म हो जाती एंटीबॉडी
विशेषज्ञों ने बताया कि वायरस से ठीक होने के कुछ महीनों बाद शरीर में बनी हुई एंटीबॉडी खत्म हो जाती है। ऐसे रोगियों को तो दोबारा पॉजिटिव होने का डर रहता है। मगर जिनमें एंटीबॉडी बनी ही नहीं, उनके लिए इनेट इम्यूनिटी बहुत मददगार है।

ऐसे बढ़ाएं प्रतिरोधक क्षमता
- पर्याप्त नींद जरूर लें।
- नियमित रूप से व्यायाम करें।
- धूम्रपान और शराब पीने से बचें।
- विषाक्त खाद्य पदार्थों को न खाएं।
- अतिरिक्त दवाओं के सेवन से बचें।
- विटामिन डी वाले खाद्य पदार्थों का उपभोग करें।
इनेट इम्युनिटी को फर्स्ट लाइन ऑफ डिफेंस कहा जाता है। तमाम रिसर्च में यह बात कही गई है कि जिन कोविड रोगियों की इनेट इम्युनिटी मजबूत होती है, उनमें लक्षण कम या फिर दिखाई ही नहीं देते हैं। ऐसे में जिन रोगियों में एंटीबॉडी नहीं बनी है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। मगर घर से बाहर निकलने पर मास्क अनिवार्य रूप से लगाएं और सोशल डिस्टेंसिंग का भी पूरा पालन करें।
- डॉ. अंशुल जैन, नोडल अधिकारी कोविड, मेडिकल कॉलेज।
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