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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   If you get bitten by a snake, don't wander away, go straight to the hospital.

Jhansi News: सांप डसे तो भटकें न, सीधे अस्पताल आएं

Thu, 18 Jul 2024 04:53 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 18 Jul 2024 04:53 AM IST
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If you get bitten by a snake, don't wander away, go straight to the hospital.
- एंटी स्नेक वेनम से बचाई जा सकती है पीड़ित की जान, झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बरसात से वामी में पानी भरने से सांप बाहर आने लगे हैं। न सिर्फ सांपों को खुले में रेंगते देखा जा रहा है, बल्कि मौका लगते ही लोगों को डस भी रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इधर-उधर भटकें न, सीधे मेडिकल कॉलेज आएं। एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन से जान बचाई जा सकती है।
बुंदेलखंड में सर्पदंश के मामलों की संख्या बढ़ने लगी है। डॉक्टरों का कहना है कि यदि किसी को सांप डस ले तो उसे तुरंत अस्पताल लाना चाहिए। नीम-हकीम के चक्कर में न पड़ें। जहर निकालने के प्रयास में गहरे कट न लगाएं। इस तरह के प्रयास का परिणाम शून्य होता है और पीड़ित की जान खतरे में पड़ जाती है। उपचार मिलने में जितनी देरी होती है, उतना ही शरीर में जहर फैलकर अपना असर डालने लगता है और रोगी अचेतावस्था में पहुंच जाता है, इससे मौत हो जाती है। सर्पदंश पीड़ित की जान बचाने के लिए एंटी स्नेक वेनम ही एकमात्र विकल्प है।
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0- बुंदेलखंड में मिलने वाले सांपों की पहचान
कोबरा:- किसी के फन पर चश्मे जैसा गोल निशान तो किसी के फन पर आंख के आकार का निशान होता है। कुछ के फन पर निशान नहीं होता है।
किंग कोबरा:- इसकी लंबाई अधिक होती है, मगर फन कम चौड़ा होता है। यह काला होता है, मगर पीली और भूरी पट्टियां होती हैं।
कॉमन क्रेट:- यह काफी लंबा होता है और पूंछ पर फन की तुलना में काफी चमक होती है।
रसैल वाइपर:- यह भूरे रंग का होता है। काले रंग के अंडाकार धब्बे होते हैं। पूंछ मोटी और गर्दन संकरी होती है।


0- सांप के डसने पर क्या करें
सांप के डसने की जगह से करीब एक फीट की दूरी पर हल्का सा बांध दें।
सांप के काटने की जगह को धारदार वस्तु से काटकर खून निकालने का प्रयास न करें, इससे संक्रमण हो जाता है।
सर्पदंश पीड़ित के सामने सामान्य स्थिति रखें ताकि वह घबराए न। घबराने पर रक्तचाप बढ़ेगा तो जहर तेजी से फैलेगा।
यदि हाथ में सांप ने काटा है तो हाथ, पैर में काटा है तो पैर को लटका रहने दें, ताकि जहर धीमी गति से फैले।
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कहां कितने एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन
मेडिकल कॉलेज में 2500 इंजेक्शन
जिला अस्पताल में 100 से अधिक

वर्जन
सांप के डसने वाले अंग से कुछ आगे हल्का सा बांधें। हाथ या पैर में काटा है, तो अंग लटकाकर रखें। इधर-उधर झाड़-फूंक कराने में समय बर्बाद न करें। सीधे जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज लेकर आएं, ताकि एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन लगाया जा सके।
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डॉ. प्रमोद कटियार, मंडलीय प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक
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