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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   If other states of the country were formed on the basis of language and culture, then why not Bundelkhand?

Jhansi News: भाषा और संस्कृति पर देश के अन्य राज्यों का गठन हुआ तो फिर बुंदेलखंड का क्यों नहीं

Sat, 18 Jul 2026 02:28 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी Updated Sat, 18 Jul 2026 02:28 AM IST
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If other states of the country were formed on the basis of language and culture, then why not Bundelkhand?
झांसी। विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर बुंदेलखंड राज्य निर्माण की मांग जोर पकड़ने लगी है। वोट लो, राज्य दो के नारे के बीच बुंदेलखंड अधिकार सेना प्रमुख और पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने कहा कि भाषा और संस्कृति पर जब देश के अन्य राज्यों का गठन किया जा सकता है तो फिर बुंदेलखंड का क्यों नहीं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार तत्कालीन प्रदेश की मायावती सरकार ने बुंदेलखंड राज्य निर्माण का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था, उसी तर्ज पर योगी सरकार को भी केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजना चाहिए। इस आंदोलन की कीमत उनके बेटे के टिकट कटने के रूप में भी चुकानी पड़े तो भी वह पीछे नहीं हटेंगे।
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स्थानीय होटल में आयोजित शिक्षाविद, व्यापारियों, अधिवक्ताओं समेत अन्य दलों की संगोष्ठी में शामिल पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने कहा कि बहुत सहा है, अब नहीं सहेंगे, बुंदेलखंड लेकर रहेंगे के नारे के बीच उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड राज्य निर्माण के लिए युवाओं को एकजुट होना होगा। बुंदेलखंड राज्य निर्माण के बाद होने वाले लाभों का गिनाते हुए कहा कि समय आ गया है कि जनता सीधे कहे कि राज्य दो और वोट लो। संगोष्ठी में सत्येंद्र पाल, दिनेश भार्गव, अखिलेश त्रिपाठी, ज्ञानेंद्र, धीरेंद्र, संजय पटवारी पूर्व एमएलसी श्याम सुंदर यादव सहित अन्य लोग मौजूद रहे। संचालन शैलेंद्र मोहन अवस्थी व आभार डॉ महेंद्र मोहन अवस्थी ने जताया।
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