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समझौता के बाद पति मुकरा, पत्नी का गुस्सा फूटा
jhansi
Updated Sat, 07 Oct 2017 12:49 AM IST
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- फोटो : demo pic
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न्यायालय में समझौता के बाद एक व्यक्ति द्वारा पत्नी को अपने साथ ले जाने से मना करने पर पहले तो पत्नी ने कचहरी परिसर में हंगामा किया फिर वह पति को घसीटते हुए न्यायाधीश के समक्ष लेकर पहुंची और समझौता के बाद पति के मुकरने की शिकायत की।
जनपद स्थित परिवार न्यायालय में पति-पत्नी के विवाद के मामलों में आए दिन हंगामा की स्थिति बनती रहती है। कई बार यहां पतियों को अपनी पत्नियों से विवाद के कारण मार भी खानी पड़ती है या फिर बेइज्जत होना पड़ता है। ऐसा ही एक मामला शुक्रवार को कचहरी परिसर में देखने को मिला जब एक पति ने न्यायालय के समझौता कराने के बाद भी पत्नी को अपने घर ले जाने से मना कर दिया। बता दें कि ग्राम हंसरा निवासी एक महिला ने थाना जाखलौन अंतर्गत ग्राम परौंदा निवासी अपने पति पर भरण पोषण का वाद परिवार न्यायालय में दायर किया था। इसमें शुक्रवार को न्यायाधीश ने उक्त दोनों पक्षों को सुनने के बाद उक्त व्यक्ति को अपनी पत्नी को एक महीने तक साथ रखने के आदेश दिए। पति ने न्यायालय में तो कुछ नहीं कहा, लेकिन जब वह न्यायालय के बाहर अपने अधिवक्ता के पास बैठा हुआ था, तो उसने पत्नी को अपने साथ घर ले जाने से मना कर दिया, यह सुनते ही पत्नी का पारा चढ़ गया और उनमें पहले तो आपस में तू-तूू मैं-मैं हो गई और इसके बाद पत्नी ने कचहरी परिसर में हंगामा काटते हुए पति को खूब खरीखोटी सुनाई। यहां तक कि दोनों के बीच मारपीट की नौबत तक आ गई। हालांकि, अधिवक्ताओं ने मामले को समझ कर दोनों को समझाने का प्रयास भी किया, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद महिला अपने पति का हाथ पकड़कर घसीटते हुए उक्त न्यायालय में ले गई और न्यायाधीश से पति की शिकायत भी की। इसके बाद दोनों अपने-अपने घर चले गए। यह मामला कचहरी में चर्चा का विषय रहा।
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जनपद स्थित परिवार न्यायालय में पति-पत्नी के विवाद के मामलों में आए दिन हंगामा की स्थिति बनती रहती है। कई बार यहां पतियों को अपनी पत्नियों से विवाद के कारण मार भी खानी पड़ती है या फिर बेइज्जत होना पड़ता है। ऐसा ही एक मामला शुक्रवार को कचहरी परिसर में देखने को मिला जब एक पति ने न्यायालय के समझौता कराने के बाद भी पत्नी को अपने घर ले जाने से मना कर दिया। बता दें कि ग्राम हंसरा निवासी एक महिला ने थाना जाखलौन अंतर्गत ग्राम परौंदा निवासी अपने पति पर भरण पोषण का वाद परिवार न्यायालय में दायर किया था। इसमें शुक्रवार को न्यायाधीश ने उक्त दोनों पक्षों को सुनने के बाद उक्त व्यक्ति को अपनी पत्नी को एक महीने तक साथ रखने के आदेश दिए। पति ने न्यायालय में तो कुछ नहीं कहा, लेकिन जब वह न्यायालय के बाहर अपने अधिवक्ता के पास बैठा हुआ था, तो उसने पत्नी को अपने साथ घर ले जाने से मना कर दिया, यह सुनते ही पत्नी का पारा चढ़ गया और उनमें पहले तो आपस में तू-तूू मैं-मैं हो गई और इसके बाद पत्नी ने कचहरी परिसर में हंगामा काटते हुए पति को खूब खरीखोटी सुनाई। यहां तक कि दोनों के बीच मारपीट की नौबत तक आ गई। हालांकि, अधिवक्ताओं ने मामले को समझ कर दोनों को समझाने का प्रयास भी किया, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद महिला अपने पति का हाथ पकड़कर घसीटते हुए उक्त न्यायालय में ले गई और न्यायाधीश से पति की शिकायत भी की। इसके बाद दोनों अपने-अपने घर चले गए। यह मामला कचहरी में चर्चा का विषय रहा।
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