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डॉक्टर और सुविधाएं न मिलने पर अस्पताल किया सील
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झांसी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को खामियां और व्यवस्थाएं अधूरी मिलने पर मेडिकल कॉलेज के पास स्थित रामगोपाल मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल को सील कर दिया। साथ ही अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों को दूसरे अस्पताल में रेफर करने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम रामगोपाल मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल पहुंची, तो यहां पर अस्पताल में पंजीकृत कोई डॉक्टर मौजूद नहीं मिले। इसके साथ ही अस्पताल के प्रबंधक डॉ. अनिल कुमार सिंह भी सूचना देने के काफी देर बाद पहुंचे। टीम ने अस्पताल प्रबंधन से दस्तावेज, नक्शा, बायोमेडिकल वेस्ट, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र मांगा, लेकिन प्रबंधक ने कोई दस्तावेज नहीं दिखाए। निरीक्षण में पाया कि अस्पताल में मरीजों को दिए जा रहे ओपीडी पर्चे पर लिखीं मल्टीस्पेशिलिटी सुविधाएं नहीं दी जा रही थीं। टीम को किसी भी डॉक्टर का ओपीडी रजिस्टर भी नहीं दिखाया गया। अस्पताल परिसर में संचालित मेडिकल स्टोर पर मुकेश पुत्र रामगोपाल बैठे थे। उन्होंने बताया कि वे हाइस्कूल तक पढ़े हैं। जबकि फार्मासिस्ट के रूप नियुक्त आशीष बिरथरे मौजूद नहीं मिले। टीम ने चिकित्सकों की गैर मौजूदगी, अग्निशमन का नवीनीकरण न होने, मरीजों की भर्ती फाइलें और नोट्स अपूर्ण मिलने पर अस्पताल को सील कर दिया। सीएमओ डॉ. जीके निगम ने बताया कि कमियां मिलने पर अस्पताल को सील किया गया है। अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों को दूसरे अस्पताल में रेफर करने के लिए कहा है।
लगातार हो रही अस्पतालों पर कार्रवाई
महानगर में स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार अस्पतालों पर कार्रवाई कर रही है। अब तक करीब चार अस्पतालों को सील किया जा चुका है। इन अस्पतालों मेें सुविधाओं के नाम पर मरीजों के साथ लूट की जा रही थी। लगातार हो रही कार्रवाई से अस्पताल संचालकों में हड़कंप मचा है।
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स्वास्थ्य विभाग की टीम रामगोपाल मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल पहुंची, तो यहां पर अस्पताल में पंजीकृत कोई डॉक्टर मौजूद नहीं मिले। इसके साथ ही अस्पताल के प्रबंधक डॉ. अनिल कुमार सिंह भी सूचना देने के काफी देर बाद पहुंचे। टीम ने अस्पताल प्रबंधन से दस्तावेज, नक्शा, बायोमेडिकल वेस्ट, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र मांगा, लेकिन प्रबंधक ने कोई दस्तावेज नहीं दिखाए। निरीक्षण में पाया कि अस्पताल में मरीजों को दिए जा रहे ओपीडी पर्चे पर लिखीं मल्टीस्पेशिलिटी सुविधाएं नहीं दी जा रही थीं। टीम को किसी भी डॉक्टर का ओपीडी रजिस्टर भी नहीं दिखाया गया। अस्पताल परिसर में संचालित मेडिकल स्टोर पर मुकेश पुत्र रामगोपाल बैठे थे। उन्होंने बताया कि वे हाइस्कूल तक पढ़े हैं। जबकि फार्मासिस्ट के रूप नियुक्त आशीष बिरथरे मौजूद नहीं मिले। टीम ने चिकित्सकों की गैर मौजूदगी, अग्निशमन का नवीनीकरण न होने, मरीजों की भर्ती फाइलें और नोट्स अपूर्ण मिलने पर अस्पताल को सील कर दिया। सीएमओ डॉ. जीके निगम ने बताया कि कमियां मिलने पर अस्पताल को सील किया गया है। अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों को दूसरे अस्पताल में रेफर करने के लिए कहा है।
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लगातार हो रही अस्पतालों पर कार्रवाई
महानगर में स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार अस्पतालों पर कार्रवाई कर रही है। अब तक करीब चार अस्पतालों को सील किया जा चुका है। इन अस्पतालों मेें सुविधाओं के नाम पर मरीजों के साथ लूट की जा रही थी। लगातार हो रही कार्रवाई से अस्पताल संचालकों में हड़कंप मचा है।
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