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Jhansi News: विनियमितीकरण की टूटी आस, मंडल के 67 तदर्थ शिक्षक हो गए अपात्र
Sat, 23 Mar 2024 04:35 PM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Sat, 23 Mar 2024 04:35 PM IST
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- समिति ने जालौन के 63, झांसी और ललितपुर के दो-दो शिक्षकों माना अपात्र
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में सालों से कार्यरत 63 तदर्थ शिक्षकों के विनियमित होने की उम्मीद टूट गई है। इन शिक्षकों को जिला स्तरीय समिति ने अपात्र घोषित कर दिया है। इसमें जालौन के 63, झांसी और ललितपुर के दो-दो शिक्षक शामिल हैं। इसके बाद शिक्षकों में मायूसी छाई हुई है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए तदर्थ शिक्षकों को तैनात किया गया था। इन शिक्षकों ने कई सालों तक अपनी सेवाएं विद्यालय को दीं। इस दौरान शिक्षकाें के वेतन से जीपीएफ, पेंशन की रकम की कटौती भी की गई। जब शिक्षकों ने विनयमितीकरण का मुद्दा उठाया तो सरकार ने मौन साध लिया।
बीती चार जनवरी 2023 को सरकार ने सभी तदर्थ शिक्षकों सेवा समाप्त कर दी। इसके बाद शिक्षकों ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। मामले में उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए सेवा समाप्ति पर रोक लगाई और सरकार को जिला स्तर पर समिति गठित कर तदर्थ शिक्षकों के प्रकरण का निस्तारण करने के निर्देश दिए।
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इसके बाद जिले में संयुक्त शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता में समिति गठित की गई। इसमें डीआईओएस, एडी बेसिक, डीडीआर को शामिल किया गया। समिति ने मंडल के तदर्थ शिक्षकों के प्रकरणों की जांच की तो पाया कि इनमें तमाम शिक्षक ऐसे थे जिनकी नियुक्ति में चयन प्रक्रिया का नियमत: पालन नहीं किया गया था। साथ ही कई तदर्थ शिक्षकों के स्थान पर शासन स्तर से दूसरे शिक्षकों को तैनात कर दिया गया। इस पर समिति ने जालौन के 63, झांसी और ललितपुर के दो-दो शिक्षक को अपात्र घोषित कर दिया।
इसे लेकर तदर्थ शिक्षकों में भी रोष है। तदर्थ शिक्षकों का कहना है कि आयोग द्वारा नए शिक्षक न भेजे जाने पर उन्हें बतौर शिक्षक नियुक्त किया गया था। तब से लेकर अब तक आयोग द्वारा कोई शिक्षक नहीं भेजे गए।
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वर्जन
तदर्थ शिक्षकों के विनियमितिकरण के लिए शासन द्वारा गठित समिति ने कई बैठकों के बाद प्रकरणों का निस्तारण किया है। इसमें 67 शिक्षक अपात्र घोषित किए गए हैं। मंडल में अब एक भी तदर्थ शिक्षक का विनियमितिकरण का प्रकरण शेष नहीं हैं। - प्रेम प्रकाश मौर्य, संयुक्त शिक्षा निदेशक
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झांसी। माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में सालों से कार्यरत 63 तदर्थ शिक्षकों के विनियमित होने की उम्मीद टूट गई है। इन शिक्षकों को जिला स्तरीय समिति ने अपात्र घोषित कर दिया है। इसमें जालौन के 63, झांसी और ललितपुर के दो-दो शिक्षक शामिल हैं। इसके बाद शिक्षकों में मायूसी छाई हुई है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए तदर्थ शिक्षकों को तैनात किया गया था। इन शिक्षकों ने कई सालों तक अपनी सेवाएं विद्यालय को दीं। इस दौरान शिक्षकाें के वेतन से जीपीएफ, पेंशन की रकम की कटौती भी की गई। जब शिक्षकों ने विनयमितीकरण का मुद्दा उठाया तो सरकार ने मौन साध लिया।
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बीती चार जनवरी 2023 को सरकार ने सभी तदर्थ शिक्षकों सेवा समाप्त कर दी। इसके बाद शिक्षकों ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। मामले में उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए सेवा समाप्ति पर रोक लगाई और सरकार को जिला स्तर पर समिति गठित कर तदर्थ शिक्षकों के प्रकरण का निस्तारण करने के निर्देश दिए।
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इसके बाद जिले में संयुक्त शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता में समिति गठित की गई। इसमें डीआईओएस, एडी बेसिक, डीडीआर को शामिल किया गया। समिति ने मंडल के तदर्थ शिक्षकों के प्रकरणों की जांच की तो पाया कि इनमें तमाम शिक्षक ऐसे थे जिनकी नियुक्ति में चयन प्रक्रिया का नियमत: पालन नहीं किया गया था। साथ ही कई तदर्थ शिक्षकों के स्थान पर शासन स्तर से दूसरे शिक्षकों को तैनात कर दिया गया। इस पर समिति ने जालौन के 63, झांसी और ललितपुर के दो-दो शिक्षक को अपात्र घोषित कर दिया।
इसे लेकर तदर्थ शिक्षकों में भी रोष है। तदर्थ शिक्षकों का कहना है कि आयोग द्वारा नए शिक्षक न भेजे जाने पर उन्हें बतौर शिक्षक नियुक्त किया गया था। तब से लेकर अब तक आयोग द्वारा कोई शिक्षक नहीं भेजे गए।
वर्जन
तदर्थ शिक्षकों के विनियमितिकरण के लिए शासन द्वारा गठित समिति ने कई बैठकों के बाद प्रकरणों का निस्तारण किया है। इसमें 67 शिक्षक अपात्र घोषित किए गए हैं। मंडल में अब एक भी तदर्थ शिक्षक का विनियमितिकरण का प्रकरण शेष नहीं हैं। - प्रेम प्रकाश मौर्य, संयुक्त शिक्षा निदेशक