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13 साल से अटकी हाइटैंशन लाइन की शिफ्टिंग
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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई पैरा मेडिकल कॉलेज के मेन गेट पर बिजली की छह हाईटेंशन लाइनें शिफ्टिंग का इंतजार पिछले 13 साल से कर रही हैं। लाइनें शिफ्ट नहीं होने के कारण मेन गेट बंद रहता है इसलिए छात्र- छात्राओं को घूमकर कॉलेज जाना पड़ता है। शासन के संज्ञान में मामला आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और आनन - फानन में जिलाधिकारी, एनएचएआई के तकनीकी प्रबंधक और बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
पैरा मेडिकल कॉलेज के मेन गेट के सामने बिजली की छह हाईटेंशन लाइनें निकली हुई हैं। यह कार्य 2008 का है, जो अब तक पूरा नहीं हो सका है। इस कारण कॉलेज का मेन गेट बंद रहता है और छात्र- छात्राओं को घूमकर दूसरे गेट से जाना पड़ता है। बुधवार को जिलाधिकारी आंद्रा वामसी के संज्ञान में मामला आने के बाद उन्होंने संबंधित विभागों को बुलाकर इस संबंध में समीक्षा की। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने निरीक्षण किया। विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता अभिनव कुमार ने बताया कि सड़क और पुल का निर्माण कार्य एनएचएआई द्वारा कराया गया है। विद्युत खभे और लाइन शिफ्ट करने के बाद सर्विस लेन भी एनएचएआई को बनानी थी। अब यह पत्रावलि देखने के बाद ही तय हो सकेगा कि क्यों नहीं बनाई गई। इसी तरह एनएचएआई के तकनीकी प्रबंधक राजीव पाठक ने बताया कि प्रोजेक्ट 2008 में कंपलीट कर दिया गया था, बिजली लाइन क्यों शिफ्ट नहीं की गई। यह पत्रावली का निरीक्षण करने के बाद ही बताया जा सकेगा
प्रभारी अधिकारी लविन भसीन ने बताया कि पैरा मेडिकल कॉलेज के मेन गेट पर बिजली के खंभे लगे होने के कारण वीआईपी मूवमेंट नहीं हो पाता है। मुख्यद्वार के बंद रहने के कारण हॉस्टल के छात्र-छात्राओं को मेडिकल कॉलेज जाने के लिए ढाई से तीन किलोमीटर का रास्ता तय करना पड़ता है। यदि कार्य कंपलीट हो जाए तो छात्र-छात्राआें और वाहनों को आने- जाने में सहूलियत हो जाएगी। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी शैलेंष कुमार, अधिशासी अभियंता डी यादवेंदु आदि मौजूद रहे।
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पैरा मेडिकल कॉलेज के मेन गेट के सामने बिजली की छह हाईटेंशन लाइनें निकली हुई हैं। यह कार्य 2008 का है, जो अब तक पूरा नहीं हो सका है। इस कारण कॉलेज का मेन गेट बंद रहता है और छात्र- छात्राओं को घूमकर दूसरे गेट से जाना पड़ता है। बुधवार को जिलाधिकारी आंद्रा वामसी के संज्ञान में मामला आने के बाद उन्होंने संबंधित विभागों को बुलाकर इस संबंध में समीक्षा की। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने निरीक्षण किया। विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता अभिनव कुमार ने बताया कि सड़क और पुल का निर्माण कार्य एनएचएआई द्वारा कराया गया है। विद्युत खभे और लाइन शिफ्ट करने के बाद सर्विस लेन भी एनएचएआई को बनानी थी। अब यह पत्रावलि देखने के बाद ही तय हो सकेगा कि क्यों नहीं बनाई गई। इसी तरह एनएचएआई के तकनीकी प्रबंधक राजीव पाठक ने बताया कि प्रोजेक्ट 2008 में कंपलीट कर दिया गया था, बिजली लाइन क्यों शिफ्ट नहीं की गई। यह पत्रावली का निरीक्षण करने के बाद ही बताया जा सकेगा
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प्रभारी अधिकारी लविन भसीन ने बताया कि पैरा मेडिकल कॉलेज के मेन गेट पर बिजली के खंभे लगे होने के कारण वीआईपी मूवमेंट नहीं हो पाता है। मुख्यद्वार के बंद रहने के कारण हॉस्टल के छात्र-छात्राओं को मेडिकल कॉलेज जाने के लिए ढाई से तीन किलोमीटर का रास्ता तय करना पड़ता है। यदि कार्य कंपलीट हो जाए तो छात्र-छात्राआें और वाहनों को आने- जाने में सहूलियत हो जाएगी। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी शैलेंष कुमार, अधिशासी अभियंता डी यादवेंदु आदि मौजूद रहे।
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