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Jhansi News: बुंदेलखंड में सबसे ज्यादा बांध...फिर भी अधूरी झांसी की प्यास

Tue, 07 May 2024 04:09 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 07 May 2024 04:09 AM IST
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Highest number of dams in Bundelkhand...still Jhansi's thirst unfulfilled
घर-घर पाइप लाइन न होने से गर्मियों में नहीं मिल पाता लोगों को पानी
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हिमांशु पांडेय
झांसी। सूबे में सबसे ज्यादा 11 बांध बुंदेलखंड में हैं। इन बांधों में पानी का इतना विशाल भंडार है कि झांसी और ललितपुर के लोगों की प्यास अगले 29 साल तक आसानी से बुझाई जा सकती है। मगर बुंदेलखंड वाले फिर भी प्यासे हैं। बांधों से जिले के नगरीय इलाकों और शहर तक पाइपलाइन न होने से पानी घराें तक नहीं पहुंच पाता। इसके चलते यहां रोज पानी के लिए सुबह से ही जद्दोजहद होती है। गर्मियों में तो यहां पानी का संकट इस हद तक पहुंच जाता है कि लोगों में झगड़े तक हो जाते हैं। अगर सिस्टम इन बांधों को पाइपलाइन से जोड़ दे तो झांसी की जनता का बड़ा संकट दूर हो सकता है।
दरअसल झांसी और ललितपुर में पाइपलाइन के सहारे जलापूर्ति की व्यवस्था बेहतर नहीं है। जलसंस्थान चुनिंदा जगहों पर ही पाइपलाइन के माध्यम जलापूर्ति कर रहा है। अधिकांश जगहों पर भूगर्भ जल के सहारे ही जलापूर्ति होती है। गर्मियां शुरू होते ही पानी पत्थरों के नीचे चला जाता है और पानी की किल्लत मच जाती है। यहां टैंकरों के जरिये पानी पहुंचाना पड़ता है।
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वहीं, आंकड़ों पर नजर डालें तो बुंदेलखंड के बांध पानी से लबालब हैं। सिंचाई विभाग के आंकड़ों के मुताबिक मंडल के 11 बांधों में कुल 1628 मिलियन घन मीटर (4460 एमएलडी) पानी स्टोर है। जबकि झांसी एवं ललितपुर को पीने के लिए हर साल 150 एमएलडी पानी की ही सालाना जरूरत होती है। बांधों में इतना पानी है कि इससे झांसी और ललितपुर की मौजूदा आबादी की 29 साल तक प्यास बुझाई जा सकती है। हालांकि बांध के पानी का इस्तेमाल सिंचाई के लिए भी होता है।
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जल निगम के अधिशासी अभियंता मुकेश पाल का कहना है कि महानगर पेयजल योजना समेत अन्य नई पेयजल योजनाओं के जरिए घर-घर पाइप लाइन बिछाई जा रही है। इसके सहारे आने वाले समय में पीने के पानी की समस्या दूर की जाएगी।


इनसेट
हर घर जल योजना से बुझेगी प्यास
जल जीवन मिशन, अमृत योजना एवं हर घर नल योजना के सहारे झांसी के गांवों तक पाइपलाइन बिछाई जा रही है। इसकी मदद से आने वाले समय में बांध के पानी का इस्तेमाल पीने में भी किया जा सकेगा। जल जीवन मिशन के जरिये गुलारा, बचावली, तिलैथा, बुढ़पुरा, हमलौठा, बरथरी, टेहरका, कुरेछा, पुरवा एवं बढ़वार की जल परियोजनाओं से 648 गांवों के 209673 घरों तक सीधे पीने का पानी पहुंचाया जाना है।

इनसेट
मंडल के बांधों में इतना पानी

बांध का नाम जलाशय में उपलब्ध पानी (मिलियन घन मीटर में)
राजघाट बांध 1205
चौधरी चरण सिंह माताटीला 243
सुकुवां-ढुकुवां 37
पारीछा 75
डोंगरी 7
पहूंज 8
खपरार 1
सपरार 19
पहाड़ी 7
लहचूरा 8
बड़वार 18
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