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एबीवीपी में छात्रों को दायित्वों के साथ दी जाती जिम्मेदारी
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पैरामेडिकल कॉलेज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं ने परिसर में निकाली शोभायात्र?
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झांसी। एबीवीपी के 59वें प्रांत अधिवेशन का तीसरे दिन संगठन व समाज में छात्राआें की भूमिका पर केंद्रित रहा। इस दौरान संगठन की राष्ट्रीय छात्रा प्रमुख ममता यादव ने कहा कि छात्र शक्ति की जब भी बात होती है तो इसमें छात्राएं शामिल होती हैं। अक्सर ऐसा माना जाता है कि जन-जन जागरण का कार्य पुरुष तक ही सीमित है। एबीवीपी में छात्राओं को दायित्वों के साथ जिम्मेदारी दी जाती है, जिससे वह घर, परिवार, समाज व राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा सकें।
उन्होंने स्त्री विमर्श और युवा विषय पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत भूमि ऐसी वीरांगनाओं के इतिहास से भरी पड़ी है, जब स्त्री शक्ति ने बताया है कि साहस और बल में वे किसी से कम नहीं हैं। स्त्री पुरुष को पूर्णत्व प्रदान करती है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचार ‘हमारी संस्कृति का शाश्वत नियम है कि स्त्री और पुरुष परस्पर परावलंबी है। प्रथम सत्र में रमेश गड़िया ने कहा कि संगठन निश्चित विचार, उद्देश्य और सिद्धांतों को लेकर आगे बढ़ रहा है। आज देश में बढ़ रही समस्याओं के लिए लाखों छात्र कार्यकर्ताओं की आवश्यकता है। एक बेहतर कार्यकर्ता को तैयार करने के लिए हमें ऐसे लोगों के जीवन से सीखना चाहिए, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी सफलता पाई है। छात्रों को संगठन से जोड़ने के लिये विद्यार्थी परिषद् का मंत्र है, जैसा है वैसा लेंगे और जैसे चाहेंगे, वैसा बनाएंगे।
इसके अलावा एबीवीपी के 16 जिलों के लगभग 1200 कार्यकर्ताओं ने पैरामेडिकल कॉलेज परिसर में रैली निकाली। ज्ञान शील एकता, परिषद की विशेषता, झांसी हो या गुहाटी, अपना देश अपनी माटी, फूल नहीं ये नारी है ये भारत की चिंगारी है आदि नारों के साथ रैली निकाली। इस दौरान एबीवीपी की अखिल भारतीय राज्य विश्वविद्यालय कार्य प्रमुख श्रीहरि बोरिकर, निवर्तमान प्रदेश मंत्री प्रवीण लखेरा, प्रदेश संगठन मंत्री कमलनयन, पूर्व प्रांत अध्यक्ष वरुण सिंह, प्रांत छात्रा प्रमुख अंजू गुप्ता, विभाग संगठन मंत्री अजय यादव, प्रांत उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह, महानगर उपाध्यक्ष मानवेंद्र सेंगर, महानगर मंत्री सौरभ बग्गम, व्यवस्था प्रमुख प्रसन्न जैन, सह व्यवस्था प्रमुख मनेंद्र सिंह, सुधीर कुमार, वेद श्रीवास्तव, अमित चिरवरिया, प्रियांशु पटैरिया, अजय तिवारी, अजय उत्तम पटेल, दिनेश कुमार, विकास नायक, सक्षम नायक, यश राज, वेद श्रीवास्तव, पंकज शर्मा, संस्कृति गिरवासिया मौजूद रहीं।
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उन्होंने स्त्री विमर्श और युवा विषय पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत भूमि ऐसी वीरांगनाओं के इतिहास से भरी पड़ी है, जब स्त्री शक्ति ने बताया है कि साहस और बल में वे किसी से कम नहीं हैं। स्त्री पुरुष को पूर्णत्व प्रदान करती है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचार ‘हमारी संस्कृति का शाश्वत नियम है कि स्त्री और पुरुष परस्पर परावलंबी है। प्रथम सत्र में रमेश गड़िया ने कहा कि संगठन निश्चित विचार, उद्देश्य और सिद्धांतों को लेकर आगे बढ़ रहा है। आज देश में बढ़ रही समस्याओं के लिए लाखों छात्र कार्यकर्ताओं की आवश्यकता है। एक बेहतर कार्यकर्ता को तैयार करने के लिए हमें ऐसे लोगों के जीवन से सीखना चाहिए, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी सफलता पाई है। छात्रों को संगठन से जोड़ने के लिये विद्यार्थी परिषद् का मंत्र है, जैसा है वैसा लेंगे और जैसे चाहेंगे, वैसा बनाएंगे।
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इसके अलावा एबीवीपी के 16 जिलों के लगभग 1200 कार्यकर्ताओं ने पैरामेडिकल कॉलेज परिसर में रैली निकाली। ज्ञान शील एकता, परिषद की विशेषता, झांसी हो या गुहाटी, अपना देश अपनी माटी, फूल नहीं ये नारी है ये भारत की चिंगारी है आदि नारों के साथ रैली निकाली। इस दौरान एबीवीपी की अखिल भारतीय राज्य विश्वविद्यालय कार्य प्रमुख श्रीहरि बोरिकर, निवर्तमान प्रदेश मंत्री प्रवीण लखेरा, प्रदेश संगठन मंत्री कमलनयन, पूर्व प्रांत अध्यक्ष वरुण सिंह, प्रांत छात्रा प्रमुख अंजू गुप्ता, विभाग संगठन मंत्री अजय यादव, प्रांत उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह, महानगर उपाध्यक्ष मानवेंद्र सेंगर, महानगर मंत्री सौरभ बग्गम, व्यवस्था प्रमुख प्रसन्न जैन, सह व्यवस्था प्रमुख मनेंद्र सिंह, सुधीर कुमार, वेद श्रीवास्तव, अमित चिरवरिया, प्रियांशु पटैरिया, अजय तिवारी, अजय उत्तम पटेल, दिनेश कुमार, विकास नायक, सक्षम नायक, यश राज, वेद श्रीवास्तव, पंकज शर्मा, संस्कृति गिरवासिया मौजूद रहीं।
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