{"_id":"5da4d8c88ebc3e93b85d2de7","slug":"gujrati-lamp-make-beutifull-our-home-jhansi-news-jhs150333776","type":"story","status":"publish","title_hn":"घरों की खूबसूरती में चार चांद लगाने आए गुजराती लैंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घरों की खूबसूरती में चार चांद लगाने आए गुजराती लैंप
विज्ञापन
दिपावली के लिए सजी दुकानों पर गृहसज्जा के सामानों की खूब खरीदारी हो रही है।
घरों की खूबसूरती में चार-चांद लगाएंगे ‘गुजराती लैंप’
झांसी। दीपावली के मौके पर घर को सजाने के लिए कई तरह के उत्पाद अभी से बाजार में मिलने लगे हैं। गुजरात के बने लैंप अपनी खूबसूरती के चलते आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इसी तरह फूलों की झालर एवं बंदनवार व हैंगिंग लैंप की भी जोरदार मांग है।
दीपावली पर घर एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को खूबसूरत अंदाज में सजाने का चलन रहा है। रंग-रोगन के अलावा घर एवं दुकानों की भीतरी सजावट पर भी खासा ध्यान दिया जाता है। इसकी तैयारियां भी शुरू कर दी जाती हैं। महानगर के सुभाषगंज, शहर, सदर बाजार समेत कई इलाकों में सजावटी वस्तुओं की बिक्री करने वाली दुकानों में भीड़ देखने को मिल रही है। लोग अपनी पसंद के मुताबिक सजावटी सामान तलाश रहे हैं।
सुभाषगंज के कारोबारी सौरभ सहगल ने बताया कि लोगों को हैंगिंग लैंप सबसे अधिक पसंद आ रहे। घरों के बाहर सजाए जाने वाले यह लैंप कई डिजाइनों में मौजूद हैं। व्यवसायियों के मुताबिक गुजरात में बने इन लैंपों की अधिकतम कीमत 250 रुपये है। अधिक महंगा न होने से लोग इनको खासी तरजीह दे रहे हैं। इसी तरह नई डिजाइन के बंदनवार एवं फूलों की झालर भी गुजरात से आई हैं। सुभाषगंज की थोक दुकानोें में यह बंदनवार 17 रुपये से लेकर 560 रुपये कीमत तक मौजूद है। चटकीले रंग के फूलों की झालर अधिकतम 180 रुपये की दर से बिक रही है।
विज्ञापन
मंदिरों में सजने वाली मोतियों की माला की भी मांग देखने को मिल रही है। सफेद, नीले, सुनहरे रंग की खूबसूरत मोतियों से बनी माला कई डिजाइन में मौजूद हैं। गुणवत्ता एवं आकृति के आधार पर 20 रुपये से 600 रुपये की दर से बेंची जा रही हैं। जरी एवं रेशमी मालाओं को भी लोग पसंद कर रहे हैं।
विज्ञापन
झांसी। दीपावली के मौके पर घर को सजाने के लिए कई तरह के उत्पाद अभी से बाजार में मिलने लगे हैं। गुजरात के बने लैंप अपनी खूबसूरती के चलते आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इसी तरह फूलों की झालर एवं बंदनवार व हैंगिंग लैंप की भी जोरदार मांग है।
दीपावली पर घर एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को खूबसूरत अंदाज में सजाने का चलन रहा है। रंग-रोगन के अलावा घर एवं दुकानों की भीतरी सजावट पर भी खासा ध्यान दिया जाता है। इसकी तैयारियां भी शुरू कर दी जाती हैं। महानगर के सुभाषगंज, शहर, सदर बाजार समेत कई इलाकों में सजावटी वस्तुओं की बिक्री करने वाली दुकानों में भीड़ देखने को मिल रही है। लोग अपनी पसंद के मुताबिक सजावटी सामान तलाश रहे हैं।
विज्ञापन
सुभाषगंज के कारोबारी सौरभ सहगल ने बताया कि लोगों को हैंगिंग लैंप सबसे अधिक पसंद आ रहे। घरों के बाहर सजाए जाने वाले यह लैंप कई डिजाइनों में मौजूद हैं। व्यवसायियों के मुताबिक गुजरात में बने इन लैंपों की अधिकतम कीमत 250 रुपये है। अधिक महंगा न होने से लोग इनको खासी तरजीह दे रहे हैं। इसी तरह नई डिजाइन के बंदनवार एवं फूलों की झालर भी गुजरात से आई हैं। सुभाषगंज की थोक दुकानोें में यह बंदनवार 17 रुपये से लेकर 560 रुपये कीमत तक मौजूद है। चटकीले रंग के फूलों की झालर अधिकतम 180 रुपये की दर से बिक रही है।
विज्ञापन
मंदिरों में सजने वाली मोतियों की माला की भी मांग देखने को मिल रही है। सफेद, नीले, सुनहरे रंग की खूबसूरत मोतियों से बनी माला कई डिजाइन में मौजूद हैं। गुणवत्ता एवं आकृति के आधार पर 20 रुपये से 600 रुपये की दर से बेंची जा रही हैं। जरी एवं रेशमी मालाओं को भी लोग पसंद कर रहे हैं।