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बेटी की तैयारियों की शादी में लगे थे वनमाली
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झांसी। कोतवाली क्षेत्र के बाहर बड़ागांव गेट स्थित ढिमरयाना मुहल्ले में रहने वाले वाणिज्यकर संविदा कर्मी वनमाली रायकवार की मौत से उनके परिवार में खुशी के बीच मातम पसर गया है। हत्या से पूर्व वनमाली अपने बड़े बेटे नितिन की शादी की तैयारियों में लगे थे। उनके बेटे की शादी 21 फरवरी को है।
कोतवाली क्षेत्र के बाहर बड़ागांव गेट स्थित ढिमरयाना मुहल्ला निवासी वनमाली की चार संतानें हैं। इनमें दो बेटी और दो बेटे हैं। बड़ी बेटी सोनम की सीपरी बाजार में ससुराल है। जबकि, दूसरे नंबर के बेटे नितिन की 21 फरवरी को शादी है। उसकी सगाई उरई हो गई है। घर के पास ही उनके दो छोटे भाई बृजकिशोर व नंदकिशोर अपने परिवार के साथ रहते हैं। वनमाली की आदत में था वह रात में खाना खाने से पहले घर के पास ही बने पैतृक मंदिर में जाकर पूजा करते थे। हालांकि, जिस कमरे में मंदिर बना है उसमें ताला डला है। इस कारण वह कमरे के बाहर ही अगरबत्ती व अन्य सामग्री से पूजा कर लेते थे। पूजा वाला कमरा उनके ताऊ के पुत्र के हिस्से में है जो अब भेल में परिवार के साथ रहने लगे हैं। वनमाली अपने भाइयों और परिवार के साथ सीमित संसाधनों में शांतिप्रिय सुखमय जीवन जी रहे थे। इन दिनों वह बेटे की शादी की तैयारियों में लगे थे।
यही बात मुहल्ले के कुछ लोगों को खटकती थी। रविवार की रात करीब आठ बजे वनमाली जब पूजा कर रहे थे, तभी मुहल्ले के नरेशन, छोटा उर्फ जगन्नाथ और धर्मेंद्र ने पटिये से हत्या कर दी थी। वहीं, पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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कोतवाली क्षेत्र के बाहर बड़ागांव गेट स्थित ढिमरयाना मुहल्ला निवासी वनमाली की चार संतानें हैं। इनमें दो बेटी और दो बेटे हैं। बड़ी बेटी सोनम की सीपरी बाजार में ससुराल है। जबकि, दूसरे नंबर के बेटे नितिन की 21 फरवरी को शादी है। उसकी सगाई उरई हो गई है। घर के पास ही उनके दो छोटे भाई बृजकिशोर व नंदकिशोर अपने परिवार के साथ रहते हैं। वनमाली की आदत में था वह रात में खाना खाने से पहले घर के पास ही बने पैतृक मंदिर में जाकर पूजा करते थे। हालांकि, जिस कमरे में मंदिर बना है उसमें ताला डला है। इस कारण वह कमरे के बाहर ही अगरबत्ती व अन्य सामग्री से पूजा कर लेते थे। पूजा वाला कमरा उनके ताऊ के पुत्र के हिस्से में है जो अब भेल में परिवार के साथ रहने लगे हैं। वनमाली अपने भाइयों और परिवार के साथ सीमित संसाधनों में शांतिप्रिय सुखमय जीवन जी रहे थे। इन दिनों वह बेटे की शादी की तैयारियों में लगे थे।
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यही बात मुहल्ले के कुछ लोगों को खटकती थी। रविवार की रात करीब आठ बजे वनमाली जब पूजा कर रहे थे, तभी मुहल्ले के नरेशन, छोटा उर्फ जगन्नाथ और धर्मेंद्र ने पटिये से हत्या कर दी थी। वहीं, पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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