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गर्भावस्था में नहीं रखा ख्याल, 11 महीने में 85 माओं ने गंवाई जान

Sun, 11 Apr 2021 02:16 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 11 Apr 2021 02:16 AM IST
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यह आंकड़े चौकाने वाले है। - फोटो : ???? ????
टैग: राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस पर विशेष
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गर्भावस्था में नहीं रखा ख्याल, 11 महीने में 85 माताओं ने गंवाई जान
झांसी। गर्भावस्था के दौरान ख्याल नहीं रखने पर पिछले 11 महीने में 85 माताओं ने अपनी जान गंवा दी। ज्यादातर की जान प्रसव के दौरान अधिक रक्तस्राव के दौरान हुई है। वर्ष 2020-21 में संभावित 65 हजार गर्भवती महिलाओं में 43,615 पंजीकृत हुईं, इनमें से 251 महिलाओं का प्रसव घर पर कराया गया।
कोरोना एक बार फिर पांव पसार रहा है। कोविड से बचाव के व्यवहार को अपनाकर, समय से जांच, बेहतर खानपान और उचित दवाइयों के साथ ही सुरक्षित मातृत्व की कल्पना की जा सकती है। गर्भवती की समुचित देखभाल और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के प्रति जागरूकता लाने के लिए हर साल 11 अप्रैल को राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया जाता है। स्वास्थ्य विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2020 से फरवरी 2021 के बीच 85 माताओं ने अपनी जान गंवा दी थी। यही नहीं वर्ष 2020-21 में संभावित 65 हजार गर्भवती महिलाओं में 43,615 पंजीकृत हुईं, जिसमें से 37,507 महिलाओं ने अपनी संपूर्ण जांच कराई और 39,701 महिलाओं ने आयरन की गोलियां खाईं।
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इनमें 251 महिलाएं ऐसी भी थीं, जिनका प्रसव घर पर कराया गया। यह आंकड़े बताते हैं कि कहीं न कहीं गर्भवती की सुरक्षा और उनके सुरक्षित प्रसव के लिए आज भी गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
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वर्जन..
गर्भवती को गर्भावस्था के दौरान तीन बार संपूर्ण जांच करना अनिवार्य है। इस समय कोविड की जांच भी जरूरी है। जटिलता की स्थिति में अच्छे स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श जरूरी है। ऐसे में डॉक्टर के सुझाव को पूरी तरह से अमल में लाकर, अस्पताल में ही प्रसव कराने से सुरक्षित प्रसव कराया जा सकता है। इससे शिशु और मातृ मृत्युदर को काफी हद तक कम किया जा सकता है। - डॉ. एनके जैन, एसीएमओ।

प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) के महत्व को गर्भवती और उसके परिजनों को समझना जरूरी है। महिला गर्भवती होने की पुष्टि के साथ उसकी पहली जांच जरूर कराएं। इस समय पहला टीटी का टीका भी लगता है। चार से पांच माह में दूसरी संपूर्ण जांच जरूर कराएं। प्रसव के पहले सात-आठ महीने में तीसरी संपूर्ण जांच कराएं। - डॉ. गरिमा पुरोहित, स्त्री रोग विशेषज्ञ।
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