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Jhansi News: बीडा के विकास पर शासन की नजर... हर गतिविधि की ली जा रही खबर
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) की स्थापना के लिए स्थानीय स्तर पर की जा रही कार्यवाही पर शासन की नजरें भी जमीं हुईं हैं। अधिकारियों को यहां से प्रति सप्ताह शासन को रिपोर्ट भेजनी पड़ रही है। साथ ही सप्ताह में एक बार ऑनलाइन बैठक भी हो रही है, जिसमें लखनऊ से भी अधिकारी जुड़ते हैं। बैठक में 10 बिंदुओं पर प्रगति की आख्या बताई जाती है।
झांसी सदर तहसील के 33 गांवों की 14,225 हेक्टेअर जमीन पर बीडा विकसित किया जा रहा है। इसके लिए जमीन लेने की कार्यवाही तेजी से जारी है। प्रशासन की ओर से 21 गांवों का नोटिफिकेशन भी जारी किया जा चुका है। बीडा के विकास के लिए यहां होने वाली हर गतिविधि पर शासन भी नजर बनाए हुए है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि प्रदेश के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त की ओर से प्रत्येक सप्ताह के सोमवार को स्थानीय अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक की जा रही है, जिसमें अधिकारियों को बीडा के लिए ली जा रही जमीन को लेकर जारी कार्यवाही की प्रगति रिपोर्ट देनी होती है। इसके अलावा हर रविवार को अधिकारियों को 10 बिंदु पर रिपोर्ट भी भेजनी पड़ती है। प्रगति को लेकर शासन की ओर से लगातार दिशा निर्देश भी जारी किए जा रहे हैं।
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धड़ाधड़ हो रहा आपत्तियों का निस्तारण
बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण के लिए चिह्नित 21 गांवों का नोटिफिकेशन जारी कर ग्रामीणों से आपत्तियां मांगी गईं थीं। इन गांवों के लिए अब तक 1200 ग्रामीण अपनी आपत्ति दर्ज करा चुके हैं। ज्यादातर आपत्तियां जमीन पर पेड़, कुआं आदि को छूटने, काश्तकार का नाम छूटने आदि को लेकर हैं। राजस्व विभाग की टीम द्वारा आपत्तियों का तेजी से निस्तारण किया जा रहा है।
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फोटो-- --
बीडा के विकास को लेकर शासन का रुख बेहद गंभीर है। शासन की ओर से इसकी प्रगति की आख्या प्रति सप्ताह ली जा रही है। इसके अलावा ग्रामीणों की ओर से आ रहीं आपत्तियों का भी तेजी से निस्तारण किया जा रहा है। - वरुण कुमार पांडेय, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)
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झांसी। बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) की स्थापना के लिए स्थानीय स्तर पर की जा रही कार्यवाही पर शासन की नजरें भी जमीं हुईं हैं। अधिकारियों को यहां से प्रति सप्ताह शासन को रिपोर्ट भेजनी पड़ रही है। साथ ही सप्ताह में एक बार ऑनलाइन बैठक भी हो रही है, जिसमें लखनऊ से भी अधिकारी जुड़ते हैं। बैठक में 10 बिंदुओं पर प्रगति की आख्या बताई जाती है।
झांसी सदर तहसील के 33 गांवों की 14,225 हेक्टेअर जमीन पर बीडा विकसित किया जा रहा है। इसके लिए जमीन लेने की कार्यवाही तेजी से जारी है। प्रशासन की ओर से 21 गांवों का नोटिफिकेशन भी जारी किया जा चुका है। बीडा के विकास के लिए यहां होने वाली हर गतिविधि पर शासन भी नजर बनाए हुए है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि प्रदेश के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त की ओर से प्रत्येक सप्ताह के सोमवार को स्थानीय अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक की जा रही है, जिसमें अधिकारियों को बीडा के लिए ली जा रही जमीन को लेकर जारी कार्यवाही की प्रगति रिपोर्ट देनी होती है। इसके अलावा हर रविवार को अधिकारियों को 10 बिंदु पर रिपोर्ट भी भेजनी पड़ती है। प्रगति को लेकर शासन की ओर से लगातार दिशा निर्देश भी जारी किए जा रहे हैं।
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धड़ाधड़ हो रहा आपत्तियों का निस्तारण
बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण के लिए चिह्नित 21 गांवों का नोटिफिकेशन जारी कर ग्रामीणों से आपत्तियां मांगी गईं थीं। इन गांवों के लिए अब तक 1200 ग्रामीण अपनी आपत्ति दर्ज करा चुके हैं। ज्यादातर आपत्तियां जमीन पर पेड़, कुआं आदि को छूटने, काश्तकार का नाम छूटने आदि को लेकर हैं। राजस्व विभाग की टीम द्वारा आपत्तियों का तेजी से निस्तारण किया जा रहा है।
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बीडा के विकास को लेकर शासन का रुख बेहद गंभीर है। शासन की ओर से इसकी प्रगति की आख्या प्रति सप्ताह ली जा रही है। इसके अलावा ग्रामीणों की ओर से आ रहीं आपत्तियों का भी तेजी से निस्तारण किया जा रहा है। - वरुण कुमार पांडेय, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)