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सरकारी होटल की आमदनी हुई शून्य, कर्मचारी वेतन को तरस रहे
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झांसी। कोरोना काल में पर्यटन और होटल कारोबार को तगड़ी चोट दी है। सरकारी होटल की आमदनी तक शून्य हो गई है। हालात यह हैं कि आमदनी नहीं होने से कर्मचारी वेतन को तरस रहे हैं। पर्यटक नहीं आने से होटल की व्यवस्थाएं भी सुचारू नहीं हो पा रही ह्रैं।
उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड की ओर से संचालित किए जाने वाले होटल राही वीरांगना में कार्यरत कर्मचारियों को छह माह से वेतन नहीं दिया गया है। जिसके चलते कर्मचारी आर्थिक परेशानी के दौर से गुजर रहें हैं। कई बार गुहार लगाने के बाद भी कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। संक्रमण की दूसरी लहर के हमलावर होते ही होटल राही वीरांगना को जिला प्रशासन ने क्वारंटीन सेंटर बना दिया था। इस दौरान होटल को 18 अप्रैल से 30 मई तक लगभग डेढ़ महीने तक क्वारंटीन सेंटर रहा था। नियमानुसार होटल से कमाई जाने वाली रकम से ही होटल कर्मचारियों को वेतन दिया जाता है। लेकिन कोविड काल के दौरान होटल में बंद रहने के कारण होटल की आमदनी शून्य हो गई। जिसके चलते होटल कर्मचारियों को अब तक वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। वेतन की मांग के लिए कई बार लखनऊ स्थित निदेशालय से पत्राचार भी किया गया है। लेकिन कोई भी कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। जिसका खमियाजा होटल कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है।
इस संबंध में होटल मैनेजर तारिक अजीज सिद्दीकी ने बताया कि कर्मचारियों का अप्रैल माह से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। वेतन के भुगतान के लिए निदेशालय से पत्राचार किया जा रहा है।
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उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड की ओर से संचालित किए जाने वाले होटल राही वीरांगना में कार्यरत कर्मचारियों को छह माह से वेतन नहीं दिया गया है। जिसके चलते कर्मचारी आर्थिक परेशानी के दौर से गुजर रहें हैं। कई बार गुहार लगाने के बाद भी कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। संक्रमण की दूसरी लहर के हमलावर होते ही होटल राही वीरांगना को जिला प्रशासन ने क्वारंटीन सेंटर बना दिया था। इस दौरान होटल को 18 अप्रैल से 30 मई तक लगभग डेढ़ महीने तक क्वारंटीन सेंटर रहा था। नियमानुसार होटल से कमाई जाने वाली रकम से ही होटल कर्मचारियों को वेतन दिया जाता है। लेकिन कोविड काल के दौरान होटल में बंद रहने के कारण होटल की आमदनी शून्य हो गई। जिसके चलते होटल कर्मचारियों को अब तक वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। वेतन की मांग के लिए कई बार लखनऊ स्थित निदेशालय से पत्राचार भी किया गया है। लेकिन कोई भी कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। जिसका खमियाजा होटल कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है।
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इस संबंध में होटल मैनेजर तारिक अजीज सिद्दीकी ने बताया कि कर्मचारियों का अप्रैल माह से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। वेतन के भुगतान के लिए निदेशालय से पत्राचार किया जा रहा है।
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