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अलविदा 2024 : झुलसी साख, 1.57 लाख सर्जरी कर कायम रखी धाक

Fri, 20 Dec 2024 02:08 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 20 Dec 2024 02:08 AM IST
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Goodbye 2024: Scorched reputation, maintained momentum by doing 1.57 lakh surgeries

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अमर उजाला ब्यूरो



झांसी। आग से नवजातों की मौत। लचर व्यवस्था। संसाधनों की कमी। जाते हुए साल में लापरवाही की लपटों में मेडिकल कॉलेज की साख झुलस गई। लेकिन, यह संस्थान इस साल 6.3 लाख मरीजों का इलाज कर और 1.57 लाख रोगियों के ऑपरेशन कर बुंदेलखंड की जीवनरेखा बना हुआ है।

महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में झांसी के अलावा ललितपुर, जालौन, उरई, इटावा, चित्रकूट, महोबा समेत मध्यप्रदेश के शिवपुरी, टीकमगढ़, दतिया आदि जगह से गंभीर रोगी उपचार के लिए आते हैं। रोजाना करीब 2500 रोगी यहां इलाज कराने आते हैं।
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इस साल के आंकड़े देखें तो मेडिकल कॉलेज में एक जनवरी से अब तक करीब 6.3 लाख रोगी उपचार के लिए आ चुके हैं। 52 हजार से ज्यादा रोगियों का भर्ती करके उपचार हुआ है। इसमें से 80 फीसदी मरीज स्वस्थ होकर घर चले गए। 10 फीसदी रोगियों को उच्च चिकित्सा के लिए रेफर करना पड़ा। पांच फीसदी रोगियों का उपचार चल रहा है और शेष पांच फीसदी रोगियों को बचाया नहीं जा सका। यही नहीं, अब तक एक 1.02 लाख छोटे ऑपरेशन और 55 हजार जटिल ऑपरेशन किए गए हैं।
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आग ने लगाया दाग



15 नवंबर की रात 10:20 बजे शाॅर्ट सर्किट से एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबोर्न केयर यूनिट) में आग लग गई। 10 नवजातों की झुलसने से मौत हो गई। आग से बचाए गए नौ नवजातों ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक किंजल सिंह आदि के दौरे हुए और जांचें हुईं। मृत नवजातों के परिजन को सरकार ने सहायता राशि दी, लेकिन जिस भी मां ने अपने नवजात को खो दिया, उसको जिंदगीभर दर्द रहेगा। मेडिकल कॉलेज के इतिहास में भी 15 नवंबर 2024 की रात काले अक्षरों में दर्ज हो गई है।

सेंट्रल लैब को मिला एनएबीएल का तमगा



मेडिकल काॅलेज में जांचों की व्यवस्था गुणवत्तापूर्ण रही। इसकी वजह से सेंट्रल लैब को एनएबीएल का तमगा मिला। वहीं, न्यू सर्जरी विभाग और न्यूरो मेडिसिन विभाग को डीएम की पांच-पांच सीटें मिली हैं, जो बड़ी उपलब्धि है। मस्तिष्क की सर्जरी और उपचार के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। एनेस्थीसिया विभाग में एमडी की सीटें 10 से बढ़कर 13 हो गई हैं। मेडिसिन विभाग में तीन सीट बढ़ने से कुल 14 सीट हो गई हैं।




शुरू नहीं हो पाया 500 बेड का अस्पताल

मेडिकल कॉलेज में 500 बेड का अस्पताल बनकर तैयार हो गया है, जिसके शुरू होने की काफी उम्मीद थी, लेकिन यह शुरू नहीं हो सका है। सूत्रों की मानें तो आगामी 6 माह में भी इसके शुरू होने की उम्मीद नहीं है।
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